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Preeti Nahar

    Spice Prices in India: खाड़ी देशों में निर्यात ठप होने से मसालों की कीमतों में आई गिरावट, घरेलू बाजार में सस्ते हुए मसाले
    Spice Prices in India: खाड़ी देशों में निर्यात ठप होने से मसालों की कीमतों में आई गिरावट, घरेलू बाजार में सस्ते हुए मसाले

    By Preeti Nahar

    भारत से खाड़ी देशों को मसालों का निर्यात ठप होने से अब घरेलू बाजार में विभिन्न मसालों की कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है। जैसे ही इलायची, काली मिर्च, जीरा, हल्दी और धनिया की खेप देश के भीतर रुकी, किसानों और निर्यातकों पर आर्थिक दबाव बढ़ गया।

    भारत से खाड़ी देशों को मसालों का निर्यात ठप होने से अब घरेलू बाजार में विभिन्न मसालों की कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है। जैसे ही इलायची, काली मिर्च, जीरा, हल्दी और धनिया की खेप देश के भीतर रुकी, किसानों और निर्यातकों पर आर्थिक दबाव बढ़ गया।

    WATCH | किसान की मेहनत हुई सस्ती, झेल रहा चौतरफा मार, देखिए पूरी रिपोर्ट
    WATCH | किसान की मेहनत हुई सस्ती, झेल रहा चौतरफा मार, देखिए पूरी रिपोर्ट

    By Preeti Nahar

    आज कहानी किसानों की, जो मेहनत पूरी करते हैं…लेकिन उनकी फसल पर संकट बना रहता है। कभी मौसम का संकट तो कभी बाजार का संकट। इस साल आलू की फसल बंपर हुई, लेकिन मंडियों में दाम बहुत कम मिल रहे हैं। कई जगह किसान को लागत भी नहीं मिल रही। यानी बीज, खाद, मजदूरी सब जोड़ लें तो जितना खर्च हुआ, उतना भी वापस नहीं आ रहा। ऐसे में किसान क्या कहेगा कि “उगाया सोना… लेकिन बिक रहा मिट्टी के भाव।” देखिए पूरी रिपोर्ट

    आज कहानी किसानों की, जो मेहनत पूरी करते हैं…लेकिन उनकी फसल पर संकट बना रहता है। कभी मौसम का संकट तो कभी बाजार का संकट। इस साल आलू की फसल बंपर हुई, लेकिन मंडियों में दाम बहुत कम मिल रहे हैं। कई जगह किसान को लागत भी नहीं मिल रही। यानी बीज, खाद, मजदूरी सब जोड़ लें तो जितना खर्च हुआ, उतना भी वापस नहीं आ रहा। ऐसे में किसान क्या कहेगा कि “उगाया सोना… लेकिन बिक रहा मिट्टी के भाव।” देखिए पूरी रिपोर्ट

    World Sparrow Day : गाँव से शहर तक गायब होती गौरैया की चहचहाहट, क्या कहते हैं आँकड़े और क्या हैं समाधान?
    World Sparrow Day : गाँव से शहर तक गायब होती गौरैया की चहचहाहट, क्या कहते हैं आँकड़े और क्या हैं समाधान?

    By Preeti Nahar

    Sparrow population decline: गौरैया की कम होती संख्या एक गंभीर चिंता का सबब बन चुकी है। जो चिड़िया पहले हर चौराहे पर चहकती थी, अब वह हमारी छतों और पेड़ों से गायब होती जा रही है। यह हमारे पर्यावरण के लिए एक चेतावनी है। अगर हम इसे बचाना चाहते हैं, तो अपने आस-पास घोंसले बनाना, खाने और पानी का इंतजाम करना चाहिए।

    Sparrow population decline: गौरैया की कम होती संख्या एक गंभीर चिंता का सबब बन चुकी है। जो चिड़िया पहले हर चौराहे पर चहकती थी, अब वह हमारी छतों और पेड़ों से गायब होती जा रही है। यह हमारे पर्यावरण के लिए एक चेतावनी है। अगर हम इसे बचाना चाहते हैं, तो अपने आस-पास घोंसले बनाना, खाने और पानी का इंतजाम करना चाहिए।

    Harish Rana Case: "सबको माफ़ करते हुए...अब जाओ", ग़मगीन आखों से परिवार ने दी हरीश को आखिरी विदाई
    Harish Rana Case: "सबको माफ़ करते हुए...अब जाओ", ग़मगीन आखों से परिवार ने दी हरीश को आखिरी विदाई

