मंदी से निपटने और अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए सरकार ने उठाए कदम

मंदी से निपटने और अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए सरकार ने उठाए कदम

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अर्थव्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई सुधारों का ऐलान किया है। देश की अर्थव्यवस्था में मंदी की खबरों के बीच उन्होंने कहा कि हमारी विकास दर दूसरे विकसित और विकासशील देशों से बेहतर है। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि दुनिया भर के देश मंदी से जूझ रहे हैं और भारत भी इससे अछूता नहीं रहा है।

लघु और मध्यम उद्योग पर पड़ रही मंदी की मार के बीच निर्मला सीतारमण ने कहा कि लघु और मध्यम उद्योग रोजगार क्षेत्र के लिए विशेष भूमिका रखते हैं। इसलिए इन उद्योगों से जीएसटी से जुड़े मसले और रिफंड के मुद्दे 30 दिन के भीतर ही सुलझाए जाएंगे। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर ध्यान देते हुए निर्मला सीतारमण ने जीएसटी पर यूके सिन्हा के सुझावों पर विचार करने और 30 दिन के भीतर निर्णय लेने की घोषणा की।

ऑटो मोबाइल सेक्टर पर पड़ रही मंदी के मार के बीच सरकार ने गाड़ियों की खरीद पर मिलने वाले डिप्रेशियसन को 15 फीसदी से बढ़ाकर 30 फीसदी कर दिया है और यह भी कहा है कि BS4 गाड़ियां 31 मार्च, 2020 के बाद भी सड़कों पर चलती रहेंगी। केंद्र सरकार ने सरकारी विभागों द्वारा वाहनों की खरीद पर लगे प्रतिबंध को भी हटा लिया है।


ऑटोमोबाइल सेक्टर में मांग में वृद्धि के लिए उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों का पंजीकरण जारी रहेगा। वाहनों पर पहली बार लगने वाले पंजीकरण शुल्क में संशोधन को सरकार ने जून, 2020 तक टाल दिया है। निर्मला सीतारमण ने कहा कि बैंकों ने ब्याज दर कम करने के लिए सहमति व्यक्त की है। इससे आवास और वाहन ऋण पर ईएमआई की दर कम हो जाएगी।

संवाददाताओं को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने 2014 के बाद से अपने एजेंडे में सुधारों को सबसे ऊपर रखा है और हम इसकी गति को बनाए हुए हैं। उन्होंने आगे भी इसे जारी रखने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा हमने कंपनी अधिनियम के तहत 14,000 मुकदमे वापस लिए हैं। कराधान में सुधार करते हुए उन्होंने कहा कि नए स्टार्ट अप पर आयकर की धारा 56 (2) (viib) नहीं लगेगी। इसके अलावा इक्विटी ट्रांसफर और मुनाफे पर बढ़े हुए सरचार्ज को भी सरकार ने हटाने की घोषणा की है।

वैश्विक मंदी की तरफ ध्यान दिलाते हुए उन्होंने कहा कि वैश्विक मांग कमजोर हुई है। अमेरिका-चीन के ट्रेड वार का भी असर वैश्विक बाजार पर पड़ रहा है। हालांकि उन्होंने कहा भारत अभी भी वैश्विक मंदी से काफी हद तक बचा हुआ है।

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