सूरत में 14.19 लाख का नकली घी बरामद, पाम ऑयल-केमिकल से होता था तैयार, घर में ऐसे करें असली और मिलावटी घी की पहचान

Gaon Connection | Apr 17, 2026, 15:34 IST
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गुजरात के सूरत में नकली घी का बड़ा खेल सामने आया है। पुलिस ने "ऑपरेशन शुद्धि" चलाकर असली घी में केमिकल और तेल मिलाकर बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में लाखों रुपये का नकली घी और मशीनरी जब्त की गई है।
_सूरत में नकली घी का रैकेट पकड़ा गया
_सूरत में नकली घी का रैकेट पकड़ा गया
घी जैसी रोजमर्रा की चीज में मिलावट का बड़ा खेल गुजरात के सूरत में बेनकाब हुआ है। पुलिस की कार्रवाई में सामने आया कि असली घी के नाम पर केमिकल और तेल मिलाकर नकली उत्पाद बाजार में बेचा जा रहा था। “ऑपरेशन शुद्धि” के तहत हुई इस कार्रवाई ने न सिर्फ मिलावट के नेटवर्क की पोल खोल दी, बल्कि आम उपभोक्ताओं की सेहत पर मंडरा रहे खतरे को भी उजागर कर दिया है। आइये जानते हैं कि घर में असली और नकली घी की पहचान कैसे की जा सकती है।

14.19 लाख रुपये का नकली घी बरामद

स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने सचिन GIDC इलाके में ‘सबका फूड्स’ नाम की फैक्ट्री और चोर्यासी तालुका के तलंगपुर स्थित गोदाम पर छापा मारकर 2,029 किलोग्राम मिलावटी घी जब्त किया। पुलिस ने करीब 14.19 लाख रुपये का नकली घी और 21.61 लाख रुपये की मशीनरी व कच्चा माल बरामद किया, जिससे कुल जब्ती 36.36 लाख रुपये तक पहुंच गई। इस दौरान भरत पोलारा (48) और अमीन वधवानिया (45) को गिरफ्तार किया गया और उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया।

पाम ऑयल-केमिकल से तैयार होता था नकली घी

जांच में सामने आया कि आरोपी थोड़ी मात्रा में असली घी में पाम ऑयल, वनस्पति घी और वेजिटेबल बटर मिलाकर नकली घी तैयार करते थे। घी जैसी खुशबू देने के लिए आर्टिफिशियल एसेंस और पीला रंग देने के लिए सिंथेटिक कलर का इस्तेमाल किया जाता था। केमिकल्स को सिरिंज से सटीक मात्रा में मिलाया जाता था, जिससे असली और नकली घी में फर्क करना मुश्किल हो जाता था। आरोपियों ने बताया कि वे मांग के हिसाब से अलग-अलग क्वालिटी का घी तैयार करते थे।

दो साल से चल रहा था कारोबार, कई इलाकों में सप्लाई

पुलिस के अनुसार, यह गोरखधंधा पिछले दो साल से चल रहा था और नकली घी ‘विदुर काउ घी’ व ‘देसी घी’ जैसे नामों से पैक कर झुग्गी क्षेत्रों की दुकानों, होटलों और हाईवे किनारे ढाबों तक सप्लाई किया जाता था। इसे 600-650 रुपये प्रति किलो के थोक भाव पर बेचकर बाजार में 1000 रुपये तक में बेचा जाता था। अधिकारियों को आशंका है कि यह नेटवर्क दक्षिण गुजरात से बाहर भी फैला हो सकता है, जिसकी जांच जारी है।

ऐसे करें असली और मिलावटी घी की पहचान

खाद्य पदार्थों में मिलावट को लेकर बढ़ती शिकायतों के बीच Food Safety and Standards Authority of India (FSSAI) समय-समय पर लोगों को जागरूक करने के लिए आसान घरेलू जांच के तरीके बताता रहा है। खासकर घी और मक्खन जैसे रोजमर्रा के उपयोग वाले खाद्य पदार्थों में मिलावट की पहचान के लिए भी FSSAI ने सरल विधि सुझाई है।

FSSAI के मुताबिक, घी में आलू, शकरकंद या अन्य स्टार्च की मिलावट की जांच घर पर ही की जा सकती है। इसके लिए एक पारदर्शी कांच के बर्तन में आधा चम्मच घी या मक्खन लें और उसमें आयोडीन टिंचर की 2-3 बूंदें डालें। यह प्रक्रिया कुछ ही सेकंड में परिणाम दे देती है और किसी विशेष उपकरण की जरूरत नहीं होती।

जांच के दौरान यदि घी का रंग पीला ही बना रहता है, तो वह शुद्ध माना जाता है। लेकिन यदि घी नीले रंग में बदल जाता है, तो यह स्टार्च की मिलावट का संकेत है। FSSAI का कहना है कि इस तरह की मिलावट से बचने के लिए उपभोक्ताओं को सतर्क रहना चाहिए और संदेह होने पर ऐसे सरल परीक्षण जरूर अपनाने चाहिए।

घी की शुद्धता ऐसे जांचें
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