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समान नागरिक संहिता का मुस्लिम ही नहीं पूर्वोत्तर की जनता भी करेगी विरोध : ओवैसी

समान नागरिक संहिता का मुस्लिम ही नहीं पूर्वोत्तर की जनता भी करेगी विरोध : ओवैसीऑल इंडिया मजलिस इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एमआईएम) के नेता असदुद्दीन ओवैसी।

हैदराबाद (भाषा)। एआईएमआईएस के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने जोर देकर कहा है कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) केवल मुस्लिमों से जुड़ा मुद्दा नहीं है बल्कि पूर्वोत्तर के कुछ इलाकों के लोग भी इसका विरोध करेंगे। उन्होंने भाजपा पर देश के बहुतलतावाद और विविधता के तानेबाने को ‘‘खत्म'' करने का आरोप लगाया।

हैदराबाद से लोकसभा सदस्य ओवैसी ने कहा, ‘‘समान नागरिक संहिता केवल मुस्लिमों से जुड़ा मुद्दा नहीं है। यह एक ऐसा मुद्दा है जिसका पूर्वोत्तर के लोग भी विरोध करेंगे, खासकर नगालैंड और मिजोरम के।''

यह एक ऐसा मुद्दा है जो भारत के कई लोगों को चिंता में डाल देगा यह भारत के बहुतलतावाद और विविधता से जुड़ा हुआ है जिसे ‘‘भाजपा खत्म कर देना चाहती है।
असदुद्दीन ओवैसी अध्यक्ष एआईएमआईएस

ओवैसी ने आरोप लगाया, ‘‘भाजपा, वह तो मुस्लिमों को शत्रु के तौर पर दिखाना चाहती है ताकि वह इस मुद्दे पर ध्रुववीकरण कर सके। यूसीसी के मुद्दे पर लोग उनके खेल को समझ चुके हैं।''

उन्होंने कहा, ‘‘हिंदू अविभाजित परिवार का लाभ ईसाइयों और मुस्लिमों को क्यों नहीं दिया गया? केंद्रीय मंत्री एम वैंकया नायडू कहते हैं कि भारत में धर्म के आधार पर कानून नहीं होने चाहिए तो यह हिंदू अविभाजित परिवार, हिंदू विवाह अधिनियम, हिंदू उत्तराधिकार कानून क्या है? ये सब क्या है?''

विवादित यूसीसी मुद्दे पर अपने परामर्श का और विस्तार करते हुए विधि आयोग ने सभी राष्ट्रीय और क्षेत्रीय राजनीतिक दलों से अपने विचार और योजनाएं साझा करने को कहा था, साथ ही इस विषय पर चर्चा के लिए उनके प्रतिनिधियों को आमंत्रित करने की योजना देने को भी कहा था।

इस विषय पर पैनल ने सभी दलों को प्रश्नावली भेजकर 21 नवंबर तक उनसे उनके विचार मांगे हैं। शहरी विकास, सूचना तथा प्रसारण मंत्री वैंकया नायडू ने कहा था कि यूसीसी को पिछले दरवाजे और आम सहमति के बगैर नहीं लाया जाएगा।



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