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मुस्लिम समुदाय तीन तलाक पर गंभीरता से विचार करे: आरएसएस

Ashish DeepAshish Deep   25 Oct 2016 10:09 PM GMT

मुस्लिम समुदाय तीन तलाक पर गंभीरता से विचार करे: आरएसएसप्रतीकात्मक फोटो

हैदराबाद/लखनऊ (भाषा)। मुसलमानों के बीच एक साथ तीन तलाक की व्यवस्था को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा खारिज किए जाने के एक दिन बाद मंगलवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने कहा कि तीन तलाक के बारे में गंभीरता से विचार करना चाहिए।

तीन तलाक को लेकर चल रही बहस के बीच बसपा सुप्रीमो मायावती ने भाजपा एवं केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह प्रदेश एवं कुछ अन्य राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव के मददेनजर तीन तलाक एवं एक समान नागरिक संहिता जैसे शरीयत से जुडे धार्मिक मुद्दों को लेकर नया विवाद खडा कर रही है जो कि अति-निन्दनीय है।

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा कि सरकार और भाजपा तीन तलाक की प्रथा को खत्म करने के हक में हैं क्योंकि यह महिलाओं के खिलाफ भेदभावपूर्ण और समानता के संवैधानिक अधिकार के खिलाफ है।

आरएसएस के अखिल भारतीय महासचिव भैयाजीजोशी ने हैदराबाद में संवाददाताओं से कहा, ‘‘तीन तलाक का मुद्दा मुसलमानों का आंतरिक मामला है और इस संदर्भ में मुस्लिम समुदाय को गंभीरता से सोचना चाहिए। मुस्लिम महिलाएं इस मुद्दे पर अदालत गई हैं। वर्तमान युग में लिंग आधारित कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए। तीन तलाक के मुद्दे पर महिलाएं अदालत में गई हैं और हम आशा करते हैं कि उनको उचित न्याय मिलेगा।''

माया कर रही हैं वोट की राजनीति : भाजपा

नई दिल्ली (भाषा)। भाजपा ने आज आरोप लगाया कि बसपा प्रमुख मायावती ‘तीन तलाक' के मुद्दे पर वोट बैंक की राजनीति कर रही हैं। मुद्दे पर मायावती द्वारा मोदी सरकार पर हमला बोले जाने के बाद भाजपा की तरफ से यह बयान आया है।

पार्टी के राष्ट्रीय सचिव श्रीकांत शर्मा ने कहा, ‘‘यह दुर्भाग्यपूर्ण और व्यंग्यात्मक है कि महिला होने के बावजूद मायावती मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों के लिए खड़ी नहीं हो रही हैं। वह वोट बैंक की राजनीति के लिए ऐसा कर रही हैं।''

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