AI Impact Summit 2026: दिल्ली में शुभारंभ, ट्रैफिक, सुरक्षा और प्रमुख हस्तियों का जमावड़ा, जानिए समिट की पूरी डिटेल
Preeti Nahar | Feb 16, 2026, 10:43 IST
दिल्ली में एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का आज शुभारंभ हुआ है, जो 20 फरवरी तक जारी रहेगा। इस ऐतिहासिक समिट में वैश्विक नेता और तकनीकी कंपनी के सीईओ शामिल हो रहे हैं। इस आयोजन के चलते शहरभर में सुरक्षा इंतजाम और यातायात नियंत्रण कड़े किए गए हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने इस कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए कहा-'Bringing the World Together' साथ ही इस समिट का उद्देशय है AI का इस्तेमाल इंसानों को ध्यान में रखकर और सभी को शामिल करते हुए होना चाहिए। जानिए कार्यक्रम की पूरी डिटेल।
AI-SUMMIT 2026
दिल्ली में आज से AI Impact Summit 2026 शुरू हो गया है, जो 16 से 20 फरवरी तक चलेगा। इस बड़े इवेंट में दुनिया भर के बड़े नेता और टेक कंपनियों के CEO शामिल हो रहे हैं। यह AI समिट नई दिल्ली में आयोजित हो रहा है और इसमें कई देशों के नेता, टेक कंपनियों के बड़े प्रतिनिधि और वीआईपी शामिल हैं। इस कारण राजधानी में सुरक्षा और ट्रैफिक को लेकर विशेष प्रबंध किए गए हैं। कुछ प्रमुख सड़कों पर सामान्य कारों को जाने की अनुमति नहीं है। जिन गाड़ियों का डेस्टिनेशन दिल्ली नहीं है, उन्हें पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और अन्य वैकल्पिक रास्तों पर भेजा जा रहा है ताकि शहर में भीड़ कम रहे।
सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए दिल्ली पुलिस और अन्य एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं। एन्टी-ड्रोन सिस्टम, साइबर मॉनिटरिंग, रैपिड रिस्पॉन्स टीम और CCTV कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि पूरे इलाके पर कड़ी नजर रखी जा सके। करीब 4 हजार से ज्यादा सुरक्षा कर्मी 10 अलग-अलग जोन में तैनात हैं। इनका मकसद वीआईपी और आम जनता दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
भारत एआई समिट 2026 में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल इंसानों को ध्यान में रखकर और सभी को शामिल करते हुए होना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एआई के संसाधनों तक सभी की समान पहुँच होनी चाहिए और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि लोग इस पूरी प्रक्रिया के केंद्र में रहें।
एस. कृष्णन ने आगे कहा कि एआई को पूरी अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़े सकारात्मक प्रोत्साहन के रूप में देखा जाना चाहिए। इस तकनीक का उपयोग करके भारत और ग्लोबल साउथ सहित दुनिया भर के हर क्षेत्र में विकास को आगे बढ़ाया जा सकता है। उनका मानना है कि एआई एक समावेशी तकनीक बन सकती है, जो पूरी दुनिया को ऊंची विकास दर की ओर ले जाएगी और समृद्धि का लाभ हर व्यक्ति तक पहुँचाएगी।
उद्घाटन से पहले प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी ने माइक्रो ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म X पर एआई समिट को लेकर एक पोस्ट शेयर किया है जिसमें उन्होंने बताया कि-
https://x.com/narendramodi/status/2023238502302015808
1. गर्व और भारत की क्षमता- पीएम मोदी ने कहा कि भारत में दुनिया भर के नेताओं, टेक एक्सपर्ट्स और शोधकर्ताओं का आना गर्व की बात है। उन्होंने बताया कि यह दिखाता है कि भारत के युवा और देश तकनीक में तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं।
2. समिट का मकसद- उन्होंने कहा कि यह समिट AI (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) के सकारात्मक उपयोग, नवाचार और सहयोग को बढ़ावा देने के लिए है। खासकर स्वास्थ्य, शिक्षा, खेती और सरकारी कामकाज जैसे क्षेत्रों में AI के उपयोग पर चर्चा होगी।
3. भारत की नेतृत्व भूमिका- मोदी जी ने बताया कि AI आज दुनिया के कई क्षेत्रों को बदल रहा है और भारत AI बदलाव के अग्रणी देशों में शामिल हो रहा है। उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक AI कवायद (AI transformation) का हिस्सा बन चुका है।
4. दुनिया को एक साथ लाना- मोदी जी ने कहा कि समिट का लक्ष्य दुनिया के देश और विशेषज्ञों को एक साथ लाकर AI के लाभों को साझा करना है। यह समिट वैश्विक चर्चा और सहयोग का मंच भी है।
इस समिट का मुख्य मकसद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का दुनिया पर पड़ने वाले असर, रोजगार, पर्यावरण, सुरक्षा, डेटा प्राइवेसी और टेक्नोलॉजी के भविष्य जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करना है. भारत इस मंच का उपयोग सुरक्षित, जिम्मेदार और इंसान-केंद्रित AI पर दुनिया के साथ संवाद स्थापित करने के लिए कर रहा है। 500 से अधिक AI बेस्ड Start-ups इसमें हिल्ला लेंगे। सरल शब्दों में कहें तो, दिल्ली में आज से एक बहुत बड़ा टेक सम्मेलन शुरू हुआ है। इसमें दुनिया के बड़े-बड़े नेता और टेक कंपनियों के CEO आए हैं। इसी वजह से शहर में ट्रैफिक के नियम बदले गए हैं और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। लोगों को सलाह दी जा रही है कि अगर वे बाहर जा रहे हैं तो अपनी यात्रा की योजना पहले से बना लें।
