Crop Insurance : UP में बेमौसम बारिश से फसलों का नुकसान, बीमा कंपनियों को 31 मार्च तक सर्वे पूरा करने का निर्देश
Gaon Connection | Mar 25, 2026, 09:55 IST
उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने सभी बीमा कंपनियों को निर्देशित किया है कि वे बेमौसम बारिश से प्रभावित फसलों का सर्वेक्षण 31 मार्च तक पूरा करें। जो कंपनियां इसमें देरी करेंगी, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अप्रैल के पहले सप्ताह में सर्वेक्षण के परिणामों की समीक्षा की जाएगी।
उत्तर प्रदेश में बारिश से किसानों की फसल बर्बाद
उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बीमा कंपनियों के साथ एक अहम बैठक की। उन्होंने बेमौसम बारिश से फसलों को हुए नुकसान पर चिंता जताई और बीमा कंपनियों को 31 मार्च तक सर्वे पूरा करने का सख्त निर्देश दिया। ढिलाई बरतने वाली कंपनियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। उन्होंने बताया कि अप्रैल के पहले हफ्ते में सर्वे की समीक्षा होगी ताकि किसानों को जल्द राहत मिल सके। इस काम में तेजी लाने के लिए मुख्य सचिव और कृषि उत्पादन आयुक्त को भी जिलाधिकारियों से लगातार निगरानी कराने को कहा गया है।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत, साल 2017-18 से 2025-26 तक प्रदेश के 67.52 लाख किसानों को 5660.33 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जा चुका है। खरीफ 2025 में 20.68 लाख किसानों का बीमा हुआ, जिसमें से 5.39 लाख किसानों को 532.17 करोड़ रुपये मिले। रबी 2025-26 के लिए अब तक 18.78 लाख किसान बीमित हुए हैं। किसानों ने प्रीमियम के तौर पर 136.67 करोड़ रुपये दिए, जबकि राज्य और केंद्र सरकार ने 134.61-134.61 करोड़ रुपये का योगदान दिया।
पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना के तहत, 2017-18 से अब तक 0.35 लाख किसानों को 29.01 करोड़ रुपये का मुआवजा मिला है। खरीफ 2025 में केला, पान और मिर्च जैसी फसलों के लिए 5,671 किसान बीमित हैं। रबी 2025-26 में मटर, टमाटर, शिमला मिर्च और आम के लिए 309 किसानों का बीमा हुआ है।
रबी मौसम में अभी गेहूं, जौ, चना, मटर, मसूर, सरसों, अलसी और आलू जैसी 8 फसलें बीमा के दायरे में हैं। इसके अलावा, सरकार बागवानी फसलों को बचाने के लिए पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना पर भी काम कर रही है।
मंत्री शाही ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बीमा क्लेम की प्रक्रिया को एकदम साफ-सुथरा बनाया जाए। इससे सही किसानों को योजना का फायदा आसानी से मिल सके और कोई परेशानी न हो। बैठक में कृषि मंत्री ने बीमा कंपनियों को साफ-साफ कहा कि वे 31 मार्च तक प्रभावित जिलों में जाकर सर्वे का काम जरूर पूरा कर लें। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर इस काम में कोई भी कंपनी लापरवाही करती है, तो सरकार उस पर बहुत सख्त कानूनी कार्रवाई करेगी।
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि अप्रैल के पहले हफ्ते में बीमा कंपनियों के सर्वे की अच्छे से जांच की जाएगी। इससे पता चलेगा कि असल में कितना नुकसान हुआ है और पीड़ित किसानों को मदद पहुंचाई जा सकेगी। इस काम को जल्दी करने के लिए उन्होंने मुख्य सचिव और कृषि उत्पादन आयुक्त को भी कहा है कि वे जिलाधिकारियों से लगातार सर्वे की निगरानी करवाते रहें।
रबी की किन फसलों पर मिलता है बीमा?
रबी की मटर, टमाटर, शिमला मिर्च फसलों पर बीमा
रबी मौसम में अभी गेहूं, जौ, चना, मटर, मसूर, सरसों, अलसी और आलू जैसी 8 फसलें बीमा के दायरे में हैं। इसके अलावा, सरकार बागवानी फसलों को बचाने के लिए पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना पर भी काम कर रही है।
31 मार्च तक पूरा हो फसलों के नुकसान का सर्वे
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि अप्रैल के पहले हफ्ते में बीमा कंपनियों के सर्वे की अच्छे से जांच की जाएगी। इससे पता चलेगा कि असल में कितना नुकसान हुआ है और पीड़ित किसानों को मदद पहुंचाई जा सकेगी। इस काम को जल्दी करने के लिए उन्होंने मुख्य सचिव और कृषि उत्पादन आयुक्त को भी कहा है कि वे जिलाधिकारियों से लगातार सर्वे की निगरानी करवाते रहें।