Project Praveen: कक्षा 9 से 12 तक के वोकेशनल ट्रेनिंग में अनिवार्य हुआ ‘AI-for-ALL' कोर्स
Gaon Connection | Mar 26, 2026, 19:22 IST
उत्तर प्रदेश की सरकारी स्कूलों में शिक्षा की नींव को और मजबूत किया जा रहा है। 'प्रोजेक्ट प्रवीण' के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को पाठ्यक्रम में शामिल किया जा रहा है। कक्षा 9 से 12 के व्यवसायिक पाठ्यक्रम में 'AI for All' को अनिवार्य किया जाएगा, जो 2026-27 से सभी छात्रों के लिए लागू होगा।
‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ में एआई की एंट्री
उत्तर प्रदेश में स्कूली शिक्षा को भविष्य की जरूरतों के मुताबिक बनाने की दिशा में एक अहम पहल की गई है। योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में ‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ के तहत अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को शामिल किया गया है। इसके तहत कक्षा 9 से 12 तक के वोकेशनल कोर्स में ‘AI for All’ को अनिवार्य कर दिया गया है, जो 2026-27 से लागू होगा।
‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ एक कौशल विकास कार्यक्रम है, जिसे उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन चला रहा है। इस कार्यक्रम के तहत कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों को 210 घंटे का मुफ्त प्रशिक्षण दिया जाता है। इसमें आईटी, हेल्थकेयर, ब्यूटी और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में रोजगारपरक कौशल सिखाए जाते हैं। अब इसमें एआई को जोड़कर इसे और आधुनिक बनाया जा रहा है।
नए बदलाव के तहत ‘AI for All’ नाम का 4 घंटे का कोर्स छात्रों और प्रशिक्षकों दोनों के लिए अनिवार्य किया गया है। इस कोर्स में छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बुनियादी जानकारी, उसके उपयोग और उससे जुड़े अवसरों के बारे में सिखाया जाएगा। साथ ही, अलग-अलग जॉब रोल्स के अनुसार कस्टमाइज्ड एआई मॉड्यूल भी तैयार किए गए हैं।
इस पहल से प्रदेश के 1200 से अधिक सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों के करीब 2 लाख छात्र-छात्राओं को सीधा लाभ मिलेगा। यह कदम छात्रों को कम उम्र में ही तकनीकी रूप से मजबूत बनाने में मदद करेगा और उन्हें भविष्य के रोजगार के लिए तैयार करेगा।
एआई कोर्स के जरिए छात्रों में समस्या समाधान, रचनात्मक सोच, डेटा विश्लेषण और डिजिटल स्किल्स जैसे महत्वपूर्ण गुण विकसित किए जाएंगे। इससे वे बदलती नौकरी की जरूरतों के अनुसार खुद को ढाल सकेंगे और नए अवसरों का फायदा उठा पाएंगे।
इस योजना को प्रभावी बनाने के लिए सभी प्रशिक्षकों के लिए भी ‘AI for All’ कोर्स पूरा करना अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा, 28 मार्च को एक ऑनलाइन वर्कशॉप आयोजित की जाएगी, जिसमें विशेषज्ञ प्रशिक्षकों को एआई की तकनीकी जानकारी देंगे, ताकि वे छात्रों को बेहतर तरीके से पढ़ा सकें।
राज्य सरकार का उद्देश्य है कि छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ ऐसे कौशल भी दिए जाएं, जो उन्हें सीधे रोजगार से जोड़ सकें। इस पहल को लेकर अधिकारियों का मानना है कि यह स्कूली शिक्षा में एक बड़ा बदलाव लाएगा और युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करेगा।