GENERAL

Preeti Nahar

    8th Pay Commission: ₹18,000 से बढ़कर ₹69,000 न्यूनतम वेतन की माँग
    8th Pay Commission: ₹18,000 से बढ़कर ₹69,000 न्यूनतम वेतन की माँग

    By Preeti Nahar

    8वें वेतन आयोग का इंतजार कर रहे केंद्रीय कर्मचारियों के लिए एक बड़ा अपडेट सामने आया है। नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) स्टाफ साइड ने 51 पन्नों का मेमोरेंडम सौंपते हुए न्यूनतम बेसिक वेतन ₹69,000 करने की मांग की है। इसके लिए 3.833 फिटमेंट फैक्टर का प्रस्ताव दिया गया है। यह सिफारिश 7वें वेतन आयोग के ₹18,000 न्यूनतम वेतन से काफी अधिक है। इस प्रस्ताव का उद्देश्य बढ़ती महंगाई और जीवनयापन की लागत को देखते हुए 50 लाख से ज्यादा केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को राहत देना है।

    8वें वेतन आयोग का इंतजार कर रहे केंद्रीय कर्मचारियों के लिए एक बड़ा अपडेट सामने आया है। नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) स्टाफ साइड ने 51 पन्नों का मेमोरेंडम सौंपते हुए न्यूनतम बेसिक वेतन ₹69,000 करने की मांग की है। इसके लिए 3.833 फिटमेंट फैक्टर का प्रस्ताव दिया गया है। यह सिफारिश 7वें वेतन आयोग के ₹18,000 न्यूनतम वेतन से काफी अधिक है। इस प्रस्ताव का उद्देश्य बढ़ती महंगाई और जीवनयापन की लागत को देखते हुए 50 लाख से ज्यादा केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को राहत देना है।

    Baat Pate Ki :  क्या है Carbon Credit? अब किसान कार्बन क्रेडिट से भी कमा सकते हैं !
    Baat Pate Ki : क्या है Carbon Credit? अब किसान कार्बन क्रेडिट से भी कमा सकते हैं !

    By Preeti Nahar

    आज के 'Baat Pate Ki' में जानिए खेती से जुड़ी एक ऐसी कमाई के बारे में, जो आने वाले समय में गेम चेंजर बन सकती है— कार्बन क्रेडिट। बदलते मौसम और बढ़ते प्रदूषण के बीच अब किसानों के लिए एक नया मौका है, जहां वो पर्यावरण बचाते हुए एक्स्ट्रा इनकम भी कमा सकते हैं। इस वीडियो में आसान भाषा में समझिए कि कार्बन क्रेडिट क्या है, किसान इसे कैसे बना सकते हैं और इससे कमाई कैसे होती है। अगर आप खेती में नई तकनीक अपना रहे हैं या बदलाव की सोच रहे हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद जरूरी है। ऐसी ही खेती-किसानी से जुड़ी जरूरी जानकारी के लिए जुड़े रहें Gaon Connection के साथ।

    आज के 'Baat Pate Ki' में जानिए खेती से जुड़ी एक ऐसी कमाई के बारे में, जो आने वाले समय में गेम चेंजर बन सकती है— कार्बन क्रेडिट। बदलते मौसम और बढ़ते प्रदूषण के बीच अब किसानों के लिए एक नया मौका है, जहां वो पर्यावरण बचाते हुए एक्स्ट्रा इनकम भी कमा सकते हैं। इस वीडियो में आसान भाषा में समझिए कि कार्बन क्रेडिट क्या है, किसान इसे कैसे बना सकते हैं और इससे कमाई कैसे होती है। अगर आप खेती में नई तकनीक अपना रहे हैं या बदलाव की सोच रहे हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद जरूरी है। ऐसी ही खेती-किसानी से जुड़ी जरूरी जानकारी के लिए जुड़े रहें Gaon Connection के साथ।

    NASA की Artemis II मिशन की वायरल तस्वीर: 1972 के बाद पहली बार इंसानों ने ली धरती की अद्भुत झलक
    NASA की Artemis II मिशन की वायरल तस्वीर: 1972 के बाद पहली बार इंसानों ने ली धरती की अद्भुत झलक

    By Preeti Nahar

    नासा ने हाल ही में अंतरिक्ष से धरती की एक शानदार तस्वीर साझा की है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। यह चित्र आर्टेमिस II मिशन के दौरान लिया गया है, जो 1972 के बाद इंसानों द्वारा इतनी दूर से धरती की खींची गई छवि है।

    नासा ने हाल ही में अंतरिक्ष से धरती की एक शानदार तस्वीर साझा की है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। यह चित्र आर्टेमिस II मिशन के दौरान लिया गया है, जो 1972 के बाद इंसानों द्वारा इतनी दूर से धरती की खींची गई छवि है।

