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Preeti Nahar

    हरियाणा में प्राकृतिक खेती को बड़ा बढ़ावा, किसानों को मिलेगी 5 साल तक ₹10,000 प्रति एकड़ सब्सिडी
    हरियाणा में प्राकृतिक खेती को बड़ा बढ़ावा, किसानों को मिलेगी 5 साल तक ₹10,000 प्रति एकड़ सब्सिडी

    By Preeti Nahar

    हरियाणा सरकार ने प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए बड़ी पहल की है। राज्य सरकार किसानों को 800 एकड़ सरकारी जमीन पट्टे पर उपलब्ध कराएगी, जहाँ वे लंबे समय तक प्राकृतिक खेती कर सकेंगे। इसके साथ ही प्राकृतिक या ऑर्गेनिक खेती अपनाने वाले किसानों को 5 वर्षों तक ₹10,000 प्रति एकड़ प्रतिवर्ष अनुदान दिया जाएगा।

    हरियाणा सरकार ने प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए बड़ी पहल की है। राज्य सरकार किसानों को 800 एकड़ सरकारी जमीन पट्टे पर उपलब्ध कराएगी, जहाँ वे लंबे समय तक प्राकृतिक खेती कर सकेंगे। इसके साथ ही प्राकृतिक या ऑर्गेनिक खेती अपनाने वाले किसानों को 5 वर्षों तक ₹10,000 प्रति एकड़ प्रतिवर्ष अनुदान दिया जाएगा।

    पश्चिम बंगाल के किसानों के लिए खुला बाज़ार: आलू, प्याज, फल-सब्जियों समेत जरूरी वस्तुओं पर लगे अंतरराज्यीय प्रतिबंध हटाए गए
    पश्चिम बंगाल के किसानों के लिए खुला बाज़ार: आलू, प्याज, फल-सब्जियों समेत जरूरी वस्तुओं पर लगे अंतरराज्यीय प्रतिबंध हटाए गए

    By Preeti Nahar

    पश्चिम बंगाल सरकार ने किसानों और व्यापारियों पर राज्य से बाहर कृषि और पशुपालन से जुड़े उत्पादों पर जो रोक थी, उसे हटा लिया गया है। अब आलू, प्याज, सब्जियों और फलों का व्यापार बिना किसी रुकावट के होगा। मुख्यमंत्री का कहना है कि इससे किसानों को उनकी मेहनत का सही मूल्य मिलेगा और बिचौलिए कम प्रभावी हो जाएंगे।

    पश्चिम बंगाल सरकार ने किसानों और व्यापारियों पर राज्य से बाहर कृषि और पशुपालन से जुड़े उत्पादों पर जो रोक थी, उसे हटा लिया गया है। अब आलू, प्याज, सब्जियों और फलों का व्यापार बिना किसी रुकावट के होगा। मुख्यमंत्री का कहना है कि इससे किसानों को उनकी मेहनत का सही मूल्य मिलेगा और बिचौलिए कम प्रभावी हो जाएंगे।

    Sugar Export Ban: सरकार ने चीनी निर्यात पर लगाई रोक, जानिए क्यों लिया गया बड़ा फैसला
    Sugar Export Ban: सरकार ने चीनी निर्यात पर लगाई रोक, जानिए क्यों लिया गया बड़ा फैसला

    By Preeti Nahar

    भारत सरकार ने चीनी निर्यात पर रोक लगाने का निर्णय लिया है, जो कि 30 सितंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा। इस कदम से घरेलू बाजार में चीनी की कीमतों में स्थिरता बनी रहेगी। उत्पादन में कमी की आशंका को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

    भारत सरकार ने चीनी निर्यात पर रोक लगाने का निर्णय लिया है, जो कि 30 सितंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा। इस कदम से घरेलू बाजार में चीनी की कीमतों में स्थिरता बनी रहेगी। उत्पादन में कमी की आशंका को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

    Milk Price Hike: सुबह की चाय और बच्चों का दूध हुआ थोड़ा महंगा, अमूल के बाद मदर डेयरी ने भी बढ़ाए दूध के दाम
    Milk Price Hike: सुबह की चाय और बच्चों का दूध हुआ थोड़ा महंगा, अमूल के बाद मदर डेयरी ने भी बढ़ाए दूध के दाम

