भारत से चावल के निर्यात में बढ़ोतरी की अच्छी संभावना: रिपोर्ट

भारत से चावल के निर्यात में बढ़ोतरी की अच्छी संभावना: रिपोर्ट

लखनऊ। चीन का बाजार खुलने और परंपरागत बाजारों का अच्छा समर्थन बने रहने से भारत से चावल का निर्यात 2018-19 में तेज होने की संभावना है। अमरीकी कंपनी ड्रिप कैपिटल्स की एक रिपोर्ट में यह अनुमान लगाया गया है। ड्रिप कैपिटल्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले कुछ महीनों में चावल के निर्यात में 'वार्षिक मौसमी' गिरावट आने के बावजूद 2018-19 में चावल का निर्यात कुल मिला कर अच्छा रहेगा।

कंपनी के सह-संस्थापक एवं सह-मुख्य कार्यपालक अधिकारी पुष्कर मुकेवर ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा कि आने वाले महीनों में भारतीय चावल के लिए कतर, यमन और इस्रायल जैसे पश्चिम एशियाई देश तथा फिलीपींस, केन्या और यूक्रेन जैसे देश संभावित बाजार हो सकते हैं। इसी तरह भारत से चीन के लिए गैर बासमती चावल का निर्यात शुरू हो सकता है।

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रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन के बाजार का खुलना एक बड़ा अवसर है पर इसका पूरा लाभ लम्बी अवधि में ही मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों में चावल निर्यात में कमी आने के बाद भी यह चिंता का विषय नहीं है। उन्होंने कहा कि चीन को गैर-बासमती चावल का निर्यात बढ़ने के साथ ही नये बाजार से मांग आने से आने वाले समय में इसमें वृद्धि दर्ज की जाएगी।

मुकेवर ने कहा, "हमारे आंकड़ों के अनुसार भारत ने चालू तिमाही में नवंबर महीने तक 18.3 करोड़ अमेरिकी डॉलर के मूल्य का चावल निर्यात किया है। पश्चिमी एशियाई देशों की मांग बढ़ने और चीन को अधिक मात्रा में गैर-बासमती चावल का निर्यात होने से भारतीय चावल के निर्यातकों को आने वाले समय में कारोबार बढ़ने की उम्मीद है।

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कुल मिला कर सितंबर के अंत तक चावल का निर्यात बढ़कर 6.87 अरब डॉलर का रहा जबकि एक साल पहले इसी अवधि में निर्यात 5.8 अरब डॉलर का था। हालांकि, उन्होंने कहा कि यदि निर्यातकों को आवश्यक ऋण उपलब्ध नहीं हुआ तो इस अवसर का सही लाभ नहीं उठाया जा सकेगा।

(भाषा से इनपुट)

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