गांव कनेक्शन की खबर का असर: मिर्जापुर के किसानों को बाणसागर बांध नहर से मिलने लगा सिंचाई का पानी

गाँव कनेक्शन | Aug 06, 2021, 06:43 IST
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दशकों के इंतजार के बाद, उत्तर प्रदेश में मिर्जापुर के मड़िहान ब्लॉक में किसानों को अपनी फसलों की सिंचाई के लिए पानी मिलने लगा है, क्योंकि बाणसागर नहर का मेजा-जरगो खंड, चालू हो गया है। गांव कनेक्शन ने हाल ही में इन किसानों की परेशानी को प्रकाशित किया था।

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गांव कनेक्शन की खबर का असर: मिर्जापुर के किसानों को बाणसागर बांध नहर से मिलने लगा सिंचाई का पानी
दशकों के इंतजार के बाद
मिर्जापुर के मड़िहान ब्लॉक के किसानों की परेशानी को गाँव कनेक्शन द्वारा प्रकाशित करने के दो हफ्ते बाद ही मेजा-जरगो नहर को शुरू कर दिया गया। बाणसागर नहर परियोजना से किसानों को अब तक कोई लाभ नहीं मिल पाया था, लेकिन अब मेजा जलाशय से नहर को शुरू कर दिया है, जिससे यहां के हजारों किसानों को फायदा होगा, अब तक जो खेती के लिए बारिश के पानी पर निर्भर थे।

जिला प्रशासन द्वारा 4 अगस्त को जारी एक आधिकारिक प्रेस बयान के अनुसार, "मिर्जापुर के जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकर ने मेजा-जरगो लिंक नहर का निरीक्षण किया और पाया कि इसके माध्यम से पानी की आपूर्ति की जा रही थी।"

22 जुलाई को प्रकाशित खबर में मड़िहान प्रखंड के मझवानी और दयालपुर गांव (कोटवा क्षेत्र) के ग्रामीणों ने गांव कनेक्शन को बताया था कि बाणसागर परियोजना के उद्घाटन के तीन साल बाद भी उन्हें अपने खेतों की सिंचाई के लिए परेशान होना पड़ता है। किसानों का कहना है कि उनके क्षेत्र में नहर का काम अधूरा था, जिससे उनके खेतों तक पानी नहीं पहुंचा।

छह दिन बाद 28 जुलाई को जिलाधिकारी ने क्षेत्र का दौरा कर नहर के कार्य का निरीक्षण कर लंबित कार्यों को तत्काल पूरा करने का आदेश दिया।

अधिकारियों के अनुसार, नहर नेटवर्क की समस्याओं को अब ठीक कर दिया गया है और अब इसमें सिंचाई के लिए पानी जा रहा है।

मेजा-जरगो लिंक चैनल बाणसागर नहर का 74.13 किलोमीटर लंबा हिस्सा है जो मरिहान ब्लॉक से होकर गुजरता है। चैनल को मेजा जलाशय से मौजूदा जरगो जलाशय में 16.43 घन मीटर प्रति सेकंड की दर से पानी स्थानांतरित करने के लिए बनाया गया है। दोनों जलाशयों के बीच की नहर क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए पानी की आपूर्ति करती है।

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बाणसागर बांध मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के देवलोंद गांव के पास सोन नदी पर बना है। नहरों के नेटवर्क के जरिए, यह तीन राज्यों - मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार में किसानों की सिंचाई की जरूरतों को पूरा करने के लिए बनाया गया है।

हालांकि, 4 अगस्त को हाल ही में निरीक्षण के दौरान नहर में कुछ जगह पर पानी का रिसाव पाया गया था, और जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को जल्द ही इसे ठीक करने का आदेश दिया है।

"कुछ जगहों पर नहर में बारिश और पानी की लहर से कटाव भी देखा गया, प्रोजेक्ट इंजीनियर को नहर में इन परेशानियों को जल्द करने का कहा गया है, "4 अगस्त के बयान में कहा गया है।

मिर्जापुर के जिलाधिकारी ने कुछ जगह पर नहर से पानी निकालने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे अवैध पंप सेट और जनरेटर पर भी नाराजगी व्यक्त की और अधिकारियों से इन्हें हटाने के लिए कहा।

डीएम ने अधिकारियों को लंबित निर्माण कार्य को बिना देरी किए पूरा करने को भी कहा।

गांव कनेक्शन ने अपनी खबर में बताया था कि कैसे 13 जुलाई को उत्तर प्रदेश के जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ने बाणसागर परियोजना की सिंचाई नहरों के विकास के बारे में जानकारी लेने के लिए मिर्जापुर जिला मुख्यालय में एक बैठक की थी। सूत्रों के अनुसार इस बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों को किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने में देरी के लिए फटकार लगाई गई।

इस बैठक के बाद, मंत्री ने कहा: "कुछ सीपेज (लीकिंग) की वजह से नहर निर्माण के कार्य में देरी हो रही है। नहर नेटवर्क में कुछ जगहों पर लीक है। नहर मरम्मत का काम चल रहा है और एक महीने के भीतर इसे ठीक कर लिया जाएगा।"

बृजेंद्र दुबे, मिर्जापुर (यूपी) के इनपुट्स के साथ।

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