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Preeti Nahar

    Intermittent Fasting: इंटरमिटेंट फास्टिंग में गलती कहाँ? नाश्ता छोड़ना नहीं, देर से खाना है असली परेशानी
    Intermittent Fasting: इंटरमिटेंट फास्टिंग में गलती कहाँ? नाश्ता छोड़ना नहीं, देर से खाना है असली परेशानी

    By Preeti Nahar

    इंटरमिटेंट फास्टिंग का चलन पिछले कुछ समय से काफी बढ़ गया है। ऐसे में सही जानकारी न होने के कारण लोग इंटरनेट या सुनी-सुनायी बातों पर भरोसा करके फास्टिंग शुरू कर देते हैं। जिसका फयदा कम और नुकसान अधिक हो सकता है। ऐसे में इंटरमिटेंट फास्टिंग का सही तरीक क्या होना चाहिए और सबसे ज़रूरी कब होनी चाहिए फास्टिंग, इसकी सटीक जानकारी आपको सेहतमंद बना सकती है। इंटरमिटेंट फास्टिंग के सही तरीके के बारे में हैदराबाद के अपोलो अस्पताल के Neurologist, डॉ. सुधीर कुमार ने जो बताया वो जानना ज़रूरी है।

    इंटरमिटेंट फास्टिंग का चलन पिछले कुछ समय से काफी बढ़ गया है। ऐसे में सही जानकारी न होने के कारण लोग इंटरनेट या सुनी-सुनायी बातों पर भरोसा करके फास्टिंग शुरू कर देते हैं। जिसका फयदा कम और नुकसान अधिक हो सकता है। ऐसे में इंटरमिटेंट फास्टिंग का सही तरीक क्या होना चाहिए और सबसे ज़रूरी कब होनी चाहिए फास्टिंग, इसकी सटीक जानकारी आपको सेहतमंद बना सकती है। इंटरमिटेंट फास्टिंग के सही तरीके के बारे में हैदराबाद के अपोलो अस्पताल के Neurologist, डॉ. सुधीर कुमार ने जो बताया वो जानना ज़रूरी है।

    Kids Education:बच्चों की पढ़ाई का ‘E-Jaadui Pitara’ मोबाइल और व्हाट्सऐप से सीखना अब और आसान
    Kids Education:बच्चों की पढ़ाई का ‘E-Jaadui Pitara’ मोबाइल और व्हाट्सऐप से सीखना अब और आसान

    By Preeti Nahar

    बच्चों की पढ़ाई को लेकर आजकल के माँ-बाप काफी परेशान रहते हैं कि बढ़ती तकनीक के ज़माने में बच्चों की दुनिया से मेल बिठा कर कैसे उनकी दुनिया में घुला जाए? कैसे उनके मन की बातों को खेल-खेल में समझा जाए या फिर कैसे उनके मन के भावों को शिक्षा के जरिए डिवेलप किया जाए, बच्चों के भावों को एक नई शक्ल दी जाए? ऐसे में NCERT(National Council of Educational Research and Training) ने बच्चों के मन के भावों और Artificial Intelligence को जोड़ते हुए एक जादुई पिटारा लॉन्च किया है जो ख़ासकर 3 से 8 साल के बच्चों कि लिए डिजाइन किया है। आपने अभी तक इसके बारे में नहीं पढ़ा है जो यहाँ समझिए पूरी जानकारी 'e-Jaadui Pitara' के बारे में।

    बच्चों की पढ़ाई को लेकर आजकल के माँ-बाप काफी परेशान रहते हैं कि बढ़ती तकनीक के ज़माने में बच्चों की दुनिया से मेल बिठा कर कैसे उनकी दुनिया में घुला जाए? कैसे उनके मन की बातों को खेल-खेल में समझा जाए या फिर कैसे उनके मन के भावों को शिक्षा के जरिए डिवेलप किया जाए, बच्चों के भावों को एक नई शक्ल दी जाए? ऐसे में NCERT(National Council of Educational Research and Training) ने बच्चों के मन के भावों और Artificial Intelligence को जोड़ते हुए एक जादुई पिटारा लॉन्च किया है जो ख़ासकर 3 से 8 साल के बच्चों कि लिए डिजाइन किया है। आपने अभी तक इसके बारे में नहीं पढ़ा है जो यहाँ समझिए पूरी जानकारी 'e-Jaadui Pitara' के बारे में।

