तर्क और तथ्यों के दिवालियापन से जूझ रही कांग्रेस संसद में चर्चा से भाग रही है: नकवी 

तर्क और तथ्यों के दिवालियापन से जूझ रही कांग्रेस संसद में चर्चा से भाग रही है: नकवी संसदीय कार्य राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी।

नई दिल्ली (भाषा)। विपक्ष से नोटबंदी समेत सभी विषयों पर संसद में सार्थक चर्चा करने और रचनात्मक सुझाव देने का आग्रह करते हुए संसदीय कार्य राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि सरकार जिद पर नहीं अड़ी है लेकिन तर्क और तथ्यों के दिवालियापन से जूझ रही कांग्रेस संसद में चर्चा से भाग रही है।

नकवी ने कहा, ‘‘हम चाहते हैं कि संसद में सकारात्मक चर्चा चले, रचनात्मक माहौल में चर्चा हो। विपक्ष सरकार को सकारात्मक सुझाव दे। लेकिन विपक्ष खासतौर पर कांग्रेस के पास कहने के लिए कुछ भी नहीं है।'' उन्होंने कहा कि पहले दिन राज्यसभा में विपक्ष जब नोटबंदी, कालाधन पर चर्चा चाहता था तब हम बिना समय गंवाये तैयार हो गए। हमने कहा कि जितने घंटे चर्चा कराना चाहते हैं, चर्चा करें. लेकिन दूसरे दिन विपक्ष खासकर कांग्रेस चर्चा से भागती नजर आई। दुर्भाग्य से कांग्रेस का रवैया अवरोधात्मक रहा।

नकवी ने कहा, ‘‘तर्क और तथ्यों के दिवालियापन से जूझ रही कांग्रेस संसद में चर्चा से भाग रही है।'' केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हमारी विपक्ष से अपील है कि हम हर मुद्दे पर चर्चा को तैयार है, हम हर सवाल का जवाब देने को तैयार हैं। ‘‘हम चाहते हैं कि कांग्रेस चर्चा से भागने की बजाए चर्चा में भाग ले।'' उन्होंने कहा कि कांग्रेस के इस तरह के रुख से उसकी विश्वसनीयता प्रभावित होगी और कालेधन के खिलाफ प्रधानमंत्री की ओर से शुरु की गई लड़ाई में कांग्रेस की नकारात्मक छवि बनेगी जो उसकी राजनीतिक सेहत के लिए भी ठीक नहीं होगा।

राज्यसभा में विपक्षी दलों की इस मांग के बारे में पूछे जाने पर कि नोटबंदी पर चर्चा का जवाब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दें, नकवी ने कहा, ‘‘यह सरकार को तय करना है कि जवाब कौन देगा, कांग्रेस पार्टी यह तय नहीं कर सकती। बहुत से ऐसे मौके आए हैं जब प्रधानमंत्री ने चर्चा में हस्तक्षेप किया। लेकिन यह शर्त के आधार पर नहीं हो सकता। जवाब कौन देगा यह सरकार को तय करना है और किस नियम के तहत चर्चा होगी, यह व्यवस्था आसन को देनी है। सरकार का रुख अडियल नहीं है।''

नकवी ने कहा कि सरकार का रुख जिद वाला नहीं है और इसलिए तो हम पहले दिन बिना समय गंवाये चर्चा के लिए सहमत हो गए थे। यह पूछे जाने पर कि विपक्ष लोकसभा में मतदान के प्रावधान वाले नियम 56 के तहत चर्चा कराना चाहता है, संसदीय कार्य राज्य मंत्री ने कहा कि शर्तो, नियमों के मकडजाल से चर्चा का मकसद पटरी से उतर जायेगा। नियमों में पड़ने की बजाए उन्हें चर्चा करनी चाहिए। कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि उनके पास कहने को कुछ भी नहीं है। वो तो इस हद तक चले गए कि इस महत्वपूर्ण कदम की तुलना उरी आतंकी हमले से कर दी। यह बहुत गंभीर है।

नोटबंदी के कारण लोगों को होने वाली परेशानियों के बारे में पूछे जाने पर केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘हम मानते हैं कि लोगों को परेशानी हुई है। लेकिन सुधार के लिए उठाए गए इतने क्रांतिकारी कदम से अंतत: गरीब और आखिरी पायदान पर खड़े लोगों को लाभ होगा। सरकार बहुत ईमानदारी, मजबूती और तेजी से लोगों को राहत प्रदान करने की दिशा में काम कर रही है और इसके परिणाम भी आ रहे हैं।''

नकवी ने कहा कि हमें अच्छा लगता अगर विपक्ष सदन में चर्चा को आगे बढ़ाता, सकारात्मक सुझाव देता और भ्रष्टाचार, कालाधन के खिलाफ लड़ाई को मिलकर आगे बढ़ाता। यह कदम कालाधन, भ्रष्टाचार, जाली नोट, आतंकवाद पर प्रहार और आर्थिक सुदृढीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। दुनिया इसकी सराहना कर रही है, अर्थशास्त्री इसकी सराहना कर रहे हैं।

नीतीश कुमार के नोटबंदी की सराहना करने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि हमें इस बात की खुशी है कि नीतीश कुमार, नवीन पटनायक और कुछ अन्य नेता कालाधन के खिलाफ मोदी सरकार की मुहिम का समर्थन कर रहे हैं। अरविंद केजरीवाल द्वारा नोटबंदी का विरोध करने के बारे में पूछे जाने पर नकवी ने कहा कि हमें आश्चर्य है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कभी बड़ी बड़ी बातें करने वाले केजरीवाल आज कालाधन विरोधी इस मुहिम के विरोध में खडे हैं।

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