Bundelkhand में डेयरी सेक्टर को बढ़ावा, बांदा में बनेगा 20 हजार लीटर क्षमता का नया डेयरी प्लांट
Gaon Connection | Mar 10, 2026, 17:43 IST
उत्तर प्रदेश सरकार बुंदेलखंड में डेयरी क्षेत्र को विकास के नए आयाम देने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। बांदा में डेयरी प्लांट बनाने वाली परियोजना को मंजूरी दे दी है। बांदा में स्थापित होने वाला शानदार डेयरी प्लांट न केवल दूध उत्पादन को बढ़ावा देगा, बल्कि झांसी के मौजूदा प्लांट की क्षमता को तीन गुना कर देगा।
बुंदेलखंड में डेयरी क्षमता बढ़ाने की परियोजनाओं को मिली मंजूरी
उत्तर प्रदेश सरकार ने बुंदेलखंड में डेयरी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में बांदा में एक नया डेयरी प्लांट स्थापित करने और झांसी के मौजूदा प्लांट की क्षमता को तीन गुना बढ़ाने की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। यह फैसला बुंदेलखंड पैकेज के तहत लिया गया है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में दूध प्रसंस्करण क्षमता को बढ़ाना, किसानों को बेहतर मूल्य दिलाना और रोजगार के अवसर पैदा करना है।
कैबिनेट के फैसले के अनुसार, बांदा जिले में 20 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता वाला एक नया डेयरी प्लांट बनेगा। यह प्लांट बुंदेलखंड पैकेज का हिस्सा है। इससे आसपास के जिलों के दूध उत्पादक किसानों को अपना दूध बेचने के लिए एक अच्छी और पास की सुविधा मिलेगी।
वहीं, झांसी में पहले से मौजूद 10 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले डेयरी प्लांट का विस्तार किया जाएगा। विस्तार के बाद इसकी क्षमता बढ़कर 30 हजार लीटर प्रतिदिन हो जाएगी। इससे क्षेत्र में दूध को प्रोसेस करने की क्षमता काफी बढ़ जाएगी और ज्यादा दूध को सुरक्षित तरीके से संभाला जा सकेगा।
इन परियोजनाओं के सिविल और मैकेनिकल काम 'टर्न-की' आधार पर होंगे। इसके लिए इंडियन डेयरी मशीनरी कंपनी लिमिटेड को काम सौंपा गया है। कैबिनेट ने इस कंपनी को नियमानुसार सेंटेज चार्ज देने की मंजूरी भी दे दी है, जिसका खर्च राज्य सरकार उठाएगी।
यह कदम किसानों के लिए बहुत फायदेमंद होगा। उत्तर प्रदेश देश में सबसे ज्यादा दूध उत्पादन करने वाला राज्य है और यहां दूध व दूध से बने उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। बुंदेलखंड में डेयरी प्रोसेसिंग बढ़ने से किसानों को अपने दूध का अच्छा और बाजार के हिसाब से दाम मिलने की उम्मीद है। साथ ही, दूध खराब होने की समस्या भी काफी हद तक कम हो जाएगी।
इन नई परियोजनाओं से बुंदेलखंड क्षेत्र में सीधे और परोक्ष रूप से रोजगार के नए मौके भी बनेंगे। डेयरी से जुड़े ट्रांसपोर्ट, प्रोसेसिंग और मार्केटिंग जैसे कामों में भी तेजी आएगी। सरकार का मानना है कि इस तरह की पहलें राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगी और उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को पाने में मदद करेंगी।