    MP Budget 2026-27: मध्य प्रदेश को ‘मिल्क कैपिटल’ बनाने का लक्ष्य,टाइगर कंज़र्वेशन मिली प्राथमिकता
    MP Budget 2026-27: मध्य प्रदेश को ‘मिल्क कैपिटल’ बनाने का लक्ष्य,टाइगर कंज़र्वेशन मिली प्राथमिकता

    By Preeti Nahar

    मध्य प्रदेश सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट विधानसभा में पेश किया। मध्य प्रदेश का यह बजट किसान, गरीब, युवा और महिलाओं पर विशेष ध्यान देने वाला और विकास-प्रधान बजट माना जा रहा है। खेती से लेकर रोजगार, शिक्षा से स्वास्थ्य तक सभी वर्गों को शामिल करते हुए सरकार ने विकास को प्राथमिकता दी है। साथ ही बजट को डिजिटल, पारदर्शी और तीन-साल की योजना वाला बताया जा रहा है, जिससे प्रदेश की समग्र प्रगति को बढ़ावा मिले।

    मध्य प्रदेश सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट विधानसभा में पेश किया। मध्य प्रदेश का यह बजट किसान, गरीब, युवा और महिलाओं पर विशेष ध्यान देने वाला और विकास-प्रधान बजट माना जा रहा है। खेती से लेकर रोजगार, शिक्षा से स्वास्थ्य तक सभी वर्गों को शामिल करते हुए सरकार ने विकास को प्राथमिकता दी है। साथ ही बजट को डिजिटल, पारदर्शी और तीन-साल की योजना वाला बताया जा रहा है, जिससे प्रदेश की समग्र प्रगति को बढ़ावा मिले।

    Pollution Alert: किसानों के लिए अलर्ट, पराली जलाने पर कार्रवाई तय, पंजाब–हरियाणा–यूपी को केंद्र का आदेश
    Pollution Alert: किसानों के लिए अलर्ट, पराली जलाने पर कार्रवाई तय, पंजाब–हरियाणा–यूपी को केंद्र का आदेश

    By Preeti Nahar

    हर साल पराली जलाने की ख़बरें आती है जिसे वायु प्रदूषण के लिए जिम्मेदार भी ठहराया जाता रहा है। लेकिन साल 2026 में केंद्र सरकार ने उत्तर-प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब सहित विभिन्न राज्यों सरकारों से गेहूं के डंठल (भूसा) जलाने से होने वाले वायु प्रदूषण को रोकने के लिए ज़रूरी कदम उठाने के दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उत्तर भारत, विशेष रूप से दिल्ली-एनसीआर, पूरे साल वायु प्रदूषण की समस्याओं का सामना करता है, ऐसे में गेहूं कटाई के सीजन के दौरान पराली जलाने की घटनाएँ इस प्रदूषण को और गंभीर बना देती है। जानिए किसानों को क्या निर्देश दिए हैं पराली न जलाने के लिए?

    हर साल पराली जलाने की ख़बरें आती है जिसे वायु प्रदूषण के लिए जिम्मेदार भी ठहराया जाता रहा है। लेकिन साल 2026 में केंद्र सरकार ने उत्तर-प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब सहित विभिन्न राज्यों सरकारों से गेहूं के डंठल (भूसा) जलाने से होने वाले वायु प्रदूषण को रोकने के लिए ज़रूरी कदम उठाने के दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उत्तर भारत, विशेष रूप से दिल्ली-एनसीआर, पूरे साल वायु प्रदूषण की समस्याओं का सामना करता है, ऐसे में गेहूं कटाई के सीजन के दौरान पराली जलाने की घटनाएँ इस प्रदूषण को और गंभीर बना देती है। जानिए किसानों को क्या निर्देश दिए हैं पराली न जलाने के लिए?

