By Preeti Nahar
दिल्ली में 12-14 फरवरी को होने वाले डेयरी एक्सपो में उन्नत तकनीक और डेयरी में इनोवेशन की जानकारी के लिए देश-विदेश से 200 से अधिक कंपनियां और शामिल हो रही हैं। भारत दुनिया में सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक देश है।
दिल्ली में 12-14 फरवरी को होने वाले डेयरी एक्सपो में उन्नत तकनीक और डेयरी में इनोवेशन की जानकारी के लिए देश-विदेश से 200 से अधिक कंपनियां और शामिल हो रही हैं। भारत दुनिया में सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक देश है।
By Preeti Nahar
अगर आपके आस-पास कोई मानसिक रोगों से जूझ रहा है तो गाँव व जिला स्तर पर इलाज करा सकता है। क्योंकि मानसिक स्वास्थ्य कोई छुपाने की चीज नहीं है, समय पर इलाज और सही परामर्श बीमारी को बढ़ने से रोकने में मदद करता है। चुनौती यही है कि लोग जागरूक हों, डर छोड़ें और समय पर मदद लें। जानिए आपके गाँव और जिला स्तर पर मानसिक रोगों के इलाज के लिए कौन-कौन सी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
अगर आपके आस-पास कोई मानसिक रोगों से जूझ रहा है तो गाँव व जिला स्तर पर इलाज करा सकता है। क्योंकि मानसिक स्वास्थ्य कोई छुपाने की चीज नहीं है, समय पर इलाज और सही परामर्श बीमारी को बढ़ने से रोकने में मदद करता है। चुनौती यही है कि लोग जागरूक हों, डर छोड़ें और समय पर मदद लें। जानिए आपके गाँव और जिला स्तर पर मानसिक रोगों के इलाज के लिए कौन-कौन सी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
By Preeti Nahar
उत्तर प्रदेश सरकार ने 9.12 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया है। इसमें निवेश और रोजगार बढ़ाने पर ध्यान दिया गया है। शिक्षा, स्वास्थ्य और युवाओं के भविष्य को प्राथमिकता दी गई है। बजट में कहा गया कि प्रदेश में नई टेक्नोलॉजी मिशन और टेक युवा योजनाएँ शुरू होंगी। महिला उद्यमियों और किसानों के लिए भी नई योजनाएं लाई जा रही हैं। जानिए आपके लिए बजट में क्या कुछ है ख़ास
उत्तर प्रदेश सरकार ने 9.12 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया है। इसमें निवेश और रोजगार बढ़ाने पर ध्यान दिया गया है। शिक्षा, स्वास्थ्य और युवाओं के भविष्य को प्राथमिकता दी गई है। बजट में कहा गया कि प्रदेश में नई टेक्नोलॉजी मिशन और टेक युवा योजनाएँ शुरू होंगी। महिला उद्यमियों और किसानों के लिए भी नई योजनाएं लाई जा रही हैं। जानिए आपके लिए बजट में क्या कुछ है ख़ास
By Preeti Nahar
Mobile Addiction in Children: बच्चों में मोबाइल की लत एक गंभीर समस्या बनती जा रही है। गाजियाबाद की घटना ने पेरेंट्स को चिंतित कर दिया है। मनोचिकित्सक डॉ. राजीव मेहता के अनुसार, बच्चों को मोबाइल से दूर रखने के लिए पेरेंट्स को सख्त कदम उठाने होंगे। बच्चों को अन्य गतिविधियों में व्यस्त रखना और खुद रोल मॉडल बनना आवश्यक है।
Mobile Addiction in Children: बच्चों में मोबाइल की लत एक गंभीर समस्या बनती जा रही है। गाजियाबाद की घटना ने पेरेंट्स को चिंतित कर दिया है। मनोचिकित्सक डॉ. राजीव मेहता के अनुसार, बच्चों को मोबाइल से दूर रखने के लिए पेरेंट्स को सख्त कदम उठाने होंगे। बच्चों को अन्य गतिविधियों में व्यस्त रखना और खुद रोल मॉडल बनना आवश्यक है।
