Mandi Bhav: मंडी में AI का बढ़ता इस्तेमाल, किसानों को मिलेगी सटीक जानकारी और बेहतर दाम
Gaon Connection | Feb 21, 2026, 18:30 IST
सरकार ने खेती में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग बढ़ाने का निर्णय लिया है। इससे किसानों को सटीक मौसम की जानकारी मिलेगी, जिससे वे बुवाई और सिंचाई के समय में बेहतर चुनाव कर सकेंगे। इसके अलावा, बाजार की कीमतों और मंडियों के बारे में जानकारी प्राप्त कर फायदा उठा सकेंगे। इससे उन्हें अपनी फसलों का उचित मूल्य भी मिल सकेगा।
एआई के इस्तेमाल से डिजिटल लालफीताशाही खत्म
खेती-बाड़ी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल को आगे बढ़ाने की दिशा में केंद्र सरकार तेजी से काम कर रही है। जानकारों के मुताबिक, कृषि मंत्रालय ने पहले प्याज, आलू और टमाटर जैसी जरूरी फसलों के दाम का अनुमान लगाने के लिए एआई मॉडल तैयार करने की कोशिश की थी, लेकिन पुराने और अव्यवस्थित डाटा के कारण इस मॉडल को लॉन्च नहीं किया जा सका।
सरकार खेती-बाड़ी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल बढ़ाने की तैयारी में है। इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में बोलते हुए कृषि सचिव ने बताया कि मौसम के पूर्वानुमान में AI की मदद से सटीकता बढ़ी है, जिससे किसान बुवाई और सिंचाई जैसे फैसले बेहतर ढंग से ले पा रहे हैं। अब सरकार किसान सलाह में बाजार भाव और मंडियों में फसल आवक की जानकारी भी जोड़ने की योजना बना रही है, ताकि किसानों को उनकी उपज का सही दाम मिल सके।
पहले कृषि मंत्रालय ने AI की मदद से प्याज, आलू और टमाटर जैसे अहम उत्पादों के भाव का अनुमान लगाने की कोशिश की थी, लेकिन पुराने डेटा में गड़बड़ी के कारण यह मॉडल लॉन्च नहीं हो सका। जानकारों का मानना है कि फसल भाव की भविष्यवाणी करना राजनीतिक रूप से जोखिम भरा हो सकता है, क्योंकि अगर अनुमान 20-30% भी गलत साबित हुआ तो विवाद खड़ा हो सकता है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 100 वर्षों के डेटा का उपयोग करके एक मॉडल बनाया गया, जिससे अगले एक सप्ताह और एक महीने के लिए मानसून की भविष्यवाणी काफी हद तक सटीक साबित हुई। किसानों ने इन पूर्वानुमानों के आधार पर ही बुवाई और सिंचाई के फैसले लिए। अब इसमें बाजार की स्थिति और मौसम के हालात को भी जोड़ा जाएगा, जिससे किसानों की उत्पादकता बढ़ेगी और लागत कम होगी।
कृषि सचिव ने यह भी कहा कि एआई के इस्तेमाल से डिजिटल लालफीताशाही खत्म होगी। पहले किसानों को अलग-अलग विभागों की जानकारी के लिए कई वेबसाइट और ऐप पर जाना पड़ता था, लेकिन अब यह सारी जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई जाएगी। AI के इस्तेमाल से डिजिटल लाल फीताशाही भी खत्म होगी। पहले किसानों को अलग-अलग वेबसाइटों या ऐप पर जानकारी के लिए भटकना पड़ता था, लेकिन अब यह समस्या दूर होगी।
'भारत विस्तार' (Bharat VISTAAR) योजना को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 17 फरवरी को जयपुर में लॉन्च किया था, जिसकी घोषणा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में की थी। यह योजना फिलहाल हिंदी और अंग्रेजी में उपलब्ध है, और अगले छह महीनों में इसे 9 अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में भी शुरू करने का लक्ष्य है। किसान ‘भारत विस्तार’ प्लेटफॉर्म को एंड्रॉयड ऐप के जरिए या वेबसाइट पर जाकर इस्तेमाल कर सकते हैं।
मंडी का भाव AI से जानें
पहले कृषि मंत्रालय ने AI की मदद से प्याज, आलू और टमाटर जैसे अहम उत्पादों के भाव का अनुमान लगाने की कोशिश की थी, लेकिन पुराने डेटा में गड़बड़ी के कारण यह मॉडल लॉन्च नहीं हो सका। जानकारों का मानना है कि फसल भाव की भविष्यवाणी करना राजनीतिक रूप से जोखिम भरा हो सकता है, क्योंकि अगर अनुमान 20-30% भी गलत साबित हुआ तो विवाद खड़ा हो सकता है।
एआई के इस्तेमाल से डिजिटल लालफीताशाही खत्म
कृषि सचिव ने यह भी कहा कि एआई के इस्तेमाल से डिजिटल लालफीताशाही खत्म होगी। पहले किसानों को अलग-अलग विभागों की जानकारी के लिए कई वेबसाइट और ऐप पर जाना पड़ता था, लेकिन अब यह सारी जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई जाएगी। AI के इस्तेमाल से डिजिटल लाल फीताशाही भी खत्म होगी। पहले किसानों को अलग-अलग वेबसाइटों या ऐप पर जानकारी के लिए भटकना पड़ता था, लेकिन अब यह समस्या दूर होगी।