उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2017 में 69 सीटों के लिए 68 फीसदी से अधिक हुआ मतदान, 628 प्रत्याशियों का भविष्य ईवीएम में कैद  

उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2017 में 69 सीटों के लिए 68 फीसदी से अधिक हुआ मतदान, 628 प्रत्याशियों का भविष्य ईवीएम में कैद  हरिद्वार में अपने मत का प्रयोग करने के लिए लाइन में लगे साधुगण।

देहरादून (भाषा/गांव कनेक्शन)। उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2017 में 69 विधानसभा सीटों पर आज 68 फीसदी से ज्यादा मतदान दर्ज किया गया। मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग करके 628 प्रत्याशियों का भविष्य ईवीएम में कैद कर दिया।

उत्तराखंड निर्वाचन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, शाम पांच बजे मतदान का समय खत्म होने तक प्रदेश में 68 फीसदी से ज्यादा मतदान रिकार्ड हो चुका था। हालांकि, मतदान स्थलों के बाहर मतदाताओं के कतारों में लगे होने की वजह से इस संबंध में अंतिम आंकड़ें बाद में आ पाएंगे। छिटपुट घटनाओं को छोड़कर पूरे प्रदेश में मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। मतों की गिनती 11 मार्च को होगी और उसी दिन नतीजे घोषित होंगे।

कर्णप्रयाग सीट पर 12 फरवरी को बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी कुलदीप कान्वासी की सड़क दुर्घटना में मृत्यु के कारण वहां स्थगित हो गए, चुनाव के कारण आज प्रदेश की 70 में से 69 सीटों पर ही मतदान हुआ। कर्णप्रयाग सीट पर मतदान के लिये चुनाव आयोग ने अब नौ मार्च की तारीख घोषित की है।

हरिद्वार में अपने मत का प्रयोग करने के लिए लाइन में लगे साधुगण।

प्रदेश में मतदान को सुचारू ढंग से संपन्न कराने के लिये राज्य पुलिस सहित करीब 30,000 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया था और करीब 60,000 मतदानकर्मियों को भी ड्यूटी में लगाया गया था। प्रदेश में इन विधानसभा चुनावों में पहली बार तीन सीटों, हरिद्वार जिले के भेल रानीपुर, देहरादून जिले के धर्मपुर और उधमसिंह नगर जिले के रुद्रपुर, में वीवीपैट मशीन का भी प्रयोग किया गया, जिसके जरिए मतदाता खुद यह देख सकते हैं कि उनका वोट उसी प्रत्याशी को गया है जिसके लिए उन्होंने ईवीएम पर बटन दबाया था।

उत्तराखंड में ज्यादातर सीटों पर कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधा मुकाबला है लेकिन करीब एक दर्जन सीटों पर निर्दलीय के रूप में खड़े दोनों राजनीतिक दलों के बागी नेता अपनी पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों के चुनावी गणित को खराब करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2017 के लिए वोट डालने से पहले अपना मतदाता पहचान पत्र दिखाते लोग।

प्रदेश में 12 कांग्रेस विधायकों के दल-बदल कर भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने और दो भाजपा विधायकों के कांग्रेस से चुनाव मैदान में होने से नतीजों के काफी रोचक होने की संभावना है।

वर्तमान विधानसभा में पिथौरागढ़ जिले की धारचूला सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले मुख्यमंत्री रावत ने इस बार दो जगह से किस्मत आजमाई है, जिनमें हरिद्वार (ग्रामीण) के अलावा उधमसिंह नगर जिले की किच्छा सीट भी शामिल है।

हरिद्वार में अपने मत का प्रयोग करने के लिए लाइन में लगीं महिलाएं।
बागेश्वर में बुजुर्ग को मतदान केंद्र तक ले जाती स्वीप टीम की सदस्य। फोटो- जीतेंद्र त्रिपाठी

बागेश्वर में स्वीप टीम ने लोगों को घर-घर से निकालकर मतदान बूथ तक पहुंचाया। गरुड़ में नोडल अधिकारी स्वीप आकाश सारस्वत की अगुवाई में 108 वर्षीय स्वतन्त्रता संग्राम सेनानी देवकी देवी प स्व. मनोरथ दुबे व आनन्द बल्लभ (95 वर्ष) को मतदान स्थल तक ले जाते हुए। इस दौरान ब्लॉक समन्वयक उमेश जोशी, नीरज पन्त, प्रवक्ता जीवन दुबे, रमेश खोलिया, शिवबरन राजपूत, रामलाल व एके त्रिपाठी आदि मौजूद थे।

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