BIOFACH 2026 : दुनियाभर में चर्चित जर्मनी के जैविक उत्पाद मेले में भारत ‘कंट्री ऑफ द इयर’ नामित, देश के प्रमुख जैविक उत्पादों का प्रदर्शन
Gaon Connection | Feb 10, 2026, 17:19 IST
विश्वभर में चर्चित जर्मनी के जैविक उत्पाद मेले में भारत के जैविक उत्पादों की विविधता और उच्च गुणवत्ता पर मुहर। बीस से अधिक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश ले रहे हिस्सा।
जर्मनी के जैविक उत्पाद मेले BIOFACH-2026 में भारत को ‘कंट्री ऑफ द इयर’ नामित किया गया है। बायोफैच में भारत को मिला ये सम्मान भारतीय जैविक निर्यात के बढ़ते प्रभाव, दुनिया में जैविक उत्पादों की बढ़ती मांग और निर्यातकों, संघों और किसान उत्पादक संगठनों (FPO) की बढ़ती हिस्सेदारी को दिखाता है।
जर्मनी के नूरेमबर्ग शहर में होने वाले में इस मेले में भारत के 20 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश हिस्सा ले रहे हैं। भारत की ओर से जैविक चावल, मसाले, तिलहन, जड़ी-बूटियां और मूल्यवर्धित उत्पादों को प्रदर्शित किया गया है। मेले का आयोजन 10-13 फरवरी 2026 तक किया जा रहा है।
बायेफैच-2026 में कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) की ओर से जैविक उत्पादों की प्रदर्शनी देश की विकसित कृषि विरासत और जैविक उत्पादों के प्रमुख आपूर्तिकर्ता के रूप में क्षमता को दिखाएगी।
भारत के मंडप में 20 से अधिक राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में असम, मेघालय, मणिपुर, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, केरल, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, अरुणाचल प्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड शामिल हैं।
यह भागीदारी अलग-अलग क्षेत्रों के जैविक प्रोडक्ट और वैल्यू ऐडेड खाद्य उत्पादों के प्रदर्शन के साथ अंतरराष्ट्रीय जैविक व्यापार में भारत की वार्षिक वृद्धि को दिखाती है।
मेले में भारती उत्पादों की प्रदर्शनी के साथ-साथ लोगों को विशेष खाद्य पदार्थों का जायका भी मिलेगा। प्रीमियम जैविक बासमती चावल और मसालों से तैयार की गई ताजा सुगंधित बिरयानी का जायका मिलेगा। इसके अलावा भारत में चावल की पारंपरिक किस्मों प्रदर्शन के लिए जीआई-टैग वाली चावल की किस्में- इंद्रायणी चावल, नवारा चावल, गोविंदभोग चावल, लाल चावल और चक हाओ (काला चावल) का स्वाद चखाया जाएगा।
जर्मनी के नूरेमबर्ग शहर में होने वाले में इस मेले में भारत के 20 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश हिस्सा ले रहे हैं। भारत की ओर से जैविक चावल, मसाले, तिलहन, जड़ी-बूटियां और मूल्यवर्धित उत्पादों को प्रदर्शित किया गया है। मेले का आयोजन 10-13 फरवरी 2026 तक किया जा रहा है।
बायेफैच-2026 में कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) की ओर से जैविक उत्पादों की प्रदर्शनी देश की विकसित कृषि विरासत और जैविक उत्पादों के प्रमुख आपूर्तिकर्ता के रूप में क्षमता को दिखाएगी।
भारत के मंडप में 20 से अधिक राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में असम, मेघालय, मणिपुर, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, केरल, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, अरुणाचल प्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड शामिल हैं।
यह भागीदारी अलग-अलग क्षेत्रों के जैविक प्रोडक्ट और वैल्यू ऐडेड खाद्य उत्पादों के प्रदर्शन के साथ अंतरराष्ट्रीय जैविक व्यापार में भारत की वार्षिक वृद्धि को दिखाती है।
मेले में भारती उत्पादों की प्रदर्शनी के साथ-साथ लोगों को विशेष खाद्य पदार्थों का जायका भी मिलेगा। प्रीमियम जैविक बासमती चावल और मसालों से तैयार की गई ताजा सुगंधित बिरयानी का जायका मिलेगा। इसके अलावा भारत में चावल की पारंपरिक किस्मों प्रदर्शन के लिए जीआई-टैग वाली चावल की किस्में- इंद्रायणी चावल, नवारा चावल, गोविंदभोग चावल, लाल चावल और चक हाओ (काला चावल) का स्वाद चखाया जाएगा।