बिहार सब्जी विकास योजना: सरकार देगी 75% सब्सिडी, छोटे किसानों की आय में आएगा बड़ा बदलाव
Gaon Connection | Feb 24, 2026, 18:10 IST
बिहार सरकार ने किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए नई सब्जी विकास योजना शुरू की है। इस योजना के तहत सब्जी के बीज और seedling पर किसानों को अधिकतम 75% तक अनुदान दिया जाएगा, जिससे खेती का खर्च काफी घटेगा। हाइब्रिड किस्मों के साथ-साथ देसी और अन्य सब्जियों पर भी सब्सिडी उपलब्ध रहेगी। जानिए कैसे करना है अप्लाई , क्या दस्तावेज लगेंगे और किन केंद्रों पर मिलेंगे सब्जियों के बीज?
बिहार सब्जी विकास योजना
Bihar Sabji Vikas Yojna: पारंपरिक खेती करने में लगात और मुनाफे के बीच जूझ रहे किसानों के लिए अच्छी ख़बर है। बिहार सरकार ने ऐसे किसानों को सशक्त बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। बिहार सरकार ने की खेती के ज़रिये किसानों की आय बढ़ाने के लिए एक योजना की घोषणा की है, जिसके तहत सब्जियों के बीजों पर बंपर सब्सिडी देने की घोषणा की है। इस कदम से किसानों की लागत को कम करना और उनकी आय में बढ़ोतरी करने का लक्ष्य है। इस योजना का नाम है 'सब्जी विकास योजना' (Sabji Vikas Yojana)। इस योजना के तहत किसानों को सब्जियों के बीज और बिचड़े/ seedling पर 75 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है, जिससे वे कम निवेश में उच्च गुणवत्ता वाली सब्जी उगा सकें। योजना का मुख्य उद्देश्य खेती की लागत कम करके किसानों की आमदनी बढ़ाना है।
सब्जी विकास योजना के अंतर्गत हाइब्रिड सब्जी seedling जैसे ब्रॉकली, कैप्सीकम, टमाटर, फूलगोभी, पत्ता गोभी और अन्य सब्जियों जैसे हरा मटर, गाजर, चुकंदर, बैंगन, गरमा कद्दू, नेनुआ, करैला, भिंडी, खरबूज, तरबूज, प्याज के बीज और बिचड़े पर सब्सिडी उपलब्ध कराई जाएगी।
इस योजना का लाभ खुद की या किराए की ज़मीन पर खेती करने वाले दोनों प्रकार के किसानों को मिलेगा। खुद की या किराए की ज़मीन पर खेती करने वाले किसान अधिकतम 2.50 एकड़ भूमि तक सब्जी की खेती के लिए अनुदान प्राप्त कर सकते हैं। वहीं, जिसके पास ज़मीन हो, पर वह खुद खेती न करता हो ऐसे किसान अधिकतम 0.25 एकड़ भूमि तक इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। सब्जी seedling के लिए किसान को न्यूनतम 1,000 रुपए और अधिकतम 10,000 रुपए तक की आर्थिक सहायता मिल सकती है। बीज के लिए यह योजना 0.25 एकड़ से लेकर 2.5 एकड़ तक की भूमि पर लागू होती है।
किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज और seedling उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने विशेष अधिकृत केंद्र तय किए हैं। जहाँ से सब्जी बीज प्राप्त किया जा सकता है-
सब्जी विकास योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को भूमि से संबंधित कोई एक वैध दस्तावेज जमा करना अनिवार्य है। इसमें भूमि स्वामित्व प्रमाण-पत्र, दो वर्ष पूर्व से अपडेटेड राजस्व रसीद, ऑनलाइन अपडेटेड रसीद, वंशावली या एकरारनामा शामिल हैं। यदि आवेदक का नाम भूमि स्वामित्व या राजस्व रसीद में स्पष्ट नहीं है, तो उसके साथ वंशावली लगाना अनिवार्य होगा। गैर-रैयत किसान एकरारनामा के आधार पर भी इस योजना का लाभ ले सकते हैं।
सब्जी विकास योजना के लिए आवेदन केवल बिहार राज्य के उन किसानों द्वारा किया जा सकता है जो सब्जी की खेती करना चाहते हैं और जिनका किसान पंजीकरण पहले से किया हुआ है। योजना से जुड़ी किसी भी जानकारी या समस्या के समाधान के लिए किसान अपने जिले के सहायक निदेशक उद्यान से संपर्क कर सकते हैं।
सब्जी विकास योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों की खेती की लागत को कम करके उनकी आमदनी बढ़ाना है। इस योजना के तहत सब्जी उत्पादन को प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि किसानों को कम समय में अधिक लाभ मिल सके। साथ ही किसानों को उन्नत और हाइब्रिड किस्म के बीज उपलब्ध कराकर उत्पादन की गुणवत्ता और मात्रा दोनों बढ़ाने पर जोर दिया गया है। यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा करने और किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में भी सहायक है।
इन सब्जियों पर मिलेगी सब्सिडी
किन किसानों को मिलेगी सब्सिडी?
कहाँ से मिलेंगे बीज?
- सब्जी बिचड़ा सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस (सब्जी),
- चंडी, नालंदा, सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस (फल),
- देसरी प्लग टाइप नर्सरी,
- कटिहार और प्लग टाइप नर्सरी,
- कोईलवर (भोजपुर) सब्जी बीज बिहार राज्य बीज निगम, पटना से उपलब्ध होंगे।
क्या लगेंगे डॉक्यूमेंट्स?
कैसे करें अप्लाई?
- किसान इस योजना के लिए आधिकारिक वेबसाइट horticulture.bihar.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल है।
- होम पेज पर “सब्जी विकास योजना” के विकल्प पर क्लिक करें।
- किसान पंजीकरण संख्या से लॉगिन करें।
- मांगी गई जानकारी भरें और दस्तावेज अपलोड करें।
- आवेदन सबमिट करें।
- यह सुनिश्चित किया गया है कि केवल रजिस्टर्ड किसान ही इस योजना में आवेदन कर सकते हैं।
इन बातों पर किसान बहन-भाई ध्यान दें
सब्जी विकास योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों की खेती की लागत को कम करके उनकी आमदनी बढ़ाना है। इस योजना के तहत सब्जी उत्पादन को प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि किसानों को कम समय में अधिक लाभ मिल सके। साथ ही किसानों को उन्नत और हाइब्रिड किस्म के बीज उपलब्ध कराकर उत्पादन की गुणवत्ता और मात्रा दोनों बढ़ाने पर जोर दिया गया है। यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा करने और किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में भी सहायक है।