इस आयुर्वेद संस्थान (CARI) को मिली अंतरराष्ट्रीय मान्यता, सटीक जाँच से मरीजों को होगा फायदा
Gaon Connection | Apr 11, 2026, 14:53 IST
केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, बेंगलुरु ने एक महत्वपूर्ण लक्ष्य हासिल किया है: उसकी क्लिनिकल लैब को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर Biochemistry और Hematology में मान्यता प्राप्त हुई है। अब, यह संस्थान वैश्विक मानकों के अनुसार जाँच करने में सक्षम होगा।
केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान (CARI)
आयुष मंत्रालय के तहत काम करने वाले बेंगलुरु स्थित केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान (CARI) ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इसकी क्लिनिकल लैब को जैव रसायन (Biochemistry) और रुधिरविज्ञान (Hematology) में आईएसओ 15189:2022 की अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिली है। यह केंद्रीय आयुर्वेदीय विज्ञान अनुसंधान परिषद (CCRAS) के तहत ऐसा करने वाला पहला संस्थान बन गया है। इस मान्यता का मतलब है कि यहां होने वाली जांचें अब वैश्विक गुणवत्ता मानकों के अनुसार सटीक और भरोसेमंद होंगी, जिससे मरीजों को बेहतर इलाज मिल सकेगा।
इस उपलब्धि से मरीजों को सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि उन्हें सही और विश्वसनीय जांँच रिपोर्ट मिलेंगी। इससे डॉक्टर बेहतर तरीके से बीमारी का इलाज कर पाएंगे और मरीजों के स्वास्थ्य परिणाम भी सुधरेंगे। आयुष राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने कहा कि इस तरह की मान्यता से आयुष सेवाओं की गुणवत्ता और भरोसेमंदता बढ़ती है और यह पूरे सिस्टम को मजबूत बनाती है। वहीं, आयुष सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने इसे पारंपरिक चिकित्सा और आधुनिक जांच प्रणाली को जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया।
मिलेगी सही व विश्वसनीय जाँच रिपोर्ट
लैब में हैं क्या-क्या सुविधाएं?
- यह लैब पहले एक छोटे स्तर की सुविधा थी, लेकिन अब यह एक आधुनिक और पूरी तरह मान्यता प्राप्त उत्कृष्टता केंद्र बन चुकी है। यहाँ खून की जाँच, शुगर, लिवर और किडनी टेस्ट, थायरॉइड, लिपिड प्रोफाइल और कई अन्य जरूरी जांचें की जाती हैं। फिलहाल लैब को 50 तरह के टेस्ट के लिए NABL से मान्यता मिली हुई है, जिससे मरीजों को एक ही जगह पर कई सुविधाएं मिल जाती हैं।
- संस्थान की सेवाओं में तेजी से बढ़ोतरी भी देखने को मिली है। साल 2025-26 में यहाँ 1.5 लाख से ज्यादा जांचें की गईं और 9,300 से अधिक मरीजों को सेवाएं दी गईं। वहीं ओपीडी में आने वाले मरीजों की संख्या भी 2021 के करीब 19 हजार से बढ़कर 2026 में 51 हजार से ज्यादा हो गई है। इससे साफ है कि लोगों का भरोसा इस संस्थान पर लगातार बढ़ रहा है।
- तकनीक के मामले में भी यह संस्थान काफी आगे है। यहाँ आधुनिक मशीनें और डिजिटल सिस्टम लगाए गए हैं, जिससे मरीजों को उनकी जांच रिपोर्ट एसएमएस, ईमेल और व्हाट्सएप के जरिए जल्दी मिल जाती है। इससे समय की बचत होती है और इलाज में देरी नहीं होती।
- इस उपलब्धि के पीछे लंबे समय की मेहनत और लगातार सुधार का योगदान है। पहले यह लैब सीमित संसाधनों के साथ काम करती थी, लेकिन अब इसे आधुनिक मशीनों और बेहतर सुविधाओं से लैस किया गया है। 2022 में NABL की शुरुआती मान्यता मिलने के बाद, संस्थान ने और बेहतर गुणवत्ता के लिए काम किया और अब आईएसओ 15189:2022 जैसे उच्च मानकों को हासिल कर लिया है।
- आने वाले समय में यह संस्थान और ज्यादा टेस्ट जोड़ने और अपनी सेवाओं का विस्तार करने की योजना बना रहा है, ताकि आम लोगों को सस्ती और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। यह उपलब्धि न सिर्फ आयुर्वेद के क्षेत्र को मजबूत करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़कर बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।