    By Preeti Nahar

    Harish Rana Updates:सुप्रीम कोर्ट की अनुमति के बाद हरीश राणा को एम्स में भर्ती किया गया है और अब उनकी गरिमामयी मृत्यु (Dignified Death) के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया है। 5 सदस्यीय मेडिकल टीम बनाई गई है। टीम में शामिल एक्सपर्ट में पैलिएटिव केयर, न्यूरोलॉजी, एनेस्थिसिया और अन्य विभागों के वरिष्ठ डॉक्टर हैं।

    Harish Rana Updates:सुप्रीम कोर्ट की अनुमति के बाद हरीश राणा को एम्स में भर्ती किया गया है और अब उनकी गरिमामयी मृत्यु (Dignified Death) के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया है। 5 सदस्यीय मेडिकल टीम बनाई गई है। टीम में शामिल एक्सपर्ट में पैलिएटिव केयर, न्यूरोलॉजी, एनेस्थिसिया और अन्य विभागों के वरिष्ठ डॉक्टर हैं।

    Mahila Sarpanch: एक सरपंच जो सिर्फ नाम की नहीं, फैसलों की भी बनीं प्रधान, तोड़ी परंपरागत सोच की दीवार
    Mahila Sarpanch: एक सरपंच जो सिर्फ नाम की नहीं, फैसलों की भी बनीं प्रधान, तोड़ी परंपरागत सोच की दीवार

    By Preeti Nahar

    हरियाणा के फतेहाबाद जिले के गढ़ली गाँव की सरपंच सुनीता देवी ने ग्रामीण नेतृत्व में बदलाव और महिला सशक्तिकरण की मिसाल पेश की है। उन्होंने पंचायत में महिलाओं की प्रतीकात्मक भूमिका को चुनौती दी। प्रशिक्षण और सक्रिय भागीदारी से उन्होंने गाँव के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। पढ़िए एक महिला प्रधान की प्रेरक कहानी।

    हरियाणा के फतेहाबाद जिले के गढ़ली गाँव की सरपंच सुनीता देवी ने ग्रामीण नेतृत्व में बदलाव और महिला सशक्तिकरण की मिसाल पेश की है। उन्होंने पंचायत में महिलाओं की प्रतीकात्मक भूमिका को चुनौती दी। प्रशिक्षण और सक्रिय भागीदारी से उन्होंने गाँव के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। पढ़िए एक महिला प्रधान की प्रेरक कहानी।

    भारत में LPG संकट की आहट? कई शहरों में गैस सप्लाई पर असर, होटल-रेस्टोरेंट चिंतित
    भारत में LPG संकट की आहट? कई शहरों में गैस सप्लाई पर असर, होटल-रेस्टोरेंट चिंतित

    By Preeti Nahar

    कई बड़े शहरों में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कमी से होटल और रेस्टोरेंट उद्योग परेशान है। मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई जैसे शहरों में गैस सप्लाई बाधित होने से रसोई बंद होने की नौबत आ गई है। रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है। मिडिल ईस्ट तनाव का असर भी ईंधन सप्लाई पर दिख रहा है।

    कई बड़े शहरों में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कमी से होटल और रेस्टोरेंट उद्योग परेशान है। मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई जैसे शहरों में गैस सप्लाई बाधित होने से रसोई बंद होने की नौबत आ गई है। रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है। मिडिल ईस्ट तनाव का असर भी ईंधन सप्लाई पर दिख रहा है।

    Fog/Smog: मार्च में गर्मी के बीच क्यों दिख रहा उत्तर-प्रदेश में कोहरा? जानिए वैज्ञानिक कारण
    Fog/Smog: मार्च में गर्मी के बीच क्यों दिख रहा उत्तर-प्रदेश में कोहरा? जानिए वैज्ञानिक कारण

    By Preeti Nahar

    उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में इन दिनों मौसम का मिजाज बदला हुआ है। दिन में जहां पारा 33 से 35 डिग्री तक पहुंच रहा है, वहीं सुबह हल्का कोहरा छा रहा है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, यह रेडिएशन फॉग है जो तापमान में बड़े अंतर, नमी और धीमी हवा की गति के कारण बन रहा है।

    उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में इन दिनों मौसम का मिजाज बदला हुआ है। दिन में जहां पारा 33 से 35 डिग्री तक पहुंच रहा है, वहीं सुबह हल्का कोहरा छा रहा है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, यह रेडिएशन फॉग है जो तापमान में बड़े अंतर, नमी और धीमी हवा की गति के कारण बन रहा है।