By Preeti Nahar
फरवरी का दूसरा हफ्ता उत्तर भारत में मौसम के रंग बदलने का संकेत दे रहा है। देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम की तस्वीर एक-सी नहीं है। मैदानी इलाकों में ठंड धीरे-धीरे कमजोर पड़ रही है और तापमान में बढ़ोतरी हो रही है, जबकि पहाड़ी राज्यों में पश्चिमी विक्षोभ के असर से बारिश और बर्फबारी का दौर जारी है। इसका सीधा असर जनजीवन, खेती और यात्रा पर पड़ रहा है। दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश में धूप के साथ गर्मी का एहसास होगा। हालांकि, हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी और बारिश की स्थिति बनीरहेगी।
फरवरी का दूसरा हफ्ता उत्तर भारत में मौसम के रंग बदलने का संकेत दे रहा है। देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम की तस्वीर एक-सी नहीं है। मैदानी इलाकों में ठंड धीरे-धीरे कमजोर पड़ रही है और तापमान में बढ़ोतरी हो रही है, जबकि पहाड़ी राज्यों में पश्चिमी विक्षोभ के असर से बारिश और बर्फबारी का दौर जारी है। इसका सीधा असर जनजीवन, खेती और यात्रा पर पड़ रहा है। दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश में धूप के साथ गर्मी का एहसास होगा। हालांकि, हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी और बारिश की स्थिति बनीरहेगी।
By Preeti Nahar
आज की नई पीढ़ी उस दौर में पैदा हो रही है जहाँ मोबाइल फोन सिर्फ एक डिवाइस नहीं, बल्कि रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा बन चुका है। बच्चों की उँगलियाँ किताबों से पहले स्क्रीन को पहचानने लगी हैं और डिजिटल दुनिया उनकी सोच, पढ़ाई और व्यवहार को लगातार प्रभावित कर रही है। एक ओर स्मार्टफोन डिजिटल लर्निंग और जानकारी तक आसान पहुँच का ज़रिया बन रहे हैं, तो दूसरी ओर बढ़ता स्क्रीन टाइम बच्चों की एकाग्रता, सेहत और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। इसी बहस के बीच हिमाचल प्रदेश सरकार ने स्कूलों में मोबाइल फोन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। सवाल ये है कि क्या मोबाइल फोन सच में बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा के लिए खतरा हैं, या फिर सही नियमों के साथ ये एक उपयोगी शैक्षिक साधन भी बन सकते हैं?
आज की नई पीढ़ी उस दौर में पैदा हो रही है जहाँ मोबाइल फोन सिर्फ एक डिवाइस नहीं, बल्कि रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा बन चुका है। बच्चों की उँगलियाँ किताबों से पहले स्क्रीन को पहचानने लगी हैं और डिजिटल दुनिया उनकी सोच, पढ़ाई और व्यवहार को लगातार प्रभावित कर रही है। एक ओर स्मार्टफोन डिजिटल लर्निंग और जानकारी तक आसान पहुँच का ज़रिया बन रहे हैं, तो दूसरी ओर बढ़ता स्क्रीन टाइम बच्चों की एकाग्रता, सेहत और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। इसी बहस के बीच हिमाचल प्रदेश सरकार ने स्कूलों में मोबाइल फोन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। सवाल ये है कि क्या मोबाइल फोन सच में बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा के लिए खतरा हैं, या फिर सही नियमों के साथ ये एक उपयोगी शैक्षिक साधन भी बन सकते हैं?
