चने की बिक्री जिंस एक्सचेंज एनसीडीईएक्स के जरिए करेगी सरकार

चने की बिक्री जिंस एक्सचेंज एनसीडीईएक्स के जरिए करेगी सरकारसरकार ने अपने बफर स्टॉक से जिंस एक्सचेंज एनसीडीईएक्स के जरिए चना की बिक्री करने का फैसला किया है ।

नई दिल्ली (भाषा)। सरकार ने अपने बफर स्टॉक से जिंस एक्सचेंज एनसीडीईएक्स के जरिए चना की बिक्री करने का फैसला किया है ताकि इसकी आपूर्ति बढ़ाई जा सके और भाव नरम हों।

इसके अलावा सरकार खादी-ग्रामोद्योग बिक्री केंद्रों के जरिए दालों की बिक्री के विकल्प की संभावना भी तलाश रही है। आवश्यक जिंसों की उपलब्धता और उनकी कीमतों की समीक्षा करने के लिए उपभोक्ता मामलों के सचिव हेम पांडे की अध्यक्षता में कीमतों पर अंतर मंत्रालयीय समिति की हुई बैठक में यह फैसला लिया गया।

कुछ दालों के भाव हाल में 200 रुपए किलो के ऊपर चले गए थे। अब भाव काफी नीचे आ कर 75 से 120 रुपए किलो के दायरे में हैं। बड़े शहरों में दालों के अधिकतम खुदरा दाम इस समय 120 से 170 रुपए प्रति किलो ग्राम हैं। पर चने में कुछ समय से तेजी है।

दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सब्सिडीप्राप्त दलहनों को पहले से ही केंद्रीय भंडार, सफल और एनसीसीएफ के खुदरा बिक्री केंद्रों के जरिए वितरित किया जा रहा है। एनसीसीएफ कुछ अन्य मेट्रो शहरों में भी दलहनों की बिक्री कर रही है। एक सरकारी बयान में कहा गया है, यह फैसला किया गया कि राज्य सरकारों को चने के स्टाक की पेशकश करने के अलावा कीमतों को नरम करने के लिए तत्काल एनसीडीईएक्स के जरिए इसकी पर्याप्त मात्रा में बिक्री की जाए।

डाकघर व केवीआईसी से बेचे दाल

बैठक में डाकघरों के अलावा खादी एवं ग्रामीण उद्योग आयोग (केवीआईसी) के बिक्री के लिए उसके केंद्रों का इस्तेमाल की संभावना को तलाशना चाहिए। बयान में कहा गया है, समिति को सूचित किया गया कि उपभोक्ता मामला विभाग डाक विभाग के साथ उसके नेटवर्क के जरिए दलहनों का वितरण का तौर तरीका जल्द से जल्द निकालने पर काम कर रहा है। केंद्र सरकार ने मूल्य वृद्धि की स्थिति में बाजार में हस्तक्षेप करने के मकसद से दलहनों की घरेलू खरीद और आयात करने के जरिए 20 लाख टन दलहन का बफर स्टॉक बना रही है। केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों से बफर स्टॉक से सस्ते दर पर दाल खरीदने और उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराने को कहा है।

इस सप्ताह के आरंभ में मंत्रिमंडलीय सचिव पीके सिन्हा ने आवश्यक जिंसों की उपलब्धता और उनकी कीमतों की समीक्षा की थी तथा चना और चीनी की कीमतों पर अंकुश रखने के सभी विकल्पों पर गौर करने की सलाह उपभोक्ता मामला विभाग को दिया था। सरकार सरकारी व्यापार कंपनी एमएमटीसी के जरिए 90,000 टन चना का आयात करेगी और चीनी पर आयात शुल्क को जांचेगी ताकि इन दो जिसों की आपूर्ति को बढ़ाया जा सके और कीमतों पर अंकुश लगाया जा सके जिनकी कीमतें अधिक बनी हुई हैं।

हम चना दाल और चीनी की कीमतों को बढ़ने नहीं देंगे। हमारे पास कीमतों को नियंत्रित करने के कई रास्ते हैं।
रामविलास पासवान केंद्रीय खाद्य मंत्री

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