Scholarship and Fee Reimbursement Scheme: वंचित छात्रों को दूसरा मौका, योगी सरकार फिर खोलेगी छात्रवृत्ति पोर्टल
Gaon Connection | Apr 02, 2026, 17:20 IST
उत्तर प्रदेश सरकार का समाज कल्याण विभाग 2025-26 शैक्षणिक सत्र के लिए छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति योजना का पोर्टल पुनः खोलेगा। सामान्य, एससी-एसटी और ट्रांसजेंडर छात्र इस अवसर का लाभ उठा सकेंगे। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी योग्य छात्र आर्थिक बाधाओं के चलते शिक्षा से वंचित न रहे।
छात्रवृत्ति से वंचित छात्रों को दूसरा मौका
उत्तर प्रदेश सरकार ने छात्रवृत्ति से वंचित रह गए छात्रों को एक और मौका देने का फैसला किया है। समाज कल्याण विभाग जल्द ही शैक्षिक सत्र 2025-26 के लिए छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति योजना का पोर्टल फिर से खोलेगा। इससे सामान्य, एससी-एसटी और ट्रांसजेंडर वर्ग के छात्र आवेदन कर सकेंगे। सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र छात्र आर्थिक या तकनीकी कारणों से वंचित न रहे।
योगी सरकार ने छात्रवृत्ति से वंचित छात्रों के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। समाज कल्याण विभाग शैक्षिक सत्र 2025-26 के लिए छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति योजना का पोर्टल दोबारा खोलेगा। इसका मतलब है कि जिन छात्रों ने पिछले सत्र में किसी भी कारण से आवेदन नहीं कर पाए थे, वे अब आवेदन कर सकते हैं।
इस योजना का लाभ सिर्फ एक वर्ग के छात्रों को नहीं मिलेगा, बल्कि सामान्य वर्ग, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और ट्रांसजेंडर समुदाय के विद्यार्थी भी इसका फायदा उठा सकेंगे। यह सामाजिक समावेशन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
समाज कल्याण विभाग के अनुसार, पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में भी इसी तरह पोर्टल खोला गया था। तब 53,041 छात्रों को कुल 81.12 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति दी गई थी। इसमें अनुसूचित जाति के 25,395 छात्रों को 30.65 करोड़ रुपये और सामान्य वर्ग के 27,646 छात्रों को 50.47 करोड़ रुपये की सहायता मिली थी।
समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में सभी को समान अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, "सरकार का प्रयास है कि हर जरूरतमंद छात्र तक शिक्षा का लाभ पहुंचे और कोई भी छात्र आर्थिक कारणों से अपनी पढ़ाई बीच में न छोड़े।"
योगी सरकार की यह पहल सिर्फ शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए नहीं है, बल्कि यह युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में भी मदद करेगी। इससे हजारों छात्रों को अपनी पढ़ाई जारी रखने का मौका मिलेगा और उनका भविष्य और भी मजबूत होगा।