    ‘Gau Swastha’ Platform: अब AI करेगा गाय की सेहत की जाँच, फोटो से पता चलेगा वजन, दूध और बीमारी
    ‘Gau Swastha’ Platform: अब AI करेगा गाय की सेहत की जाँच, फोटो से पता चलेगा वजन, दूध और बीमारी

    By Preeti Nahar

    किसानों के लिए एक नई तकनीक आई है। गौ स्वास्थ्य नामक एआई प्लेटफॉर्म गाय की सिर्फ एक फोटो से उसकी सेहत बता देता है। इससे बीमारी का पता जल्दी चलता है और दूध उत्पादन घटता नहीं है। यह किसानों को गाय के वजन, दूध क्षमता और बीमारी के खतरे जैसी जानकारी देता है। जानिए कैसे करता है काम और गाय की सेहत से संबंधित किन बातों के बारे में सीधे AI से पूध सकते हैं गायपालक?

    किसानों के लिए एक नई तकनीक आई है। गौ स्वास्थ्य नामक एआई प्लेटफॉर्म गाय की सिर्फ एक फोटो से उसकी सेहत बता देता है। इससे बीमारी का पता जल्दी चलता है और दूध उत्पादन घटता नहीं है। यह किसानों को गाय के वजन, दूध क्षमता और बीमारी के खतरे जैसी जानकारी देता है। जानिए कैसे करता है काम और गाय की सेहत से संबंधित किन बातों के बारे में सीधे AI से पूध सकते हैं गायपालक?

    Donkey Farming : गधा पालें, लाखों पाएं, केंद्र सरकार दे रही 50 लाख सब्सिडी, जानिए कैसे शुरू कर सकते हैं यह बिजनेस?
    Donkey Farming : गधा पालें, लाखों पाएं, केंद्र सरकार दे रही 50 लाख सब्सिडी, जानिए कैसे शुरू कर सकते हैं यह बिजनेस?

    By Preeti Nahar

    केंद्र सरकार ने गधा पालन को प्रोत्साहित करने के लिए एक नई योजना की घोषणा की है। इस योजना के भीतर गधा पालन करने वाले युवा उद्यमियों और किसानों को 50 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता मिलेगी। यह राष्ट्रीय पशुधन मिशन के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे गधों की संख्या में कमी को रोका जा सकेगा।

    केंद्र सरकार ने गधा पालन को प्रोत्साहित करने के लिए एक नई योजना की घोषणा की है। इस योजना के भीतर गधा पालन करने वाले युवा उद्यमियों और किसानों को 50 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता मिलेगी। यह राष्ट्रीय पशुधन मिशन के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे गधों की संख्या में कमी को रोका जा सकेगा।

    महाराष्ट्र का ये गाँव बना ‘जाति मुक्त गाँव’, सरपंच ने बताई पहल की पूरी कहानी, बोले “हम सबकी एक ही जाति है, इंसान”
    महाराष्ट्र का ये गाँव बना ‘जाति मुक्त गाँव’, सरपंच ने बताई पहल की पूरी कहानी, बोले “हम सबकी एक ही जाति है, इंसान”

    By Preeti Nahar

    महाराष्ट्र का सौंदाला गाँव अब जाति-मुक्त बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठा चुका है। ग्राम सभा की बैठक में यह प्रस्ताव पारित किया गया कि अब गाँव में किसी की जाति से संबंधित सवाल नहीं पूछे जाएंगे। यह निर्णय समाज में समानता को बढ़ावा देने के लिए लिया गया है।अब इस गाँव में जाति के बजाय इंसानियत की पहचान के साथ लोग रहते हैं। गाँव कनेक्शन ने यहाँ के सरपंच से बातचीत की और जाना की कैसे शुरूआत हुई इन अनोखी पहल की।

    महाराष्ट्र का सौंदाला गाँव अब जाति-मुक्त बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठा चुका है। ग्राम सभा की बैठक में यह प्रस्ताव पारित किया गया कि अब गाँव में किसी की जाति से संबंधित सवाल नहीं पूछे जाएंगे। यह निर्णय समाज में समानता को बढ़ावा देने के लिए लिया गया है।अब इस गाँव में जाति के बजाय इंसानियत की पहचान के साथ लोग रहते हैं। गाँव कनेक्शन ने यहाँ के सरपंच से बातचीत की और जाना की कैसे शुरूआत हुई इन अनोखी पहल की।