    By Preeti Nahar

    महंगाई के बीच आम लोगों को एक और झटका लगा है। अमूल और मदर डेयरी ने दूध के दाम ₹2 प्रति लीटर बढ़ा दिए हैं। यह नई दरें 14 मई 2026 से लागू हो गई हैं। कच्चे दूध की खरीद लागत बढ़ने के कारण यह फैसला लिया गया है। इस बढ़ोतरी से करोड़ों उपभोक्ताओं के घरेलू बजट पर असर पड़ेगा।

    महंगाई के बीच आम लोगों को एक और झटका लगा है। अमूल और मदर डेयरी ने दूध के दाम ₹2 प्रति लीटर बढ़ा दिए हैं। यह नई दरें 14 मई 2026 से लागू हो गई हैं। कच्चे दूध की खरीद लागत बढ़ने के कारण यह फैसला लिया गया है। इस बढ़ोतरी से करोड़ों उपभोक्ताओं के घरेलू बजट पर असर पड़ेगा।

    Weather Update 14 May: देश में कहीं आंधी-बारिश तो कहीं भीषण लू, जानिए आपके राज्य का हाल
    Weather Update 14 May: देश में कहीं आंधी-बारिश तो कहीं भीषण लू, जानिए आपके राज्य का हाल

    By Preeti Nahar

    देश के कई हिस्सों में मौसम करवट ले रहा है। उत्तर, पूर्व और दक्षिण भारत में आंधी-बारिश की चेतावनी है। वहीं राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र में भीषण गर्मी से लोग परेशान हैं। अंडमान-निकोबार में मानसून दस्तक दे रहा है। दिल्ली-एनसीआर, यूपी, हरियाणा और पंजाब में धूल भरी आंधी और बारिश की संभावना है।

    देश के कई हिस्सों में मौसम करवट ले रहा है। उत्तर, पूर्व और दक्षिण भारत में आंधी-बारिश की चेतावनी है। वहीं राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र में भीषण गर्मी से लोग परेशान हैं। अंडमान-निकोबार में मानसून दस्तक दे रहा है। दिल्ली-एनसीआर, यूपी, हरियाणा और पंजाब में धूल भरी आंधी और बारिश की संभावना है।

    मक्का और मूंग की MSP में ₹10-₹12 की बढ़ोतरी पर भड़के राकेश टिकैत, कहा- देश के किसानों के साथ हुआ धोखा
    मक्का और मूंग की MSP में ₹10-₹12 की बढ़ोतरी पर भड़के राकेश टिकैत, कहा- देश के किसानों के साथ हुआ धोखा

    By Preeti Nahar

    केंद्र सरकार ने खरीफ सीजन 2026-27 के लिए 14 फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि की घोषणा की है। यह किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक कदम है। हालांकि, मक्का और मूंग की MSP में मामूली बढ़ोतरी से इन फसलों के किसान असंतुष्ट हैं। मक्का की MSP ₹10 और मूंग की MSP ₹12 प्रति क्विंटल बढ़ी है।

    केंद्र सरकार ने खरीफ सीजन 2026-27 के लिए 14 फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि की घोषणा की है। यह किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक कदम है। हालांकि, मक्का और मूंग की MSP में मामूली बढ़ोतरी से इन फसलों के किसान असंतुष्ट हैं। मक्का की MSP ₹10 और मूंग की MSP ₹12 प्रति क्विंटल बढ़ी है।

    MSP Hike 2026: सूरजमुखी, तिल, सोयाबीन समेत इन फसलों की MSP बढ़ी, जानें कितनी हुई MSP में बढ़ोतरी?
    MSP Hike 2026: सूरजमुखी, तिल, सोयाबीन समेत इन फसलों की MSP बढ़ी, जानें कितनी हुई MSP में बढ़ोतरी?

    By Preeti Nahar

    सरकार किसानों को धान और गेहूं से हटकर सूरजमुखी, सोयाबीन, तिल, मूंगफली और नाइजरसीड जैसी तिलहन फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित कर रही है। खरीफ सीजन 2026-27 के लिए सूरजमुखी बीज की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में सबसे अधिक बढ़ोतरी की गई है।

    सरकार किसानों को धान और गेहूं से हटकर सूरजमुखी, सोयाबीन, तिल, मूंगफली और नाइजरसीड जैसी तिलहन फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित कर रही है। खरीफ सीजन 2026-27 के लिए सूरजमुखी बीज की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में सबसे अधिक बढ़ोतरी की गई है।

    MSP Hike 2026: धान, अरहर, कपास समेत 14 खरीफ फसलों की MSP बढ़ी, जानिए कौनसी हैं ये 14 फसलें?
    MSP Hike 2026: धान, अरहर, कपास समेत 14 खरीफ फसलों की MSP बढ़ी, जानिए कौनसी हैं ये 14 फसलें?