    Weather Alert: मौसम ने बदला मिज़ाज, कई राज्यों में बारिश-बर्फबारी का अलर्ट
    Weather Alert: मौसम ने बदला मिज़ाज, कई राज्यों में बारिश-बर्फबारी का अलर्ट

    By Preeti Nahar

    Aaj Ka Mausam: फरवरी का महीना आधा बीत चुका है और लोग मानने लगे थे कि अब सर्दी धीरे-धीरे विदा लेने वाली है। दिन में धूप तेज होने लगी थी और रात की ठंड भी कुछ कम महसूस हो रही थी। लेकिन इसी बीच मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 18 फरवरी के लिए ताज़ा चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के मुताबिक एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के असर से कई राज्यों में बारिश, तेज हवाएं, ओलावृष्टि और पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी देखने को मिल सकती है, जिससे तापमान में भी गिरावट आने के आसार हैं।

    Aaj Ka Mausam: फरवरी का महीना आधा बीत चुका है और लोग मानने लगे थे कि अब सर्दी धीरे-धीरे विदा लेने वाली है। दिन में धूप तेज होने लगी थी और रात की ठंड भी कुछ कम महसूस हो रही थी। लेकिन इसी बीच मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 18 फरवरी के लिए ताज़ा चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के मुताबिक एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के असर से कई राज्यों में बारिश, तेज हवाएं, ओलावृष्टि और पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी देखने को मिल सकती है, जिससे तापमान में भी गिरावट आने के आसार हैं।

    Rain Gun :Artificial rain, पानी और समय की बचत
    Rain Gun :Artificial rain, पानी और समय की बचत

    By Preeti Nahar

    रेन गन से सिंचाई किसानों के लिए कम पानी में बंपर फसल दिला सकती है। इससे एक जगह से बिना फसल को नुकसान पहुंचाए कृत्रिम बारिश की जाती है। इसे एक जगह से दूसरी जगह लेकर जाना भी आसान होता है।

    रेन गन से सिंचाई किसानों के लिए कम पानी में बंपर फसल दिला सकती है। इससे एक जगह से बिना फसल को नुकसान पहुंचाए कृत्रिम बारिश की जाती है। इसे एक जगह से दूसरी जगह लेकर जाना भी आसान होता है।

    High Temperature: फरवरी में बढ़ती गर्मी के पीछे क्या हैं असली कारण? मौसम और पर्यावरण के पैमाने पर गंभीर संकेत
    High Temperature: फरवरी में बढ़ती गर्मी के पीछे क्या हैं असली कारण? मौसम और पर्यावरण के पैमाने पर गंभीर संकेत

    By Preeti Nahar

    इस साल फरवरी में ही तापमान का असामान्य रूप से बढ़ जाना कोई सामान्य मौसमी बदलाव नहीं, बल्कि जलवायु परिवर्तन, शहरी हीट आइलैंड प्रभाव और महासागरीय घटनाओं जैसे अल नीनो का संयुक्त नतीजा है। वैश्विक वैज्ञानिक रिपोर्टें और मौसम विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि यह स्थिति आने वाले महीनों में भीषण गर्मी और हीटवेव का संकेत हो सकती है। बढ़ती गर्मी का सीधा असर खेती, जल संसाधनों, स्वास्थ्य और आम जनजीवन पर पड़ेगा, जिससे यह सवाल और गंभीर हो जाता है कि क्या भारत 2026 में सबसे गर्म वर्षों में शामिल होने जा रहा है।

    इस साल फरवरी में ही तापमान का असामान्य रूप से बढ़ जाना कोई सामान्य मौसमी बदलाव नहीं, बल्कि जलवायु परिवर्तन, शहरी हीट आइलैंड प्रभाव और महासागरीय घटनाओं जैसे अल नीनो का संयुक्त नतीजा है। वैश्विक वैज्ञानिक रिपोर्टें और मौसम विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि यह स्थिति आने वाले महीनों में भीषण गर्मी और हीटवेव का संकेत हो सकती है। बढ़ती गर्मी का सीधा असर खेती, जल संसाधनों, स्वास्थ्य और आम जनजीवन पर पड़ेगा, जिससे यह सवाल और गंभीर हो जाता है कि क्या भारत 2026 में सबसे गर्म वर्षों में शामिल होने जा रहा है।

    Vegetable Farming: रबी के बाद खाली खेत न छोड़ें, फरवरी–मार्च में बोएं बेहतर पैदावार और मुनाफे वाली ये 10 सब्ज़ियाँ
    Vegetable Farming: रबी के बाद खाली खेत न छोड़ें, फरवरी–मार्च में बोएं बेहतर पैदावार और मुनाफे वाली ये 10 सब्ज़ियाँ