2026 से पहले साल 2023 में बंकिघमशायर में, 2024 में सियोल में और 2025 में पेरिस में AI Summit हुए थे, जिनका आधार एआई के खतरों और सुरक्षा पर ध्यान देना था। इस बार के आयोजन में भारत ने चर्चा का दायरा बढ़ाते हुए एआई द्वारा विकास होने पर केंद्रित किया है। इसका मकसद आर्थिक विकास, सामाजिक समावेश और स्थिरता को बढ़ावा देना है। भारत की तरफ से इस बात पर ज़ोर दिया जा रहा है कि जिस तरह से भारत ने UPI और AADHAR जैसे प्लेटफॉर्म बनाए, उसी तरह से दुनिया को समावेशी एआई समाधान देने की क्षमता भारत रखता है। भारत का लक्ष्य एआई से विशाल डेटासेट तैयार करना और एआई स्किलिंग पर जोर देना है। समिट 2026 की थीम भी "पीपल, प्लैनेट और प्रौग्रेस" रखा गया है।
ट्रैफिक अधिकारी लोगों से अपील कर रहे हैं कि अगर आज बाहर निकलना है तो अपनी यात्रा की योजना पहले से बना लें। वैकल्पिक मार्गों का चुनाव करें और थोड़ा अतिरिक्त समय लेकर चलें। दिल्ली के कुछ मुख्य रास्तों पर जाम लग सकता है, खासकर तब जब वीआईपी काफिले गुजर रहे हों। बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होने वाले छात्रों और यात्रियों को भी परेशानी न हो, इसके लिए पुलिस ने खास इंतजाम किए हैं। छात्रों को परीक्षा केंद्रों और स्टेशन/एयरपोर्ट तक आसानी से पहुंचने में मदद की जाएगी। छात्रों से कहा गया है कि वे परीक्षा या यात्रा के लिए समय से पहले घर से निकलें।
कुल मिलाकर, दिल्ली इस समय एक बड़े अंतरराष्ट्रीय इवेंट की वजह से हाई-प्रोफाइल सुरक्षा जोन बन गई है। लोगों से धैर्य रखने और पुलिस के निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया जा रहा है ताकि यह समिट बिना किसी रुकावट के सफलतापूर्वक संपन्न हो सके। इस समिट में भारत और दुनिया भर के कई महत्वपूर्ण नेता और टेक कंपनियों के प्रमुख शिरकत कर रहे हैं। कुछ प्रमुख नामों में गूगल के CEO सुंदर पिचाई, OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन, एंथ्रोपिक के CEO डारियो अमोडेई, DeepMind के CEO डेमिस हासाबिस, Microsoft के प्रेसिडेंट ब्रैड स्मिथ, Qualcomm के CEO क्रिस्टियानो एमोन और Meta के चीफ AI ऑफिसर यान लेकुन शामिल हैं। इनके अलावा कई भारतीय और विदेशी टेक कंपनियों के CEO भी भाग ले रहे हैं।
देशों के राष्ट्राध्यक्षों की बात करें तो इस समिट में लगभग 7 देशों के राष्ट्रपति और 9 देशों के प्रधानमंत्री भी मौजूद हैं। इनमें फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा जैसे नेता शामिल हैं। कई अन्य देशों के प्रधानमंत्री और नेतागण भी इस सम्मेलन का हिस्सा बन रहे हैं।
सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए दिल्ली पुलिस और अन्य एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं। एन्टी-ड्रोन सिस्टम, साइबर मॉनिटरिंग, रैपिड रिस्पॉन्स टीम और CCTV कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि पूरे इलाके पर कड़ी नजर रखी जा सके। करीब 4 हजार से ज्यादा सुरक्षा कर्मी 10 अलग-अलग जोन में तैनात हैं। इनका मकसद वीआईपी और आम जनता दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
इंसान-केंद्रित और समावेशी हो AI का इस्तेमाल
एस. कृष्णन ने आगे कहा कि एआई को पूरी अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़े सकारात्मक प्रोत्साहन के रूप में देखा जाना चाहिए। इस तकनीक का उपयोग करके भारत और ग्लोबल साउथ सहित दुनिया भर के हर क्षेत्र में विकास को आगे बढ़ाया जा सकता है। उनका मानना है कि एआई एक समावेशी तकनीक बन सकती है, जो पूरी दुनिया को ऊंची विकास दर की ओर ले जाएगी और समृद्धि का लाभ हर व्यक्ति तक पहुँचाएगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा-Bringing the World Together
https://x.com/narendramodi/status/2023238502302015808
1. गर्व और भारत की क्षमता- पीएम मोदी ने कहा कि भारत में दुनिया भर के नेताओं, टेक एक्सपर्ट्स और शोधकर्ताओं का आना गर्व की बात है। उन्होंने बताया कि यह दिखाता है कि भारत के युवा और देश तकनीक में तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं।
2. समिट का मकसद- उन्होंने कहा कि यह समिट AI (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) के सकारात्मक उपयोग, नवाचार और सहयोग को बढ़ावा देने के लिए है। खासकर स्वास्थ्य, शिक्षा, खेती और सरकारी कामकाज जैसे क्षेत्रों में AI के उपयोग पर चर्चा होगी।
3. भारत की नेतृत्व भूमिका- मोदी जी ने बताया कि AI आज दुनिया के कई क्षेत्रों को बदल रहा है और भारत AI बदलाव के अग्रणी देशों में शामिल हो रहा है। उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक AI कवायद (AI transformation) का हिस्सा बन चुका है।
4. दुनिया को एक साथ लाना- मोदी जी ने कहा कि समिट का लक्ष्य दुनिया के देश और विशेषज्ञों को एक साथ लाकर AI के लाभों को साझा करना है। यह समिट वैश्विक चर्चा और सहयोग का मंच भी है।