IMD weather warning heatwave: देशभर में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है और इसकी बड़ी वजह भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार कर्नाटक और महाराष्ट्र के ऊपर सक्रिय एक शक्तिशाली प्रतिचक्रवाती सिस्टम (एंटी-साइक्लोन) है। इस सिस्टम के प्रभाव से मध्य और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है और लू का खतरा गंभीर हो गया है। हवा के स्थिर हो जाने और बादल बनने की प्रक्रिया रुकने से सूरज की सीधी किरणें जमीन को झुलसा रही हैं, जिससे हालात “तपती भट्टी” जैसे बन गए हैं।
क्या होता है एंटी-साइक्लोन और कैसे बढ़ाता है गर्मी
![सांकेतिक तस्वीर-एंटी-साइक्लोन]()
सांकेतिक तस्वीर-एंटी-साइक्लोन
एंटी-साइक्लोन यानी प्रतिचक्रवाती परिसंचरण एक ऐसा सिस्टम है जो हवा के दबाव को स्थिर कर देता है। इसकी वजह से न तो हवा का प्रवाह ठीक से हो पाता है और न ही बादल बन पाते हैं। परिणामस्वरूप, आसमान साफ रहता है और सूर्य की तेज किरणें सीधे धरती तक पहुंचती हैं। यही कारण है कि महाराष्ट्र, कर्नाटक और आसपास के इलाकों में अचानक तापमान तेजी से बढ़ गया है।
इन राज्यों में एंटीसाइक्लोन का असर
महाराष्ट्र और कर्नाटक के ऊपर एक एंटीसाइक्लोन सिस्टम बना हुआ है। इसके साथ ही झारखंड-गंगा के पश्चिम बंगाल और दक्षिण-पूर्व पाकिस्तान-राजस्थान पर दो ऊपरी हवा के साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी हैं। पश्चिमी विक्षोभ के आने के कारण, मौसम विभाग ने बताया है कि 18 अप्रैल तक जम्मू-कश्मीर, लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद के उत्तरी हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होगी। हिमाचल प्रदेश में 17 से 19 अप्रैल के बीच हल्की बारिश की उम्मीद है। पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 17 और 18 अप्रैल को गरज-चमक और तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
इन राज्यों में 20 अप्रैल तक लू का खतरा सबसे ज्यादा
![कई राज्यों में लू का खतरा]()
कई राज्यों में लू का खतरा
IMD ने चेतावनी जारी की है कि तेलंगाना और रायलसीमा (Rayalaseema heatwave forecast) क्षेत्र में अगले चार दिनों तक लू चल सकती है। इसके अलावा मध्य महाराष्ट्र में दो दिन, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में तीन दिन और मराठवाड़ा में भी लू जैसी स्थिति बनी रहने की संभावना है। साथ ही मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में भी गर्म हवाओं का असर लगातार बना रहेगा।
![देशभर में भीषण गर्मी-IMD]()
देशभर में भीषण गर्मी-IMD
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, तेलंगाना, रायलसीमा, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, मध्य महाराष्ट्र, विदर्भ, मराठवाड़ा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, ओडिशा, झारखंड और पश्चिमी राजस्थान में 20 अप्रैल तक भीषण गर्मी का दौर जारी रहेगा। यह इस मौसम की पहली व्यापक लू है जो पूरे देश को प्रभावित कर रही है। अगले कुछ दिनों में इन इलाकों में गर्म और उमस भरा मौसम रहेगा। मौसम विभाग ने बताया कि दिन का तापमान सामान्य से 4 से 5 डिग्री सेल्सियस ऊपर रहने की उम्मीद है।
पूर्वी भारत में भी बढ़ी उमस और गर्मी
इस मौसमीय बदलाव का असर केवल मध्य और दक्षिण भारत तक सीमित नहीं है। ओडिशा और पश्चिम बंगाल के मैदानी इलाकों में भी गर्म और उमस भरा मौसम बना हुआ है। यहाँ हीट इंडेक्स बढ़ने से लोगों को अधिक परेशानी हो रही है और कई जगहों पर तापमान पहले ही 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है।
आगे और बढ़ सकती है गर्मी
![आने वाले दिनों में बढ़ेगी गर्मी]()
आने वाले दिनों में बढ़ेगी गर्मी
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रतिचक्रवाती सिस्टम आने वाले दिनों में गर्मी को और बढ़ा सकता है। इस तरह के सिस्टम के दौरान न सिर्फ दिन का तापमान बल्कि रात का तापमान भी ज्यादा बना रहता है, जिससे शरीर को राहत नहीं मिलती और हीट स्ट्रेस का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में लू के दिनों की संख्या भी बढ़ने की आशंका है।
17 से 19 अप्रैल इन राज्यों में बारिश
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तरी भारत के कुछ हिस्सों में मौसम बदलेगा। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद में 18 अप्रैल तक हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं, हिमाचल प्रदेश में 17 से 19 अप्रैल के बीच हल्की बूंदाबांदी की संभावना है। इसके अलावा, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 17 और 18 अप्रैल को गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है। यह मौसमी बदलाव एक पश्चिमी विक्षोभ के भारत की ओर बढ़ने के कारण हो रहा है।
क्या सावधानी बरतें?
विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि दोपहर के समय बाहर निकलने से बचें, अधिक से अधिक पानी पिएं और हल्के कपड़े पहनें। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों का खास ध्यान रखने की जरूरत है। साथ ही प्रशासन को भी हीट एक्शन प्लान को प्रभावी तरीके से लागू करने पर जोर देना चाहिए, ताकि लोगों को इस बढ़ती गर्मी से राहत मिल सके। कुल मिलाकर, कर्नाटक और महाराष्ट्र के ऊपर बना एंटी-साइक्लोन पूरे देश के मौसम को प्रभावित कर रहा है। इसके चलते जहाँ एक ओर तापमान तेजी से बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर लू का खतरा गंभीर होता जा रहा है। आने वाले दिनों में हालात और चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं, इसलिए सतर्क रहना बेहद जरूरी है।