    Film Review: अकेलेपन, असफलता और ज़िंदगी में टूटते भरोसे की कहानी है मिनी फीचर फिल्म 'KOOD'
    Film Review: अकेलेपन, असफलता और ज़िंदगी में टूटते भरोसे की कहानी है मिनी फीचर फिल्म 'KOOD'

    By Preeti Nahar

    Kood Film Review: नीलेश मिसरा की पहली फिल्म 'कूद' रिलीज हो गई है। यह फिल्म छोटे शहरों की मानवीय कहानियों को दर्शाती है। फिल्म दो अजनबियों की कहानी बताती है जो अपनी तकलीफों से हारकर एक पुल पर मिलते हैं। यहीं से फिल्म की पूरी कहानी शुरू होती है। फिल्म अकेलेपन, असफलता और टूटते भरोसे जैसे मुद्दों को उठाती है। पढ़िए फिल्म को लेकर दर्शकों की क्या राय रही।

    Kood Film Review: नीलेश मिसरा की पहली फिल्म 'कूद' रिलीज हो गई है। यह फिल्म छोटे शहरों की मानवीय कहानियों को दर्शाती है। फिल्म दो अजनबियों की कहानी बताती है जो अपनी तकलीफों से हारकर एक पुल पर मिलते हैं। यहीं से फिल्म की पूरी कहानी शुरू होती है। फिल्म अकेलेपन, असफलता और टूटते भरोसे जैसे मुद्दों को उठाती है। पढ़िए फिल्म को लेकर दर्शकों की क्या राय रही।

    Digital Census 2027: इस बार जनगणना में पूछे जाएंगे ये 33 सवाल, घर बैठे  फॉर्म भरने की सुविधा; जानें क्या हैं नए नियम?
    Digital Census 2027: इस बार जनगणना में पूछे जाएंगे ये 33 सवाल, घर बैठे फॉर्म भरने की सुविधा; जानें क्या हैं नए नियम?

    By Preeti Nahar

    भारत में पहली बार पूरी तरह डिजिटल जनगणना शुरू हो गई है। यह प्रक्रिया 1 अप्रैल 2026 से शुरू हुई है। लोग अब मोबाइल ऐप या वेब पोर्टल पर खुद अपनी जानकारी भर सकते हैं। जानिए इस बार की जनगणना में पूछे जाएंगे कौैनसे सवाल?

    भारत में पहली बार पूरी तरह डिजिटल जनगणना शुरू हो गई है। यह प्रक्रिया 1 अप्रैल 2026 से शुरू हुई है। लोग अब मोबाइल ऐप या वेब पोर्टल पर खुद अपनी जानकारी भर सकते हैं। जानिए इस बार की जनगणना में पूछे जाएंगे कौैनसे सवाल?

    Extreme Heat Crisis: 2050 तक बढ़ती गर्मी के कारण शारीरिक एक्टिविटी हो जाएगी धीमी, हर साल बढ़ सकती हैं 7 लाख मौतें
    Extreme Heat Crisis: 2050 तक बढ़ती गर्मी के कारण शारीरिक एक्टिविटी हो जाएगी धीमी, हर साल बढ़ सकती हैं 7 लाख मौतें

    By Preeti Nahar

    गर्मी का बढ़ता स्तर अब एक बहुत बड़ा स्वास्थ्य और आर्थिक संकट बन गया है। 2050 तक तापमान में वृद्धि से गतिशीलता कम होगी, जिससे मृत्यु दर में भी वृद्धि हो सकती है। गरीब देशों पर इसका सबसे बुरा प्रभाव पड़ेगा। भारत में भी जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों का सामना करना पड़ेगा।

    गर्मी का बढ़ता स्तर अब एक बहुत बड़ा स्वास्थ्य और आर्थिक संकट बन गया है। 2050 तक तापमान में वृद्धि से गतिशीलता कम होगी, जिससे मृत्यु दर में भी वृद्धि हो सकती है। गरीब देशों पर इसका सबसे बुरा प्रभाव पड़ेगा। भारत में भी जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों का सामना करना पड़ेगा।

    Spice Prices in India: खाड़ी देशों में निर्यात ठप होने से मसालों की कीमतों में आई गिरावट, घरेलू बाजार में सस्ते हुए मसाले
    Spice Prices in India: खाड़ी देशों में निर्यात ठप होने से मसालों की कीमतों में आई गिरावट, घरेलू बाजार में सस्ते हुए मसाले

    By Preeti Nahar

    भारत से खाड़ी देशों को मसालों का निर्यात ठप होने से अब घरेलू बाजार में विभिन्न मसालों की कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है। जैसे ही इलायची, काली मिर्च, जीरा, हल्दी और धनिया की खेप देश के भीतर रुकी, किसानों और निर्यातकों पर आर्थिक दबाव बढ़ गया।

