यूपी में ई-पॉप मशीन से गेहूं की खरीद शुरु, गेहूं बेचने के लिए इस वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन कराएं किसान

यूपी में ई-पॉप मशीन से गेहूं की खरीद शुरु, गेहूं बेचने के लिए इस वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन कराएं किसानउत्तर प्रदेश में 7 अप्रैल को हुई E-pop मशीन के जरिए पहली खरीद। फोटो- अरेंजमेंट

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में एक अप्रैल से जारी गेहूं की खरीद के लिए अब तक तीन लाख 78 हजार से ज्यादा किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। अब तक 5255 किसानों से 29529.68 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद भी हो चुकी है। गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1975 रुपए प्रति क्विंटल है, जो किसानों के खातों में सीधे भेजा जा रहा है।

उत्तर प्रदेश के खाद्य एवं रसद विभाग के बयान के मुताबिक प्रदेश इस बार गेहूं की खरीद इलेक्ट्रॉनिक प्वांइट ऑफ परचेज (e-pop) डिवाइस के जरिए हो रही है। इलेक्ट्रॉनिक प्वाइंट ऑफ परचेज वही मशीन है, जिस पर अंगूठा लगाकर कोटे से राशन मिलता है। इस मशीन के जरिए पहली खरीद 7 अप्रैल को मुरादाबाद जिले में विपणन शाखा क्रय केन्द्र कुन्दरकी पर किसान शाकिर से 28 क्विंटल गेहूं की खरीद हुई। मुरादाबाद के अलावा बरेली, रामपुर, मुरादाबाद, आगरा आदि में ई-पॉप मशीन के माध्यम से खरीद प्रारम्भ हो गयी है।

ये भी पढ़ें- डीएपी और एनपीके के रेट बढ़ने पर इफको ने क्या कहा? किसानों को किस भाव पर मिलेगी डीएपी?

गेहूं खरीद केंद्र पर ई-पॉप मशीन पर अंगूठा लगाता किसान। फोटो अरेंजमेंट

उत्तर प्रदेश के खाद्य आयुक्त मनीष चौहान ने बताया कि प्रदेश में 3.78 लाख किसानों ने गेहूं की बिक्री के लिए पंजीकरण करया है, और विभिन्न जिलों में 5255 किसानों से 29529.68 मीट्रिक टन गेहूँ की खरीद हुई है। किसानों को सरकारी दर पर अपना गेहूं बेचने के लिए खाद्य तथा रसद विभाग की वेबसाइट www.fcs.up.gov.in पर पंजीकरण कराना अनिवार्य है। ये पंजीकरण एक मार्च, 2021 से जारी हैं, किसान खुद से या फिर साइबर कैफे व जन-सुविधा केन्द्र के माध्यम से पंजीकरण करा सकते हैं।"

खाद्य आयुक्त ने बताया कि ई-पॉप मशीन पर खरीद प्रक्रिया सम्पन्न होते ही कुल तौल की गयी गेहूँ की मात्रा व गेहूं के मूल्य की प्रिन्टेड रसीद तत्काल मौके पर ही किसान को दी जा रही है। विभाग ने जहां ई-पॉप मशीन से खरीद की वहां किसानों इस पारदर्शी व्यवस्था के लिए खुशी जाहिर की है। ई-पॉप की व्यवस्था करने वाला यूपी पहला राज्य ताकि मूल्य समर्थन योजना के जरिए वास्तविक किसानों को फायदा और बिचौलिए और कारोबारी फायदा न उठा सकें।

ई-पॉप में व्यक्ति को खरीद केंद्र पर अंगूठा लगाना होता, जिसके जरिए उसकी पहचान होता है। जो किसान पहले से पंजीकरण करा चुका हैं वो ही मौके पर पहुंचकर अंगूठा के जरिए सत्यापन होने पर गेहूं बेच सकते हैं।

पूरे देश में 5 अप्रैल तक 3.49 लाख टन गेहूं की खरीद, किसानों को 691 करोड़ का भुगतान

केंद्र सरकार ने खरीद वर्ष 2021-22 में अब तक 3.49 लाख टन गेहूं की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की है। जिसके बदले में किसानासें को 691 करोड़ रुपए का भुगतान भी किया गया है। रबी विपणन सत्र (आरएमएस) के लिए देशभर की मंडियों में एक अप्रैल से गेहूं की खरीद हो रही है।

सरकार की रिपोर्ट के अनुसार पांच अप्रैल तक 3.49 लाख टन से ज्यादा गेहूं की खरीद एमएसपी पर हुई है। इसके लिए 4.45 लाख किसानों को 690.82 करोड़ रुपए का भुगतान भी किया जा चुका है।

पांच अप्रैल तक 695.23 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीद हो चुकी है जबकि पिछले वर्ष की इसी समान अवधि में 622.32 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया था। मौजूदा खरीफ विपणन सत्र में लगभग 102.98 लाख किसानों को एमएसपी मूल्य पर 1,31,247.46 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है।

संबंधित खबर- यूपी: एमएसपी पर गेहूं खरीद के बदले कई नियम, धांधली रोकने के लिए पीओएस मशीन में लगाना होगा अंगूठा, किसानों को इन बातों का रखना होगा ध्यान

Next Story

More Stories


© 2019 All rights reserved.