कोरोना लॉकडाउन के बीच ऑनलाइन मंडियों का विस्तार कर रही है राजस्थान सरकार, सीएम ने कहा- किसानों को होगा फायदा

राजस्थान में लॉकडाउन के दौरान 25 अप्रैल, 2020 से 30 जून, 2020 के बीच ई-नाम पोर्टल के तहत 119 नई ऑनलाइन मंडियों को जोड़ा गया। इस दौरान 2205 किसानों और 2989 व्यापारियों ने पंजीकरण कराया और कुल 2885.3 टन कृषि उत्पादन का व्यापार हुआ।

कोरोना लॉकडाउन के बीच ऑनलाइन मंडियों का विस्तार कर रही है राजस्थान सरकार, सीएम ने कहा- किसानों को होगा फायदा

कोविड-19 महामारी और लॉकडाउन के समय किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए मंडियों, बाजारों की तरफ बहुत मुश्किल हो रहा था। यह मुश्किलें अभी भी हैं क्योंकि देश अभी पूरी तरह से अनलॉक नहीं हुआ है और कई राज्यों में अभी भी पूर्ण लॉकडाउन है।

राजस्थान सरकार ने इस दौरान 25 अप्रैल, 2020 से 30 जून, 2020 के बीच ई-नाम पोर्टल के तहत कुल 119 नई ऑनलाइन मंडियों को जोड़ा, ताकि किसानों को अपनी फसल बेचने में अधिक दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़े। इन नई ई-कृषि मंडियों में 2205 किसानों और 2989 व्यापारियों ने पंजीकरण किया और कुल 2885.3 टन का व्यापार ऑनलाइन किया गया।

चालू वित्त वर्ष में पहले से मौजूद 25 ऑनलाइन मंडियों में 97 किसानों और 50 ट्रेडर और कमीशन एजेंट के नए पंजीकरण हुए है, साथ में 1,79,420 मीट्रिक टन से अधिक कृषि उपज का कारोबार किया गया है।

कोविड महामारी के बीच राज्य सरकार ऑनलाइन मंडियों के जरिये किसानों को उनकी उपज का उचित लाभ दिलाने के लिए काम कर रही है। बेहतर रिटर्न सुनिश्चित करने की दिशा में ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से पारदर्शी और निष्पक्ष व्यापार को बढ़ावा देने में राज्य सरकार जुटी हुई है। सरकार ने पहले से ही खरीदारों के ट्रेड लाइसेंस को एक एकीकृत लाइसेंस में बदलने का फैसला किया है जो उन्हें राज्य के किसी भी ई-मंडी में कृषि वस्तु का ई-व्यापार करने की अनुमति देता है।

प्रारंभ में, 25 नई मंडियों की शुरुआत की गई और बाद में इसमें 119 और जोड़े गए। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने हाल ही में 10 ई-नाम मंडियों के सुचारू संचालन के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट के लिए मंजूरी दी। राजस्थान सरकार ने किसानों को बढ़ावा देने, प्रेरित करने और लाभान्वित करने के लिए ई-भुगतान प्रचार योजना और सावित्री बाई फूले महिला कृषक सशक्तिकरण नाम की दो प्रचार योजनाओं की भी शुरुआत की है। इसके अलावा, यह देश का पहला राज्य है, जहां ई-नाम के साथ 144 एपीएमसी को जोड़ा गया है।

राज्य सरकार किसानों के लिए फसल खरीद से लेकर खाते तक में भुगतान करने के लिए बुनियादी ढांचे पर काम कर रही है। ई-नाम की स्थापना के बाद से 19,35,672 मीट्रिक टन और ऑनलाइन विपणन द्वारा 6,990 करोड़ का कारोबार किया गया है।

स्थापना के बाद से, डिजिटल कृषि मंडियों को किसान और व्यापारी और सीए पंजीकरण 13,06,265 और 16,966 किए गए, जहां राज्य भर में लगभग 68 कमोडिटी का कारोबार किया जा रहा है। 2016-17 में राजस्थान सरकार ने किसानों के 80,026 पंजीकरण प्राप्त करने से लेकर 2019-20 तक कुल 1,13,426 किसानों को जोड़ा है।

राजस्थान के कृषि और बागवानी विभाग के प्रमुख सचिव कुंजी लाल मीणा ने कहा , "राज्य सरकार मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अगुआई में किसानों की बेहतरी की दिशा में प्रतिबद्ध है, जहां ई-नाम, ई-भुगतान और अन्य तकनीकी प्रगति कृषि-व्यापार का हिस्सा बन गए हैं। किसान कल्याण के लिए प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने के मकसद से कई प्रयास किए जा रहे हैं, जहां किसानों के बीच प्रौद्योगिकी साक्षरता में वृद्धि पर भी जोर दिया जा रहा है।"

बहुत जल्द ही राज्य में सभी मंडियों में सफाई, छंटाई, ग्रेडिंग और पैकेजिंग जैसी सुविधाओं का लाभ भी उठाया जा सकेगा, उन्होंने कहा।

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