60 के बाद हर महीने 5000 रुपये की गारंटी:अटल पेंशन योजना 2030-31 तक बढ़ी, 8.66 करोड़ लोग उठा रहे फायदा
Gaon Connection | Jan 21, 2026, 19:19 IST
बुढ़ापे में पेंशन की चिंता से परेशान मजदूरों, छोटे किसानों और दुकानदारों के लिए बड़ी राहत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अटल पेंशन योजना (APY) को 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दे दी है।साथ ही सरकार ने योजना के प्रचार, लोगों को जागरूक करने और फंड की कमी पूरी करने के लिए वित्तीय मदद जारी रखने का भी फैसला किया है। यह निर्णय ऐसे वक्त में आया है जब महंगाई, अनिश्चित कमाई और बुढ़ापे की फिक्र असंगठित क्षेत्र के मजदूरों की सबसे बड़ी समस्या बनी हुई है।
क्या है अटल पेंशन योजना ?
साल 2015 में शुरू हुई यह योजना उन लाखों भारतीयों के लिए बनाई गई है जो असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं: मजदूर, रेहड़ी-पटरी वाले, घरेलू कामगार, ड्राइवर, कारीगर और छोटे किसान। इन लोगों को सरकारी या प्राइवेट नौकरी की तरह पेंशन नहीं मिलती, इसलिए बुढ़ापे में उनके पास कोई नियमित आय का जरिया नहीं होता।
अटल पेंशन योजना इसी समस्या का हल है। इसमें आप अपनी कामकाजी उम्र में थोड़ा-थोड़ा पैसा जमा करते हैं और 60 साल के बाद हर महीने तय रकम पेंशन के तौर पर पाते हैं।
कैसे काम करती है यह योजना?
यह योजना बेहद आसान है। कोई भी 18 से 40 साल की उम्र का व्यक्ति इसमें शामिल हो सकता है। आपको सबसे पहले यह तय करना होता है कि 60 साल के बाद आपको कितनी पेंशन चाहिए, 1,000 रुपये, 2,000 रुपये, 3,000 रुपये, 4,000 रुपये या 5,000 रुपये महीना।
इसके हिसाब से आपकी उम्र के अनुसार एक छोटी रकम हर महीने आपके बैंक खाते से ऑटोमैटिक कट जाती है। 60 साल पूरे होने के बाद आपको सरकार की तरफ से गारंटीड पेंशन मिलनी शुरू हो जाती है।
सबसे बड़ी बात यह है कि यह पेंशन शेयर बाजार या किसी दूसरे उतार-चढ़ाव पर निर्भर नहीं करती। एक बार जो रकम तय हो गई, वो पक्की है।
इतने सालों तक बढ़ाने की जरूरत क्यों पड़ी?
सरकार का कहना है कि इस योजना को लंबे समय तक सफलतापूर्वक चलाने के लिए कुछ जरूरी कदम उठाने होंगे। सबसे पहली जरूरत है कि ज्यादा से ज्यादा असंगठित मजदूरों तक इस योजना की जानकारी पहुंचे। खासतौर पर गांवों और दूर-दराज के इलाकों में जहां लोगों को इसके बारे में पता ही नहीं है।
दूसरा, योजना की वित्तीय स्थिरता बनाए रखने के लिए फंड की कमी पूरी करना जरूरी है। सरकार का मानना है कि अगर लगातार सहयोग मिलता रहे, तो यह योजना देश की सामाजिक सुरक्षा का मजबूत आधार बन सकती है।
कितने लोग ले रहे हैं फायदा?
19 जनवरी 2026 तक 8.66 करोड़ से ज्यादा लोग इस योजना से जुड़ चुके हैं। यह भारत की सबसे बड़ी पेंशन आधारित सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में से एक बन चुकी है। यह आंकड़ा साफ बताता है कि आम लोगों में इस योजना को लेकर भरोसा लगातार बढ़ रहा है।
पहले के दिनों में लोग पेंशन योजनाओं से दूर रहते थे क्योंकि उन्हें लगता था कि ये सिर्फ सरकारी नौकरी वालों के लिए हैं। लेकिन अटल पेंशन योजना ने यह धारणा तोड़ दी है। अब छोटे दुकानदार, मजदूर और खेतिहर मजदूर भी पेंशन पा रहे हैं।
किन लोगों को सबसे ज्यादा फायदा?
यह योजना खासतौर पर उन लोगों के लिए है जिन्हें किसी तरह की सरकारी या प्राइवेट पेंशन नहीं मिलती। इनमें शामिल हैं:
- असंगठित क्षेत्र के मजदूर
- दिहाड़ी मजदूर
- छोटे किसान
- घरेलू कामगार
- ड्राइवर, रिक्शा चालक, ठेला लगाने वाले
- छोटे दुकानदार और कारीगर
- वे लोग जो रोज कमाते और खाते हैं
योजना के बड़े फायदे
इस योजना के कई फायदे हैं जो इसे खास बनाते हैं। सबसे पहला फायदा तो यही है कि बुढ़ापे में एक निश्चित मासिक आय की गारंटी मिल जाती है। आपको किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ता।
दूसरा, बहुत कम पैसे जमा करके आप बड़ा सुरक्षा कवच पा सकते हैं। तीसरा, यह सरकार की गारंटी के साथ आती है, इसलिए पैसा डूबने का कोई खतरा नहीं। चौथा, अगर खाताधारक की मृत्यु हो जाती है तो उसके पति या पत्नी को पेंशन मिलती रहती है। और पांचवां, यह देश में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देती है यानी हर तबके के लोग बैंकिंग और बचत से जुड़ते हैं।
कैसे लें योजना का लाभ?
अगर आप भी इस योजना में शामिल होना चाहते हैं तो प्रक्रिया बहुत आसान है। अपने नजदीकी बैंक या पोस्ट ऑफिस में जाइए। आपके पास आधार कार्ड और एक बैंक खाता होना जरूरी है।
वहां जाकर अटल पेंशन योजना का फॉर्म भरिए और तय कीजिए कि आपको 60 साल के बाद कितनी पेंशन चाहिए। फिर ऑटो-डेबिट की सहमति दीजिए यानी हर महीने तय रकम अपने आप खाते से कट जाएगी। बस इतना करना है, बाकी सब अपने आप हो जाएगा।
विकसित भारत के सपने की ओर कदम
सरकार का मानना है कि अटल पेंशन योजना जैसे कार्यक्रम विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में बड़ी भूमिका निभाएंगे। यह योजना सिर्फ बुढ़ापे की चिंता कम नहीं करती, बल्कि देश को एक ऐसे समाज की ओर ले जाती है जहां हर नागरिक को सामाजिक सुरक्षा का अधिकार मिले।
खासतौर पर जब देश की आबादी का एक बड़ा हिस्सा असंगठित क्षेत्र में काम करता है, तो ऐसी योजनाओं की अहमियत और भी बढ़ जाती है। अटल पेंशन योजना यह साबित कर रही है कि छोटी बचत से भी बड़ी सुरक्षा पाई जा सकती है और बुढ़ापे को सम्मान के साथ जिया जा सकता है।