Cyber Scam: 'कॉल’ करने के ल‍िए अनजान व्यक्ति को मोबाइल देना पड़ेगा भारी! 'कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम' से खाली हो सकता है आपका खाता, ऐसे बचें

Gaon Connection | Apr 03, 2026, 18:21 IST
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जयपुर पुलिस ने एक नए साइबर फ्रॉड के खिलाफ लोगों को सचेत किया है। धोखेबाज 'कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम' के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं। वे आकर्षक प्रस्तावों के बहाने मोबाइल नंबर मांगते हैं और फिर ओटीपी लेकर आपके खाते से पैसे उड़ा सकते हैं। पुलिस ने सभी से सतर्क रहने की अपील की है।
साइबर ठगी
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'कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम’ से खाते हो सकते हैं खाली

राजस्थान पुलिस ने लोगों को एक नई तरह की साइबर ठगी से सावधान किया है। उपमहानिरीक्षक (साइबर अपराध) शांतनु कुमार सिंह ने बताया कि किसी अनजान व्यक्ति को 'जरूरी फोन कॉल' के लिए अपना मोबाइल देने से आप बड़ी मुसीबत में पड़ सकते हैं। ठग 'कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम' का इस्तेमाल करके आपके फोन पर आने वाले ओटीपी अपने नंबर पर भेज लेते हैं। इससे वे आपके बैंक खाते खाली कर सकते हैं, आपके व्हाट्सएप और सोशल मीडिया का एक्सेस ले सकते हैं, या आपके फोन में स्पाइवेयर डालकर आपकी निजी जानकारी चुरा सकते हैं। शांतनु कुमार सिंह केवल एक अधिकारी नहीं, बल्कि राजस्थान में साइबर सुरक्षा के एक्सपर्ट माने जाते हैं।

छोटी मदद बन सकती है बड़ी गलती

शांतनु कुमार सिंह ने लोगों को आगाह करते हुए कहा है कि किसी अनजान को 'एक जरूरी फोन कॉल' करने के लिए अपना मोबाइल फोन देते समय बहुत सावधान रहें। उन्होंने बताया कि यह छोटी सी मदद आपको बड़ी साइबर ठगी का शिकार बना सकती है।

बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर सक्रिय रहते हैं ठग

साइबर ठग अक्सर बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों, पार्कों और पर्यटन स्थलों पर 'एक जरूरी कॉल' का बहाना बनाकर लोगों से मोबाइल मांगते हैं। जैसे ही फोन उनके हाथ में आता है, वे कुछ ही सेकंड में ऐसी चालाकी करते हैं कि मोबाइल धारक को पता भी नहीं चलता और उसके बैंक खाते खाली हो सकते हैं।

ऐसे काम करता है यह खतरनाक तरीका

यह खतरनाक तरीका 'कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम' कहलाता है। ठग आपके मोबाइल से एक खास कोड डायल कर देते हैं। इसके बाद आपके फोन पर आने वाले सभी 'ओटीपी' सीधे उनके नंबर पर जाने लगते हैं। फिर वे आसानी से आपके बैंक अकाउंट, व्हाट्सएप या सोशल मीडिया का 'एक्सेस' हासिल कर लेते हैं।

स्पाइवेयर और की-लॉगर से भी खतरा

इतना ही नहीं, कई बार ठग आपके फोन में चुपके से स्पाइवेयर या 'की-लॉगर' इंस्टॉल कर देते हैं। यह आपके फोन की हर गतिविधि पर नजर रखता है। इससे आपके पासवर्ड, बैंक डिटेल और निजी चैट जैसी सारी जानकारी उनके पास पहुंच जाती है।

रिश्तेदारों को इमरजेंसी का बहाना बनाकर ठगी

ये ठग लोगों के संपर्क नंबर चुराकर उनके रिश्तेदारों को 'इमरजेंसी' का बहाना बनाकर पैसे भी ऐंठ सकते हैं। शांतनु कुमार सिंह ने लोगों से समझदारी से काम लेने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि अगर कोई ऐसी मदद मांगता है, तो इंसानियत जरूर दिखाएं, लेकिन सावधानी के साथ। ऐसी स्थिति में, अपना मोबाइल फोन अपने हाथ में ही रखें। खुद नंबर डायल करें और फोन को स्पीकर पर करके बात कराएं। उन्होंने लोगों से कहा है कि वे कभी भी अपना 'अनलॉक' फोन किसी अनजान व्यक्ति को न दें।
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