सरकार ने चीनी व्यापारियों के लिए स्टॉक सीमा छह माह के लिए बढ़ाई    

सरकार ने चीनी व्यापारियों के लिए स्टॉक सीमा छह माह के लिए बढ़ाई     प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आज हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक से बाहर आते मंत्रीगण।

नई दिल्ली (भाषा)। त्यौहारी मौसम में दाम पर अंकुश रखने के मकसद से सरकार ने चीनी व्यापारियों के लिए स्टॉक सीमा को छह महीने के लिए और बढ़ा दिया। अब अगले साल अप्रैल तक चीनी व्यापारियों को अपना स्टाक निर्धारित सीमा के भीतर रखना होगा। चीनी के दाम इस समय 40 रुपए किलो के आस-पास चल रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आज हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने चीनी के मामले में मौजूदा केंद्रीय आदेश की वैधता को छह माह के लिए और बढ़ाकर 29 अक्तूबर 2016 से 28 अप्रैल 2017 कर दिया है।
आधिकारिक विज्ञप्ति

केंद्र सरकार के इस आदेश का मुख्य उद्देश्य राज्यों को इस संबंध में आदेश जारी करने का अधिकार देना है। केंद्र के इस फैसले के बाद अब राज्य जब भी जरुरत होगी चीनी की स्टॉक सीमा और लाइसेंस जरुरत को तय कर सकते हैं।

विज्ञप्ति के अनुसार केंद्र सरकार इस फैसले को अधिसूचित करेगी और सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को इसकी जानकारी दे देगी। सरकार ने इस साल की शुरूआत में पांच साल के बाद चीनी व्यापारियों पर फिर से स्टॉक सीमा लागू कर दी थी। घरेलू चीनी उत्पादन में कमी के संकेतों के बीच बाजार में चीनी के दाम बढ़ने पर यह कदम उठाया गया। यह आदेश अक्तूबर में समाप्त हो रहा था।

इसके तहत थोक व्यापारियों को कोलकाता में 10 हजार क्विंटल और देश के अन्य भागों में 5,000 क्विंटल तक चीनी स्टॉक रखने की अनुमति है। इसमें यह भी कहा गया है कि व्यापारी को स्टॉक आने के 30 दिन के भीतर उसकी बिक्री कर देनी होगी। देश में चीनी का उत्पादन 2016-17 में कम होकर 2.32 करोड़ टन रह जाने का अनुमान है. पिछले साल यह 2.50 करोड़ टन था।

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