Weather Alert: उत्तर भारत में 3-4 और 7 अप्रैल को बारिश, आंधी और ओलावृष्टि का अलर्ट
Gaon Connection | Apr 02, 2026, 17:42 IST
उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम की हलचल तेज हो गई है। 3-4 और 7 अप्रैल को दो पश्चिमी विक्षोभों के चलते बारिश, आंधी और ओलावृष्टि की संभावना है। कश्मीर घाटी, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी वर्षा की आशंका जबकि मैदानों में गरज और हल्की बौछारें देखने को मिल सकती हैं।
उत्तर-पश्चिम भारत में दो सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ
Alert Issued for Heavy Rain: उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम का मिजाज अचानक बदलने वाला है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, दो सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbances) इस सप्ताह क्षेत्र को प्रभावित करेंगे, जिससे 3-4 अप्रैल और फिर 7 अप्रैल के आसपास बारिश, आंधी और ओलावृष्टि की संभावना है। इन मौसमी सिस्टम्स के कारण कई राज्यों में अलर्ट जारी किया गया है, जिससे किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग ने बताया है कि पहला पश्चिमी विक्षोभ 3 और 4 अप्रैल को सबसे ज्यादा असर दिखाएगा। इसका सबसे ज्यादा प्रभाव कश्मीर घाटी में देखने को मिलेगा, जहाँ भारी बारिश की आशंका है। इसके साथ ही, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में भी तेज बारिश और बर्फबारी हो सकती है। इन दिनों तेज हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि होने की भी संभावना है। यह ओलावृष्टि फसलों के लिए नुकसानदायक हो सकती है।
पहाड़ी इलाकों के अलावा, मैदानी इलाकों में भी मौसम का मिजाज बदलेगा। पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गरज के साथ बारिश हो सकती है। कुछ जगहों पर ओले गिरने की भी चेतावनी जारी की गई है। 3 और 4 अप्रैल को ओलावृष्टि की संभावना अधिक है, इसलिए किसानों को विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
एक और पश्चिमी विक्षोभ 7 अप्रैल के आसपास सक्रिय होने की उम्मीद है। हालांकि इसका असर पहले वाले सिस्टम की तुलना में थोड़ा कम रह सकता है, फिर भी हल्की से मध्यम बारिश और बादल छाए रहने की संभावना बनी रहेगी। इससे मौसम में एक बार फिर बदलाव देखने को मिलेगा।
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतें। खासकर खुले इलाकों में जाने से बचें और बिजली गिरने जैसी घटनाओं से सावधान रहें। किसानों को अपनी फसलों को सुरक्षित रखने और मौसम के अपडेट पर लगातार नजर रखने की सलाह दी गई है। कुल मिलाकर, अप्रैल की शुरुआत में ही उत्तर भारत में मौसम ने करवट ली है, जिससे गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन खराब मौसम का खतरा भी बना रहेगा।