Top

आय से अधिक संपत्ति मामलाः कुछ ही समय में सुप्रीम कोर्ट शशिकला के राजनीतिक भविष्‍य पर सुनगा फैसला

आय से अधिक संपत्ति मामलाः कुछ ही समय में सुप्रीम कोर्ट शशिकला के राजनीतिक भविष्‍य पर सुनगा फैसलाशशिकला के राजनीतिक भविष्य पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आज।

कर्नाटक। एआईएडीएमके चीफ वीके शशिकला का राजनीतिक भविष्य आज आने वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिका हुआ है। आय से अधिक संपत्ति के मामले में फंसी शशिकला पर आज फैसला आ सकता है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट उनके खिलाफ 21 साल पुराने 66 करोड़ की आय से अधिक संपत्ति मामले में कर्नाटक हाईकोर्ट ने शशिकला और जयललिता को 2015 में बरी कर दिया था। कर्नाटक सरकार ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। इस पर जस्टिस पीसी घोष और अमिताव रॉय की बेंच सुबह 10:30 बजे फैसला सुना सकती है।

अगर सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट के बरी करने के फैसले को बरकरार रखता है, तो शशिकला के मुख्यमंत्री बनने की राह में कोई नई मुश्किल नहीं खड़ी होगी, लेकिन अगर फैसला शशिकला के विपरीत हुआ तो वह मुख्यमंत्री नहीं बन पाएंगी और जेल भी जा सकती हैं। शशिकला का दावा है कि पार्टी के 120 से ज्यादा विधायक उनके समर्थन में खड़े हैं। कोर्ट के पॉजिटिव फैसले से शशिकला का पलड़ा और भारी हो जाएगा।

मामला-

1991-1996 के बीच जयललिता के मुख्यमंत्री रहते समय आय से अधिक 66 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित करने के मामले में सितंबर 2014 में बेंगलुरु की स्पेशल कोर्ट ने जयललिता, शशिकला और उनके दो रिश्तेदारों को चार साल की सजा और 100 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। इस मामले में शशिशकला को उकसाने और साजिश रचने का दोषी करार दिया गया था। लेकिन मई, 2015 में कर्नाटक हाईकोर्ट ने जयललिता और शशिकला समेत सभी को बरी कर दिया था।

क्या हो सकता है?

अगर दोनों जजों की दोष सिद्धी को लेकर राय अलग-अलग तो मामले को तीन जजों की बेंच में भेजा जाएगा। बड़ी बेंच दोबारा से दोनों पक्षों की दलील सुनेगी और यह तय करेगी कि ट्रायल या हाई कोर्ट का फैसला सही है कि नहीं। लेकिन ये शशिकला के लिए बड़ी राहत होगी, क्योंकि फिर कर्नाटक हाईकोर्ट का बरी करने का फैसला ही लागू रहेगा।

लेकिन अगर दोनों जजों की दोष सिद्धी और सजा देने में सहमति हो और आय से अधिक संपत्ति को जब्त करने को लेकर राय अलग हो, तो शशिकला न तो मुख्यमंत्री बन पाएंगी, न चुनाव लड़ पाएंगी और साथ ही उन्हें जेल भी जाना पड़ सकता है। सजा पूरी होने से 6 साल तक वो चुनाव नहीं लड़ पाएंगी।

Next Story

More Stories


© 2019 All rights reserved.