    भारत से खाड़ी देशों को मसालों का निर्यात ठप होने से अब घरेलू बाजार में विभिन्न मसालों की कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है। जैसे ही इलायची, काली मिर्च, जीरा, हल्दी और धनिया की खेप देश के भीतर रुकी, किसानों और निर्यातकों पर आर्थिक दबाव बढ़ गया।

    WATCH | किसान की मेहनत हुई सस्ती, झेल रहा चौतरफा मार, देखिए पूरी रिपोर्ट
    WATCH | किसान की मेहनत हुई सस्ती, झेल रहा चौतरफा मार, देखिए पूरी रिपोर्ट

    By Preeti Nahar

    आज कहानी किसानों की, जो मेहनत पूरी करते हैं…लेकिन उनकी फसल पर संकट बना रहता है। कभी मौसम का संकट तो कभी बाजार का संकट। इस साल आलू की फसल बंपर हुई, लेकिन मंडियों में दाम बहुत कम मिल रहे हैं। कई जगह किसान को लागत भी नहीं मिल रही। यानी बीज, खाद, मजदूरी सब जोड़ लें तो जितना खर्च हुआ, उतना भी वापस नहीं आ रहा। ऐसे में किसान क्या कहेगा कि “उगाया सोना… लेकिन बिक रहा मिट्टी के भाव।” देखिए पूरी रिपोर्ट

    आज कहानी किसानों की, जो मेहनत पूरी करते हैं…लेकिन उनकी फसल पर संकट बना रहता है। कभी मौसम का संकट तो कभी बाजार का संकट। इस साल आलू की फसल बंपर हुई, लेकिन मंडियों में दाम बहुत कम मिल रहे हैं। कई जगह किसान को लागत भी नहीं मिल रही। यानी बीज, खाद, मजदूरी सब जोड़ लें तो जितना खर्च हुआ, उतना भी वापस नहीं आ रहा। ऐसे में किसान क्या कहेगा कि “उगाया सोना… लेकिन बिक रहा मिट्टी के भाव।” देखिए पूरी रिपोर्ट

    World Sparrow Day : गाँव से शहर तक गायब होती गौरैया की चहचहाहट, क्या कहते हैं आँकड़े और क्या हैं समाधान?
    World Sparrow Day : गाँव से शहर तक गायब होती गौरैया की चहचहाहट, क्या कहते हैं आँकड़े और क्या हैं समाधान?

    By Preeti Nahar

    Sparrow population decline: गौरैया की कम होती संख्या एक गंभीर चिंता का सबब बन चुकी है। जो चिड़िया पहले हर चौराहे पर चहकती थी, अब वह हमारी छतों और पेड़ों से गायब होती जा रही है। यह हमारे पर्यावरण के लिए एक चेतावनी है। अगर हम इसे बचाना चाहते हैं, तो अपने आस-पास घोंसले बनाना, खाने और पानी का इंतजाम करना चाहिए।

    Sparrow population decline: गौरैया की कम होती संख्या एक गंभीर चिंता का सबब बन चुकी है। जो चिड़िया पहले हर चौराहे पर चहकती थी, अब वह हमारी छतों और पेड़ों से गायब होती जा रही है। यह हमारे पर्यावरण के लिए एक चेतावनी है। अगर हम इसे बचाना चाहते हैं, तो अपने आस-पास घोंसले बनाना, खाने और पानी का इंतजाम करना चाहिए।

    Harish Rana Case: "सबको माफ़ करते हुए...अब जाओ", ग़मगीन आखों से परिवार ने दी हरीश को आखिरी विदाई
    Harish Rana Case: "सबको माफ़ करते हुए...अब जाओ", ग़मगीन आखों से परिवार ने दी हरीश को आखिरी विदाई

    By Preeti Nahar

    Harish Rana Updates:सुप्रीम कोर्ट की अनुमति के बाद हरीश राणा को एम्स में भर्ती किया गया है और अब उनकी गरिमामयी मृत्यु (Dignified Death) के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया है। 5 सदस्यीय मेडिकल टीम बनाई गई है। टीम में शामिल एक्सपर्ट में पैलिएटिव केयर, न्यूरोलॉजी, एनेस्थिसिया और अन्य विभागों के वरिष्ठ डॉक्टर हैं।

    Harish Rana Updates:सुप्रीम कोर्ट की अनुमति के बाद हरीश राणा को एम्स में भर्ती किया गया है और अब उनकी गरिमामयी मृत्यु (Dignified Death) के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया है। 5 सदस्यीय मेडिकल टीम बनाई गई है। टीम में शामिल एक्सपर्ट में पैलिएटिव केयर, न्यूरोलॉजी, एनेस्थिसिया और अन्य विभागों के वरिष्ठ डॉक्टर हैं।