UP News: सीएम योगी ने 'स्कूल चलो अभियान' का किया शुभारंभ, बच्चों को दीं किताबें और बैग
Gaon Connection | Apr 04, 2026, 11:13 IST
राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वाराणसी में 'स्कूल चलो अभियान' का शुभारंभ कर रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य नए शैक्षणिक सत्र के साथ-साथ परिषदीय विद्यालयों में छात्रों का नामांकन बढ़ाना है। यह अभियान दो चरणों में आयोजित किया जाएगा, जिसमें बच्चों को आवश्यक पाठ्य-पुस्तकों और बैग्स का वितरण भी किया जाएगा।
बैग देते हुए सीएम योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को वाराणसी से "स्कूल चलो अभियान" का भव्य शुभारंभ किया। यह अभियान नए शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए चलाया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य परिषदीय विद्यालयों में नामांकन बढ़ाना, बच्चों को पाठ्य-पुस्तकें और बैग वितरित करना तथा जन जागरूकता फैलाना है। अभियान के दो चरण होंगे, पहला 1 अप्रैल से 15 अप्रैल तक और दूसरा 1 जुलाई से 15 जुलाई तक चलेगा।
शनिवार सुबह 9:30 बजे कंपोजिट विद्यालय शिवपुर, वाराणसी से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसकी शुरूआत की। इस दौरान उन्होंने बच्चों को खुद कंधे पर स्कूल बैग पहनाया और किताबें दीं और उनसे हालचाल पूछा। सीएम योगी ने कहा- 2017 से पहले सरकार के एजेंडे में शिक्षा नहीं थी। गरीब बच्चों के बारे में किसी को कोई चिंता नहीं थी। उनके लोग नकल कराते थे। इसलिए नकल कराते कि उनके स्कूल में पढ़ाई न हो। इस अभियान के माध्यम से बेसिक शिक्षा विभाग यह सुनिश्चित करना चाहता है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और हर घर तक शिक्षा का संदेश पहुंचे।
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के साथ ही, प्रदेश के सभी जनपदों में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बड़े आयोजन हुए। इन आयोजनों में जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, छात्रों, अभिभावकों और समाज के विभिन्न वर्गों को सक्रिय रूप से शामिल हुए। इसका लक्ष्य अभियान को एक जन आंदोलन का रूप देना है, ताकि हर बच्चे को स्कूल से जोड़ा जा सके।
स्कूल शिक्षा की महानिदेशक मोनिका रानी ने बताया कि अभियान के दौरान बच्चों के नामांकन के साथ ही उन्हें नई पाठ्य-पुस्तकों का वितरण भी किया गया। विद्यालयों में सांस्कृतिक कार्यक्रम, जन जागरूकता रैलियां और जनप्रतिनिधियों के संबोधन भी आयोजित हुए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम के बाद “स्कूल चलो अभियान” को तेज गति देने के लिए प्रदेशभर में खास दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। सभी जनपदों, बीआरसी और विद्यालय स्तर पर इस अभियान को प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न गतिविधियों को बड़े स्तर पर आयोजित करने को कहा गया है। इसके तहत रैलियां निकालना, सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करना, जन-जागरूकता अभियान चलाना और अधिक से अधिक बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करना शामिल है। साथ ही नए शैक्षणिक सत्र की पुस्तकों को आकर्षक पैकेजिंग के साथ समय पर वितरित करने पर भी जोर दिया गया है। सरकार ने यह भी निर्देश दिए हैं कि इन सभी गतिविधियों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए और मीडिया कवरेज सुनिश्चित की जाए, ताकि अभियान का संदेश हर घर तक पहुंचे और अधिक से अधिक लोग इससे जुड़ें। साथ ही संबंधित अधिकारियों को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वे सभी निर्देशों का सख्ती से पालन कराएं, जिससे “स्कूल चलो अभियान” को सफल बनाया जा सके।
वाराणसी से की शुरूआत
स्कूल चलो अभियान के शुभारंभ, नवीन शैक्षणिक सत्र की पाठ्यपुस्तकों व निपुण विद्यालयों एवं निपुण विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र के वितरण हेतु वाराणसी में आयोजित कार्यक्रम में... https://t.co/0jWX9MgtjZ
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) April 4, 2026
स्कूल शिक्षा की महानिदेशक मोनिका रानी ने बताया कि अभियान के दौरान बच्चों के नामांकन के साथ ही उन्हें नई पाठ्य-पुस्तकों का वितरण भी किया गया। विद्यालयों में सांस्कृतिक कार्यक्रम, जन जागरूकता रैलियां और जनप्रतिनिधियों के संबोधन भी आयोजित हुए।
व्यापक प्रचार और सख्त अनुपालन के निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम के बाद “स्कूल चलो अभियान” को तेज गति देने के लिए प्रदेशभर में खास दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। सभी जनपदों, बीआरसी और विद्यालय स्तर पर इस अभियान को प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न गतिविधियों को बड़े स्तर पर आयोजित करने को कहा गया है। इसके तहत रैलियां निकालना, सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करना, जन-जागरूकता अभियान चलाना और अधिक से अधिक बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करना शामिल है। साथ ही नए शैक्षणिक सत्र की पुस्तकों को आकर्षक पैकेजिंग के साथ समय पर वितरित करने पर भी जोर दिया गया है। सरकार ने यह भी निर्देश दिए हैं कि इन सभी गतिविधियों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए और मीडिया कवरेज सुनिश्चित की जाए, ताकि अभियान का संदेश हर घर तक पहुंचे और अधिक से अधिक लोग इससे जुड़ें। साथ ही संबंधित अधिकारियों को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वे सभी निर्देशों का सख्ती से पालन कराएं, जिससे “स्कूल चलो अभियान” को सफल बनाया जा सके।