गर्मी में गहरी जुताई क्यों है किसानों के लिए फायदेमंद? अप्रैल-जून में करें यह जरूरी काम, पैदावार बढ़ाने का आसान तरीका
Gaon Connection | Apr 17, 2026, 11:44 IST
अप्रैल-जून की गर्मी में गहरी जुताई करने से मिट्टी के कीट, खरपतवार और रोग नष्ट होते हैं, साथ ही मिट्टी की उर्वरता व जल धारण क्षमता बढ़ती है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार 9-12 इंच तक जुताई करने से खरीफ फसलों की पैदावार में 25% तक बढ़ोतरी संभव है।
गर्मी में गहरी जुताई के फायदे
रबी फसलों की कटाई के बाद खेत खाली होते ही किसान अगली खरीफ फसल की तैयारी में जुट जाते हैं। ऐसे समय अप्रैल से जून के बीच की तेज गर्मी खेत सुधारने का सबसे अच्छा मौका देती है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार इस समय गहरी जुताई करने से मिट्टी स्वस्थ होती है, कीट और खरपतवार कम होते हैं और आने वाली फसल की पैदावार में अच्छी बढ़ोतरी देखी जाती है। उत्तर प्रदेश कृषि विभाग के अनुसार अगर किसान समय रहते यह काम कर लें तो बारिश शुरू होने से पहले खेत बेहतर स्थिति में आ जाते हैं।
गर्मी के मौसम में खेत की मिट्टी को 9 से 12 इंच तक पलटने वाले हल (एमबी प्लाऊ/मोल्ड बोर्ड प्लाऊ) या डिस्क हैरो से गहराई तक जोतने की प्रक्रिया को गहरी जुताई कहा जाता है।
इसमें नीचे की मिट्टी ऊपर आती है और ऊपर की मिट्टी नीचे चली जाती है। तेज धूप के संपर्क में आने से मिट्टी में छिपे कई हानिकारक तत्व खत्म हो जाते हैं।
अप्रैल, मई और जून में तापमान अधिक रहता है। कई इलाकों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला जाता है। ऐसे में गहरी जुताई के बाद मिट्टी धूप में खुली रहती है, जिससे:
मिट्टी के अंदर छिपे कीट, लार्वा, अंडे और प्यूपा ऊपर आ जाते हैं। तेज धूप पड़ने से ये नष्ट हो जाते हैं। इससे अगली फसल में कीटनाशक खर्च भी कम हो सकता है।
कई खरपतवारों के बीज और जड़ें गहराई में रहती हैं। जुताई से ये ऊपर आकर सूख जाती हैं। इससे खेत साफ रहता है और फसल को पोषण ज्यादा मिलता है।
पुरानी फसल के अवशेष मिट्टी में मिलकर सड़ते हैं और धीरे-धीरे जैविक खाद (ह्यूमस) बनाते हैं। इससे मिट्टी की गुणवत्ता सुधरती है।
गहरी जुताई से मिट्टी भुरभुरी होती है। मानसून की पहली बारिश का पानी जमीन में आसानी से समा जाता है। इससे नमी लंबे समय तक बनी रहती है।
ढीली मिट्टी में पौधों की जड़ें गहराई तक जाती हैं, जिससे पौधे मजबूत बनते हैं और सूखे की स्थिति में भी टिकाव बढ़ता है।
कई किसानों के अनुभव और कृषि विभाग के सुझावों के अनुसार अच्छी तैयारी होने पर पैदावार में 20 से 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी देखी जा सकती है।
सही उपकरण चुनें
इन यंत्रों का उपयोग किया जा सकता है:
सामान्यतः 9 से 12 इंच तक जुताई उपयुक्त मानी जाती है।
बहुत हल्की जुताई से पूरा लाभ नहीं मिलता।
गहरी जुताई विशेष रूप से इन किसानों के लिए फायदेमंद है:
क्या है गर्मी की गहरी जुताई?
इसमें नीचे की मिट्टी ऊपर आती है और ऊपर की मिट्टी नीचे चली जाती है। तेज धूप के संपर्क में आने से मिट्टी में छिपे कई हानिकारक तत्व खत्म हो जाते हैं।
अप्रैल से जून का समय ही क्यों सबसे बेहतर?
- कीटों के अंडे और प्यूपा नष्ट होते हैं
- फंगस और रोगजनक जीवाणु कम होते हैं
- खरपतवार के बीज सूख जाते हैं
- मिट्टी का प्राकृतिक सौरीकरण होता है
- यही वजह है कि यह काम मानसून से पहले करना सबसे ज्यादा लाभकारी माना जाता है।
गहरी जुताई के बड़े फायदे
1. कीट और रोगों से राहत
2. खरपतवार पर नियंत्रण
3. मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है
4. पानी रोकने की क्षमता बढ़ती है
5. जड़ों का विकास बेहतर
6. पैदावार में बढ़ोतरी
गहरी जुताई कैसे करें?
इन यंत्रों का उपयोग किया जा सकता है:
- एमबी प्लाऊ (Mould Board Plough)
- डिस्क हैरो
- रिवर्सेबल प्लाऊ
- ट्रैक्टर चालित गहरी जुताई यंत्र
कितनी गहराई रखें?
बहुत हल्की जुताई से पूरा लाभ नहीं मिलता।
जुताई के बाद क्या करें?
- खेत को 7 से 10 दिन धूप में खुला छोड़ दें
- यदि संभव हो तो दूसरी हल्की जुताई करें
- खेत समतल कर लें ताकि बारिश का पानी रुके नहीं
किन किसानों को जरूर करनी चाहिए?
- जिन खेतों में हर साल ज्यादा खरपतवार आता है
- कीट और रोग की समस्या रहती है
- मिट्टी कड़ी हो गई है
- पानी जल्दी बह जाता है
- लगातार कम पैदावार मिल रही है
किसानों के लिए जरूरी सावधानियां
- बहुत सूखी या पत्थरीली जमीन में मशीन सावधानी से चलाएं
- नमी बहुत ज्यादा हो तो जुताई न करें
- खेत में सिंचाई पाइप या केबल हो तो पहले हटाएं
- ट्रैक्टर की क्षमता के अनुसार यंत्र लगाएं