नारायण दत्त तिवारी के बेटे ने कहा- कहानी अभी बाकी है, हमारे विकल्प खुले हैं      

नारायण दत्त तिवारी के बेटे ने कहा- कहानी अभी बाकी है, हमारे विकल्प खुले हैं       रोहित ने बताया, ‘‘कहानी अभी बाकी है। हमारे विकल्प खुले हुए हैं।’’

नई दिल्ली (भाषा)। कांग्रेस के वयोवृद्ध नेता नारायण दत्त तिवारी और BJP अध्यक्ष अमित शाह की बुधवार को हुई मुलाकात के बाद तिवारी के बेटे रोहित शेखर तिवारी ने कहा कि उनके विकल्प खुले हुए हैं, क्योंकि मुलाकात के बाद से भाजपा ने कोई जवाब नहीं दिया है।

रोहित ने बताया, ‘‘कहानी अभी बाकी है। हमारे विकल्प खुले हुए हैं।'' तिवारी और शाह की मुलाकात से अटकलें पैदा हो गई थीं कि भाजपा उत्तराखंड में 15 फरवरी को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए रोहित को टिकट दे सकती है। हालांकि, शाह और उनकी टीम की ओर से अब तक कोई ठोस आश्वासन नहीं दिए जाने के कारण तिवारी परिवार में निराशा है।

रोहित ने कहा, ‘‘शाह से मुलाकात के बाद BJP की तरफ से अब तक कोई जवाब नहीं आया है। हम हैरान हैं। हम प्रचार में भूमिका निभाना चाहते हैं। मेरे पिता उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में काफी जाना माना व्यक्तित्व हैं। वह मंच पर जिसे आशीर्वाद दे देंगे, वह विजेता होगा।'' उन्होंने कहा, ‘‘हमारे विकल्प अब भी खुले हुए हैं। हमारे राजनीतिक विकल्प खुले हुए हैं। मुझे उम्मीद है कि BJP जल्द ही स्पष्टीकरण देगी।'' रोहित ने साफ किया कि वे पार्टी में शामिल नहीं हुए हैं।

अपने पिता के साथ शाह से मुलाकात कर चुके रोहित ने कहा कि वह उत्तराखंड की लालकुआं विधानसभा सीट से चुनाव लड़ना चाहते हैं। उन्होंने दावा किया कि BJP नेताओं ने उनसे बातचीत के दौरान कुछ आश्वासन दिया था कि यदि आप (BJP में) शामिल होना चाहते हैं तो हम आपको टिकट देंगे।'' BJP लालकुआं सीट के लिए 16 जनवरी को ही अपने उम्मीदवार की घोषणा कर चुकी है।

BJP से बाहर भी अपने लिए विकल्प तलाशने का संकेत देते हुए रोहित ने कहा कि भगवा पार्टी का चाहे जो भी जवाब हो, लेकिन तिवारी परिवार चुनाव प्रचार में बड़ी भूमिका निभाएगा। रोहित ने कहा कि वह दिल्ली, देहरादून या लखनऊ में जल्द ही एक संवाददाता सम्मेलन आयोजित करके अपने भविष्य के कदम का खुलासा करेंगे।

BJP ने उत्तराखंड की कुछ विधानसभा सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा अभी नहीं की है। रोहित का नाम संभावित उम्मीदवार के तौर पर चर्चा में है। हालांकि, रोहित ने कहा कि किसी और सीट से चुनाव लडने के लिए उनके पास अब वक्त नहीं बचा है, क्योंकि उन्होंने लालकुआं सीट पर ही मेहनत की है।

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