Delhi Dairy Expo: दूध-दही-घी और डेयरी टेक्नोलॉजी की मिलेगी जानकारी,जानिए किसान कैसे जुड़ें
Preeti Nahar | Feb 11, 2026, 18:55 IST
भारत दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश है और यहाँ के लाखों किसान, विशेषकर गाँवों में, दूध-दही-घी जैसे उत्पादों से अपनी रोज़ी-रोटी चलाते हैं। डेयरी एक्सपो में 200 से अधिक स्टॉल होंगे, जहाँ लिक्विड दूध, दही, लस्सी, फ्लेवर्ड मिल्क, पनीर, भारतीय मिठाई, घी-मक्खन और आइसक्रीम जैसे उत्पादों की प्रदर्शनी लगेगी, जिससे ग्रामीण दूध उत्पादक ये समझ सकेंगे कि बाजार में किस तरह के उत्पादों की मांग बढ़ रही है। जानिए कब से हो रहा है शुरू Delhi Dairy Expo?
अगर आप दूध से संबंधित किसी प्रकार का कोई बिज़नेस करना चाहतें या फिर दूध के बिज़नेस में क्या कुछ नई तकनीक मार्किट में आ रही हैं, इसके बारे में जानना चाहते हैं तो Dairy Expo आपके लिए सुनहरा अवसर हो सकता है। कोई किसान जो दूध का काम करते हैं, गाय-भैंस पालते हैं या डेयरी से कमाई बढ़ाना चाहते हैं तो राजधानी दिल्ली में आयोजित होने वाला 52वाँ डेयरी एक्स्पो आपके काम का है। ये एक्स्पो तीन दिन तक चलेगा जो 12 से 14 फरवरी 2026 तक आयोजित होगा।
डेयरी एक्सपो तीन दिन तक चलेगा , जहाँ दूध, दही, घी, पनीर और डेयरी से जुड़ी नई तकनीकों की जानकारी दी जाती है। यहाँ बड़े-छोटे किसान, डेयरी कारोबारी, मशीन बनाने वाली कंपनियाँ और एक्सपर्ट, एक ही जगह मिलते हैं। एक्स्पो में 200 से अधिक देश-विदेश की डेयरी से जुड़ी कंपनियाँ हिस्सा लेंगीं। यहाँ किसान जान सकता है कि दूध को सिर्फ कच्चा बेचने के बजाय उससे दही, घी, पनीर, मक्खन या फ्लेवर्ड दूध मशीनों कैसे बनाया जा सकता है। साथ ही आइसक्रीम बनाने वाली मशीनें, दूध से मिठाइयाँ बनाने वाली मशीनों को साथ फ्लेवर्ड दूध बनाने वाली मशीनें कैसे काम करती हैं, कितना खर्चा आता है और आप ये मशीनें कैसे और कहाँ से ले सकते हैं, ये सब जानकारियाँ किसान ले सकते हैं।
एक्स्पों में मशीन बनाने वाले से सीधा संपर्क किया जा सकता है। आपको जानकारी मिलती है कि कोई मशीन कितने खर्च में लगती है और कितना मुनाफ़ा दे सकती है। बिज़नेस से संबंधित ये सभी जानकारी सीधे समझ सकते हैं। किसानों को मशीन के संचालन के बारे में भी पूरी जानकारी दी जाती है। हाउसिंग, मिल्किंग और हाउसिंग मशीन, कैटल फीडिंग प्लांट, मैन्यूर ट्रीटमेंट सिस्टम, फीड-फोडर और मिनरल्स के स्टॉल भी एक्सपो में डेयरी कारोबारियों के लिए लगाए जा रहे हैं साथ ही किसान मशीन चलाकर भी देख सकते हैं और संचालन से संबंधित सवाल डायरेक्ट मशीन संचालक से पूछ सकते हैं। एनिमल
इस तरह के किसी भी एक्स्पो में ऐसी तकनीकों के बारे में बताया जाता है जिससे दूध की तुरंत जाँच हो जाती है। ख़राब दूध अलग हो जाता है और अच्छी क्वालिटी का दूध आपको मिल पाए जो सही दाम पर बिके। इससे किसान को मिलावटी दूध की समस्या से छुटकारा मिल जाता है। साथ ही नई तकनीकों के माध्यम से पैकिंग और ब्रांडिग की जानकारी भी मिल सकती है। ऐसी नई तकनीक सीख कर किसान अपने इलाके में अपना खु़द का बिज़नेस शुरू कर सकता है।
एक्स्पो में ऐसे कई उदाहरण मिलते हैं जहाँ गाँव के लोगों ने 5 से 10 लीटर दूध से शुरूआत में अपना छोटा ब्राँड बनाया, जो सफल बिज़नेस में तब्दील हुआ। ऐसे दूध व्यापारियों से किसान आइडिया ले सकता है कि वह अकेले या 2-3 लोग मिलकर कैसे अपना डेयरी का बिज़नेस शुरू कर सकता है। डेयरी एक्सपो ऐसी जगह है जहाँ किसान देख-समझकर सीख सकता है कि दूध से कमाई कैसे बढ़ाई जाए। इस तरह के कार्यक्रम ग्रामीण किसानों को बेहतर तकनीक सीखने, नए उत्पाद और पैकेजिंग जानने,अपने उत्पाद की कीमत बढ़ाने और स्थानीय ब्रांड तक पहुँच बनाने में मदद करते हैं।
Dairy Expo में शामिल होने के लिए आपको किसी बड़ी कंपनी का हिस्सा होना जरूरी नहीं है। आम किसान भी यहाँ आ सकता है। तीन दिन के लिए आयोजित होने वाला Dairy Expo दिल्ली के प्रगति मैदान पर होगा। अगर आपके इलाके में कोई किसान संगठन हैं या फिर सहकारी समतियाँ है या फिर दूध समिति है, तो वहाँ से इस एक्स्पो के बारे में पूरी जानकारी मिल जाती है।