8th Pay Commission: NC-JCM ने केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी ₹18000 से बढ़ाकर ₹69000 किए जाने की रखी मांग, सालाना इन्क्रीमेंट 6% करने का प्रस्ताव
Gaon Connection | Apr 15, 2026, 12:05 IST
केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग का इंतजार कर रहे लोगों के लिए एक बड़ा अपडेट आया है। नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) ने न्यूनतम बेसिक वेतन ₹69,000 करने और 3.833 फिटमेंट फैक्टर का प्रस्ताव दिया है। यह मांग बढ़ती महंगाई और जीवनयापन की लागत को देखते हुए की गई है।
8वें वेतन आयोग में वेतन, HRA और स्ट्रक्चर में बड़े बदलाव की मांग
8वें वेतन आयोग का इंतजार कर रहे केंद्रीय कर्मचारियों के लिए एक बड़ा अपडेट सामने आया है। नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) स्टाफ साइड ने 51 पन्नों का मेमोरेंडम सौंपते हुए न्यूनतम बेसिक वेतन ₹69,000 करने की मांग की है। इसके लिए 3.833 फिटमेंट फैक्टर का प्रस्ताव दिया गया है। यह सिफारिश 7वें वेतन आयोग के ₹18,000 न्यूनतम वेतन से काफी अधिक है। इस प्रस्ताव का उद्देश्य बढ़ती महंगाई और जीवनयापन की लागत को देखते हुए 50 लाख से ज्यादा केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को राहत देना है।
मेमोरेंडम में मौजूदा 3% वार्षिक वेतन वृद्धि (इन्क्रीमेंट) को बढ़ाकर 6% करने की सिफारिश की गई है। तर्क दिया गया है कि इससे महंगाई और बढ़ती कीमतों का बेहतर संतुलन हो सकेगा। इसके अलावा, निचले और मध्यम स्तर के वेतन बैंड को मिलाकर वेतन ढांचे को सरल बनाने का सुझाव दिया गया है, जबकि उच्च स्तर पर संशोधन फिटमेंट फैक्टर के आधार पर होगा।
एनसी-जेसीएम ने हाउस रेंट अलाउंस (HRA) में भी बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया है। इसके तहत X शहरों में 40%, Y में 35% और Z शहरों में 30% HRA देने की सिफारिश की गई है। साथ ही HRA को महंगाई भत्ते (DA) से जोड़ने और हर पांच साल में शहरों की श्रेणी की समीक्षा करने का सुझाव दिया गया है।
मेमोरेंडम में अतिरिक्त योग्यता रखने वाले कर्मचारियों को 10% अतिरिक्त वेतन, ओवरटाइम के लिए दोगुनी दर और स्वास्थ्य, रक्षा व प्रयोगशाला जैसे उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में बेहतर वेतन देने का भी प्रस्ताव शामिल है। वेतन संरचना में समानता लाने के लिए न्यूनतम और अधिकतम वेतन अनुपात 1:12 रखने की सिफारिश की गई है।
8वां वेतन आयोग केंद्र सरकार द्वारा गठित एक पैनल है, जो सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन, भत्तों और पेंशन में संशोधन करता है। साथ ही यह सरकारी खर्च, रिटायरमेंट लाभ और अन्य आर्थिक प्रभावों का भी आकलन करता है।
कॉमरेड्स,
आठवें वेतन आयोग से जुड़ी एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा कर रहा हूं। नेशनल काउंसिल (JCM) के सेक्रेटरी के रूप में हमारी ओर से आठवें वेतन आयोग को तय समय सीमा से काफी पहले आज मेमोरेंडम भेज दिया गया है।
बढ़ती महंगाई और जीवन की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कई अहम मांगें रखी…
— Shiva Gopal Mishra (@ShivaGopalMish1) April 14, 2026
प्रस्तावित 3.833 फिटमेंट फैक्टर पर वेतन मैट्रिक्स (8वां वेतन आयोग)
| क्रमांक | प्रस्तावित स्तर | मौजूदा वेतन मैट्रिक्स | प्रस्तावित न्यूनतम वेतन (₹) |
|---|---|---|---|
| 1 | पे स्केल–1 (लेवल 1) | ₹18,000 – ₹56,900 | ₹69,000 |
| 2 | पे स्केल–2 (लेवल 2-3 मर्ज) | ₹21,700 – ₹69,100 | ₹83,200 |
| 3 | पे स्केल–3 (लेवल 4-5 मर्ज) | ₹29,200 – ₹92,300 | ₹1,12,000 |
| 4 | पे स्केल–4 (लेवल 6) | ₹35,400 – ₹1,12,400 | ₹1,35,700 |
| 5 | पे स्केल–5 (लेवल 7-8 मर्ज) | ₹47,600 – ₹1,51,100 | ₹1,82,500 |
| 6 | पे स्केल–6 (लेवल 9-10 मर्ज) | ₹56,100 – ₹1,77,500 | ₹2,15,100 |
| 7 | पे स्केल–7 से 13 (लेवल 11-17) | — |
सालाना बढ़ोतरी और वेतन ढांचे में बदलाव
HRA और भत्तों में बदलाव
मेमोरेंडम में अतिरिक्त योग्यता रखने वाले कर्मचारियों को 10% अतिरिक्त वेतन, ओवरटाइम के लिए दोगुनी दर और स्वास्थ्य, रक्षा व प्रयोगशाला जैसे उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में बेहतर वेतन देने का भी प्रस्ताव शामिल है। वेतन संरचना में समानता लाने के लिए न्यूनतम और अधिकतम वेतन अनुपात 1:12 रखने की सिफारिश की गई है।