UP में डिजिटल खेती: क्रॉप सर्वे और फार्मर रजिस्ट्री से किसानों को मिलेगा सीधा लाभ
Gaon Connection | Mar 16, 2026, 19:09 IST
उत्तर प्रदेश राज्य में खेती को अधिक आधुनिक, प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए राज्य सरकार तेजी के साथ डिजिटल तकनीक के उपयोग को बढ़ावा दे रही है। योगी आदित्यनाथ की सरकार के प्रयासों से प्रदेश में डिजिटल क्रॉप सर्वे और किसान रजिस्ट्रेशन अभियान को तेज गति से आगे बढ़ाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य है कि अधिकतम संख्या में किसानों को सरकारी योजनाओं से जोड़ा जा सके, ताकि वे लाभान्वित हो सकें।
डिजिटल खेती की ओर बढ़ रहा उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश में कृषि व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और आधुनिक बनाने के लिए राज्य सरकार डिजिटल तकनीक का तेजी से उपयोग कर रही है। डिजिटल क्रॉप सर्वे के माध्यम से प्रदेश के लाखों खेतों और फसलों का डेटा तैयार किया जा रहा है, जिससे सरकार को फसलों की सटीक जानकारी मिल सके। वहीं फार्मर रजिस्ट्री अभियान के जरिए किसानों का डिजिटल डाटाबेस तैयार किया जा रहा है, ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से मिल सके। इन पहलों के माध्यम से फसल बीमा, अनुदान और आपदा राहत जैसी योजनाओं को सही किसानों तक पहुँचाने में मदद मिलेगी और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने में भी सहयोग मिलेगा।
प्रदेश में खरीफ और रबी दोनों फसल सीजन में बड़े पैमाने पर डिजिटल क्रॉप सर्वे किया जा रहा है। इसके तहत गाँव-गाँव जाकर खेतों और फसलों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है, ताकि सरकार के पास फसलों से जुड़ा सही और अपडेट डेटा उपलब्ध रहे। इससे योजनाओं का लाभ किसानों तक पारदर्शी तरीके से पहुँचाने में मदद मिलेगी।
राज्य में कुल 1,08,935 राजस्व गाँव हैं, जिनमें से 95,765 गांवों का जियो-रेफरेंसिंग काम पूरा हो चुका है। इसके आधार पर खरीफ और रबी दोनों सीजन में लाखों खेतों का डिजिटल सर्वे किया गया है। खरीफ सीजन में 5.37 करोड़ से ज्यादा प्लॉट का सर्वे अंतिम रूप से मंजूर किया गया, जबकि रबी सीजन में 5.56 करोड़ से ज्यादा प्लॉट का सर्वे पूरा हो चुका है।
किसानों को सरकारी योजनाओं से सीधे जोड़ने के लिए प्रदेश में फार्मर रजिस्ट्री अभियान भी मिशन मोड में चलाया जा रहा है। केंद्र सरकार के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के करीब 2.88 करोड़ लाभार्थी हैं। सत्यापन के बाद इनमें से 2.31 करोड़ से ज्यादा किसानों का डेटा उपलब्ध हो चुका है। अब तक 1.67 करोड़ से अधिक पीएम किसान लाभार्थी फार्मर रजिस्ट्री में जुड़ चुके हैं, जो कुल लक्ष्य का लगभग 72 प्रतिशत है। इसके अलावा करीब 28 लाख से ज्यादा ऐसे किसान भी रजिस्टर किए गए हैं, जो अभी पीएम किसान योजना के लाभार्थी नहीं हैं।
सरकार का कहना है कि डिजिटल क्रॉप सर्वे और फार्मर रजिस्ट्री से किसानों का सही डाटाबेस तैयार होगा। इससे फसल बीमा, अनुदान, आपदा राहत और दूसरी योजनाओं का लाभ सही किसानों तक पहुँचाना आसान होगा। डिजिटल तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल से कृषि व्यवस्था में पारदर्शिता भी बढ़ेगी और योजनाओं को लागू करने में तेजी आएगी। उम्मीद है कि आने वाले समय में इन पहलों से उत्तर प्रदेश के किसानों को और ज्यादा फायदा मिलेगा।
लाखों खेतों का हुआ डिजिटल सर्वे
राज्य में कुल 1,08,935 राजस्व गाँव हैं, जिनमें से 95,765 गांवों का जियो-रेफरेंसिंग काम पूरा हो चुका है। इसके आधार पर खरीफ और रबी दोनों सीजन में लाखों खेतों का डिजिटल सर्वे किया गया है। खरीफ सीजन में 5.37 करोड़ से ज्यादा प्लॉट का सर्वे अंतिम रूप से मंजूर किया गया, जबकि रबी सीजन में 5.56 करोड़ से ज्यादा प्लॉट का सर्वे पूरा हो चुका है।