कृषि व्यापार

पिछले एक साल में 22 फीसदी बढ़ गईं चीनी की कीमतें

नई दिल्ली। पिछले एक साल में चीनी के खुदरा दामों में औसतन 22 फीसदी की वृद्धि के साथ कीमत 42.43 प्रति किलो हो गई है।

केंद्र सरकार ने मंगलवार को राज्यसभा में यह जानकारी दी। केंद्र ने कहा कि वह आपूर्ति और कीमत की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। फूड एंड कंज्यूमर अफेयर्स मिनिस्ट्री में राज्य मंत्री सीआर चौधरी ने राज्यसभा को बताया कि 15 मार्च 2017 तक चीनी की ऑल-इंडिया ऐवरेज रीटेल कीमत 22.17 प्रतिशत के उछाल के साथ 42.43 रुपए प्रति किलो पर पहुंच गई, जो एक साल पहले 34.73 रुपए के स्तर पर थी।

मंत्री ने बताया, 'सरकार ने शुगर डीलरों पर स्टॉक होल्डिंग और टर्नओवर लिमिट्स लगाने के लिए ऑर्डर जारी किया है, जो 28 अप्रैल 2017 तक के लिए वैध है। राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेशों को किसी भी तरह की सट्टेबाजी और जमाखोरी से जुड़ी गतिविधियों को रोकने के लिए इस ऑर्डर को लागू करने की सलाह दी गई है।'

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मंत्री ने बताया कि सरकार की तरफ से नियमित आधार पर सप्लाई और कीमतों की स्थिति की निगरानी की जा रही है और उचित समय पर जरूरी कदम उठाए जाएंगे। 2016-17 मार्केटिंग ईयर (अक्टूबर-सितंबर) में शुगर प्रोडक्शन घटकर करीब दो करोड़ टन रहने का अनुमान है, जो पिछले साल 2.5 करोड़ टन रहने का अनुमान लगाया गया था।


दूसरी जरूरी कमोडिटीज के आंकड़े दर्शाते हैं कि पिछले एक साल में चना दाल के दाम 35.29 प्रतिशत बढ़कर 88.4 रुपए प्रति किलो पर पहुंच गए हैं। वहीं, चावल, गेहू्ं और दूध के दाम में क्रमश: 7.8 फीसदी, 4.9 फीसदी और 3.25 फीसदी की तेजी आई है। हालांकि, 15 मार्च 2017 तक आलू की कीमतें 10.34 फीसदी घटकर 13.44 रुपए प्रति किलो पर रहीं, जो कि एक साल पहले 14.99 रुपए प्रति किलो पर थीं।