By Preeti Nahar
किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए RBI ने किसान क्रेडिट कार्ड के नियमों में बड़े सुधार करने का प्रस्ताव रखा है। रिजर्व बैंक ने KCC योजना की समीक्षा पूरी कर ली गई है और बैंकों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी करने की तैयारी की जा रही है। किसान क्रेडिट कार्ड की वैधता बढ़ाकर 6 साल करने का प्रस्ताव दिया है। इससे अब लोन की राशि खेती की जरूरतों के अनुसार निर्धारित होगी, जिसमें आधुनिक मशीनरी का खर्च भी शामिल होगा। 7% की ब्याज दर और छूट पहले की तरह जारी रहेगी।
किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए RBI ने किसान क्रेडिट कार्ड के नियमों में बड़े सुधार करने का प्रस्ताव रखा है। रिजर्व बैंक ने KCC योजना की समीक्षा पूरी कर ली गई है और बैंकों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी करने की तैयारी की जा रही है। किसान क्रेडिट कार्ड की वैधता बढ़ाकर 6 साल करने का प्रस्ताव दिया है। इससे अब लोन की राशि खेती की जरूरतों के अनुसार निर्धारित होगी, जिसमें आधुनिक मशीनरी का खर्च भी शामिल होगा। 7% की ब्याज दर और छूट पहले की तरह जारी रहेगी।
By Preeti Nahar
सोने और चांदी की कीमतों में फिर गिरावट देखने को मिली है। डॉलर की ताकत और वैश्विक आर्थिक अस्थिरता ने इन धातुओं के भावों को प्रभावित किया है। भारतीय बाजार में 24 कैरेट सोने की कीमत लगभग ₹1.58 हजार प्रति 10 ग्राम है, जबकि चांदी का भाव ₹2.84 लाख से लेकर ₹3.01 लाख प्रति किलो तक पहुंच गया है।
सोने और चांदी की कीमतों में फिर गिरावट देखने को मिली है। डॉलर की ताकत और वैश्विक आर्थिक अस्थिरता ने इन धातुओं के भावों को प्रभावित किया है। भारतीय बाजार में 24 कैरेट सोने की कीमत लगभग ₹1.58 हजार प्रति 10 ग्राम है, जबकि चांदी का भाव ₹2.84 लाख से लेकर ₹3.01 लाख प्रति किलो तक पहुंच गया है।
By Preeti Nahar
सरकार अब महिलाओं की उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए 'She Mart' नाम से एक नया प्लेटफॉर्म पेश कर रही है। सरकार चाहती हैं कि लड़कियाँ और महिलाएँ भी बिजनेस में आगे बढ़ें। बजट 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने महिलाओं के लिए बिजनेस आधारित एक प्लेटफॉर्म की घोषणा की है। जहाँ पर आप अपना प्रोडक्ट लिस्ट भी कर पाएंगी और बेच भी पाएंगी। पढ़िए पूरी जानकारी SHE Mart के बारे में।
सरकार अब महिलाओं की उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए 'She Mart' नाम से एक नया प्लेटफॉर्म पेश कर रही है। सरकार चाहती हैं कि लड़कियाँ और महिलाएँ भी बिजनेस में आगे बढ़ें। बजट 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने महिलाओं के लिए बिजनेस आधारित एक प्लेटफॉर्म की घोषणा की है। जहाँ पर आप अपना प्रोडक्ट लिस्ट भी कर पाएंगी और बेच भी पाएंगी। पढ़िए पूरी जानकारी SHE Mart के बारे में।
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ई-उपार्जन पोर्टल मध्य प्रदेश सरकार की एक डिजिटल पहल है, जिसके ज़रिए किसान अपनी फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर सीधे सरकार को बेच सकते हैं। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, स्लॉट बुकिंग और सीधे बैंक खाते में भुगतान से यह व्यवस्था पारदर्शी और आसान बनी है। रबी 2025-26 (गेहूं, चना, सरसों आदि) के लिए पंजीकरण प्रक्रिया जारी है। किसान e-Uparjan Portal पर पंजीकरण कर सकते हैं। ई-उपार्जन पोर्टल ने सरकारी खरीद को तकनीक से जोड़ा है, लेकिन इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि गांव के छोटे और सीमांत किसानों को इसकी पूरी जानकारी, तकनीकी मदद और स्थानीय स्तर पर सहयोग मिल पा रहा है या नहीं। जानिए क्या है ये पोर्टल और किसानों के लिए कैसे लाभकारी।
ई-उपार्जन पोर्टल मध्य प्रदेश सरकार की एक डिजिटल पहल है, जिसके ज़रिए किसान अपनी फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर सीधे सरकार को बेच सकते हैं। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, स्लॉट बुकिंग और सीधे बैंक खाते में भुगतान से यह व्यवस्था पारदर्शी और आसान बनी है। रबी 2025-26 (गेहूं, चना, सरसों आदि) के लिए पंजीकरण प्रक्रिया जारी है। किसान e-Uparjan Portal पर पंजीकरण कर सकते हैं। ई-उपार्जन पोर्टल ने सरकारी खरीद को तकनीक से जोड़ा है, लेकिन इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि गांव के छोटे और सीमांत किसानों को इसकी पूरी जानकारी, तकनीकी मदद और स्थानीय स्तर पर सहयोग मिल पा रहा है या नहीं। जानिए क्या है ये पोर्टल और किसानों के लिए कैसे लाभकारी।