उत्तर प्रदेश में आलू बना चुनावी मुद्दा, मोदी ने आलू फैक्ट्री वाले बयान पर राहुल पर कसा तंज

उत्तर प्रदेश में आलू बना चुनावी मुद्दा, मोदी ने आलू फैक्ट्री वाले बयान पर राहुल पर कसा तंजचुनावी मुद्दा बना आलू।

सुधा पाल

लखनऊ। “जिन्हें ये तक नहीं पता कि आलू खेत में होता है या किसी फैक्ट्री में, वे भला प्रदेश के किसानों और उनकी समस्याओं को क्या समझेंगे?” ये कहना है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जो दूसरे चरण के मतदान के बीच आलू का गढ़ कहे जाने वाले प्रदेश के कन्नौज जिले में पहुंचे। इस दौरान अपनी चुनावी रैली में उन्होंने आलू को चुनावी मुद्दा बनाया और इसे लेकर कांग्रेस और सपा पर जमकर तंज कसा।

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पिछले साल 20 लाख क्विंटल से ज्यादा उत्पादन हुआ था लेकिन इस बार न बिक पाने के डर से किसानों ने ज्यादा बुवाई की ही नहीं तो शायद इस बार का उत्पादन पिछले बार के मुकाबले कम हो।
आदित्य कुमार, मंडी सचिव (कन्नौज)

जहां इस समय जिले समेत पूरे प्रदेश में आलू किसान अपने उत्पादन की अच्छी कीमत न पाकर मायूस हैं और नुकसान की मार झेल रहें हैं वहीं विधानसभा चुनाव के लिए राजनीतिक पार्टियां अपने प्रस्ताव जनता के सामने रख रही हैं और वोट की अपील में जुटी हैं। प्रधानमंत्री ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी को ये नहीं पता कि आलू कहां से आता है, फैक्ट्री से या खेत से। इसके साथ ही कन्नौज की सांसद डिंपल यादव से सवाल किया ,“कन्नौज में आलू चिप्स के कारखाना लगाने के वादे का क्या हुआ? समाजवादी परिवार की बहू ने अपना वादा नहीं निभाया।” आलू के चिप्स की फैक्ट्री का वादा पूरा नहीं किया।”

आलू किसानों को नहीं मिल रहा उचित दाम

कन्नौज के मंडी सचिव आदित्य कुमार का कहना है कि उत्पादन इतना ज्यादा हुआ है लेकिन किसान आलू को कौड़ियों के दाम बेचने को मजबूर हैं। नोटबंदी का असर अब तक दिख रहा है। जहां नोटबंदी से पहले किसान 1,200 से 1,500 रुपए क्विंटल आलू बेच रहा था वहीं नोटबंदी के दौरान पूरी तरह से नुकसान में डूब गया। उस दौरान 200 रुपये से लेकर 300 रुपयेे प्रति क्िवंटल आलू बिक रहा था। इससे किसान आलू की बुवाई की लागत तक नहीं निकाल पा रहे थे।

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