    By Preeti Nahar

    केंद्र सरकार ने 2026-27 खरीफ सीजन के लिए 14 खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि को मंजूरी दी है। यह निर्णय किसानों के लिए एक सकारात्मक पहल है, जिससे उन्हें अपनी फसलों के उचित मूल्य मिलने की उम्मीद है। विशेष रूप से, सूरजमुखी बीज की एमएसपी में ₹622 प्रति क्विंटल की सबसे बड़ी बढ़ोतरी हुई है।

    केंद्र सरकार ने 2026-27 खरीफ सीजन के लिए 14 खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि को मंजूरी दी है। यह निर्णय किसानों के लिए एक सकारात्मक पहल है, जिससे उन्हें अपनी फसलों के उचित मूल्य मिलने की उम्मीद है। विशेष रूप से, सूरजमुखी बीज की एमएसपी में ₹622 प्रति क्विंटल की सबसे बड़ी बढ़ोतरी हुई है।

    Big Cats Conservation: शेर, बाघ, चीता समेत बड़ी बिल्लियों को बचाने के लिए सरकार चला रही ये बड़े प्रोजेक्ट
    Big Cats Conservation: शेर, बाघ, चीता समेत बड़ी बिल्लियों को बचाने के लिए सरकार चला रही ये बड़े प्रोजेक्ट

    By Preeti Nahar

    भारत सरकार बड़ी बिल्ली प्रजातियों के संरक्षण को मजबूत करने के लिए लगातार बड़े कदम उठा रही है। Ministry of Environment, Forest and Climate Change,National Tiger Conservation Authority,Wildlife Institute of Indiaऔर राज्य वन विभाग मिलकर शेर, बाघ, तेंदुआ, हिम तेंदुआ और चीता जैसी प्रजातियों के संरक्षण पर काम कर रहे हैं। जानिए बिग कैट्स के संरक्षण के लिए सरकार किन प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है।

    भारत सरकार बड़ी बिल्ली प्रजातियों के संरक्षण को मजबूत करने के लिए लगातार बड़े कदम उठा रही है। Ministry of Environment, Forest and Climate Change,National Tiger Conservation Authority,Wildlife Institute of Indiaऔर राज्य वन विभाग मिलकर शेर, बाघ, तेंदुआ, हिम तेंदुआ और चीता जैसी प्रजातियों के संरक्षण पर काम कर रहे हैं। जानिए बिग कैट्स के संरक्षण के लिए सरकार किन प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है।

    El Niño 2026 Alert: किसानों के लिए चुनौती बन सकता है कमजोर मानसून, अभी से बदलनी होगी खेती की रणनीति
    El Niño 2026 Alert: किसानों के लिए चुनौती बन सकता है कमजोर मानसून, अभी से बदलनी होगी खेती की रणनीति

    By Preeti Nahar

    साल 2026 में एल नीनो के संभावित प्रभाव से भारतीय कृषि पर चिंता बढ़ गई है। वैज्ञानिकों का मानना है कि इससे मानसून कमजोर पड़ सकता है, जिससे खरीफ फसलों को नुकसान होगा। किसानों को मौसम के अनुसार अपनी खेती की रणनीति बदलनी होगी। कम पानी वाली फसलें और आधुनिक सिंचाई तकनीकें अपनाना महत्वपूर्ण होगा।

    साल 2026 में एल नीनो के संभावित प्रभाव से भारतीय कृषि पर चिंता बढ़ गई है। वैज्ञानिकों का मानना है कि इससे मानसून कमजोर पड़ सकता है, जिससे खरीफ फसलों को नुकसान होगा। किसानों को मौसम के अनुसार अपनी खेती की रणनीति बदलनी होगी। कम पानी वाली फसलें और आधुनिक सिंचाई तकनीकें अपनाना महत्वपूर्ण होगा।