    By Preeti Nahar

    फरवरी–मार्च का महीना सब्ज़ी उगाने के लिए बेहद बेहतर माना जाता है। इस समय तापमान और नमी कई सब्ज़ियों के लिए अनुकूल होती है, जिससे कम लागत में अच्छी पैदावार और बेहतर दाम मिलने की संभावना रहती है। अगर किसान इस दौरान सही सब्ज़ियों का चुनाव करें और समय पर बुवाई करें, तो वे गर्मी के सीजन में बाजार की माँग का फायदा उठाकर अच्छी कमाई कर सकते हैं। इस लेख में ऐसी 10 सब्ज़ियों के बारे में बताया गया है, जिनकी फरवरी–मार्च में बुवाई करके किसान मुनाफे की खेती कर सकते हैं।

    फरवरी–मार्च का महीना सब्ज़ी उगाने के लिए बेहद बेहतर माना जाता है। इस समय तापमान और नमी कई सब्ज़ियों के लिए अनुकूल होती है, जिससे कम लागत में अच्छी पैदावार और बेहतर दाम मिलने की संभावना रहती है। अगर किसान इस दौरान सही सब्ज़ियों का चुनाव करें और समय पर बुवाई करें, तो वे गर्मी के सीजन में बाजार की माँग का फायदा उठाकर अच्छी कमाई कर सकते हैं। इस लेख में ऐसी 10 सब्ज़ियों के बारे में बताया गया है, जिनकी फरवरी–मार्च में बुवाई करके किसान मुनाफे की खेती कर सकते हैं।

    Weather Update: बदल रहा है मौसम, बारिश और घने कोहरे का Yellow Alert जानिए कहाँ?
    Weather Update: बदल रहा है मौसम, बारिश और घने कोहरे का Yellow Alert जानिए कहाँ?

    By Preeti Nahar

    फरवरी का महीना आते ही पूरे देश में मौसम का मिजाज बदलने लगा है। पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी में बनने वाले निम्न दबाव के चलते कई राज्यों में बरसात और बर्फबारी की संभावना जताई गई है। उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों में तापमान में वृद्धि देखने को मिल सकती है। दिल्ली एनसीआर से लेकर ओडिसा तक मौमस के मिजाजमे ंबदलाब देखने को मिल रहा है। मैदानी इलाकों के कई राज्यों में बारिश के साथ बिजली गिरने का अलर्ट है। जानिए कैसा है देश के मौमस का हाल।

    फरवरी का महीना आते ही पूरे देश में मौसम का मिजाज बदलने लगा है। पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी में बनने वाले निम्न दबाव के चलते कई राज्यों में बरसात और बर्फबारी की संभावना जताई गई है। उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों में तापमान में वृद्धि देखने को मिल सकती है। दिल्ली एनसीआर से लेकर ओडिसा तक मौमस के मिजाजमे ंबदलाब देखने को मिल रहा है। मैदानी इलाकों के कई राज्यों में बारिश के साथ बिजली गिरने का अलर्ट है। जानिए कैसा है देश के मौमस का हाल।

    AI Impact Summit 2026: महानगरों से गाँव तक, AI कैसे बदल रही है खेती और रोजगार की तस्वीर?
    AI Impact Summit 2026: महानगरों से गाँव तक, AI कैसे बदल रही है खेती और रोजगार की तस्वीर?

    By Preeti Nahar

    नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित AI Impact Summit 2026 ने यह साफ कर दिया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब सिर्फ बड़े शहरों और लैब तक सीमित नहीं रहा। इस पांच दिवसीय समिट में खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार जैसे क्षेत्रों में AI के जमीनी इस्तेमाल पर फोकस किया गया। इंडियाAI मिशन, ‘Create in India’ पहल और कृषि क्षेत्र के लिए तैयार की गई AI केसबुक के जरिए यह समिट दिखाता है कि तकनीक कैसे किसानों की आमदनी बढ़ाने, खेती को टिकाऊ बनाने और भारत को वैश्विक AI नेतृत्व की दिशा में आगे ले जा रही है।

    नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित AI Impact Summit 2026 ने यह साफ कर दिया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब सिर्फ बड़े शहरों और लैब तक सीमित नहीं रहा। इस पांच दिवसीय समिट में खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार जैसे क्षेत्रों में AI के जमीनी इस्तेमाल पर फोकस किया गया। इंडियाAI मिशन, ‘Create in India’ पहल और कृषि क्षेत्र के लिए तैयार की गई AI केसबुक के जरिए यह समिट दिखाता है कि तकनीक कैसे किसानों की आमदनी बढ़ाने, खेती को टिकाऊ बनाने और भारत को वैश्विक AI नेतृत्व की दिशा में आगे ले जा रही है।