यूपीटीईटी 2019: एसटीएफ ने नकल कराने वाले गिरोह का किया भंडाफोड़, पांच गिरफ्तार

यूपीटीईटी 2019: एसटीएफ ने नकल कराने वाले गिरोह का किया भंडाफोड़, पांच गिरफ्तारएसटीएफ द्वारा गिरफ्तार अभियुक्त

यूपीटीईटी 2019 की परीक्षा में नकल कराने वाले एक गिरोह का स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने पर्दाफाश किया है। यह गिरोह परीक्षा में सॉल्वरों की मदद से नकल कराने की तैयारी कर रहा था कि एसटीएफ द्वारा धर लिया गया।। परीक्षा अभी चल रही है और प्रशासन की तरफ से परीक्षा रद्द करने संबंधी कोई सूचना नहीं आई है। इस संबंध में कुल पांच अभियुक्तों की गिरफ्तारी हुई है।

इन सभी अभियुक्तों के खिलाफ प्रयागराज के सिविल लाइंस थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। इसमें मुख्य सरगना, कॉलेज प्रबंधक, दलाल, सॉल्वर, मोबाइल और सिम डीलर शामिल हैं। अभियुक्तों के पास से 180 मोबाइल फोन, 220 प्री एक्टीवेटेड सिम, 01 ब्लूटूथ स्पीकर डिवाइस, 1 इनोवा क्रिस्टा कार, 1 टाटा मांजा कार, 2 मोटरसाइकिल और 4,11,000 रुपये नगद बरामद हुए हैं।

यूपीटीईटी की सुबह की पाली की परीक्षा के दौरान एसटीएफ ने गाजीपुर जिले में स्थित बुद्धम शरणम इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य पारस सिंह कुशवाहा और उनके तीन रिश्तेदारों चंद्रभान कुशवाहा, अजीत कुशवाहा और चंद्रपाल कुशवाहा को सामूहिक रूप से पेपर आउट कराने के आरोप में गिरफ्तार किया। उनके साथ कॉलेज के लिपिक सियाराम यादव को भी गिरफ्तार किया गया। आरोपियों से पूछताछ जारी है।

एसटीएफ का कहना है कि ये लोग प्रश्न पत्रों को मोबाइल से स्कैन कर उसका साल्व्ड पेपर डेढ़ लाख रुपए में परीक्षार्थियों को बेचने की योजना बना रहे थे। गिरफ्तार अजीत कुशवाहा के मोबाइल में प्रश्न पत्र के C और D सेट के कुल 50 पेज बरामद किए गए, वहीं कुछ पन्नों की प्रिंटिंग भी बरामद कर जब्त की गई। पारस कुशवाहा इसके पहले भी 2016 में यूपी पॉलिटेक्निक एंट्रेंस परीक्षा लीक प्रकरण में जेल जा चुका है।

पूरे प्रदेश में हो रही यूपीटीईटी की परीक्षा में 15 लाख से अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं। दो पालियों में आयोजित परीक्षा के लिए पूरे प्रदेश भर में 3000 से अधिक परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। प्राथमिक स्तर की परीक्षा के लिए 1986 और उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा के लिए 1063 केंद्र बनाए गए हैं। प्राथमिक स्तर की परीक्षा के लिए 1076336 व उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा के लिए 569174 अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन आवेदन किया है।

यह परीक्षा पहले 22 दिसंबर को होनी थी लेकिन राज्य में हो रहे नागरिकता संशोधन कानून के विरोध प्रदर्शन की वजह से यह परीक्षा रद्द कर दी गई थी।

(खबर अपडेट की जा रही है ... )

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