Digital Notary: कागज लेकर दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, पोर्टल से होंगे सारे काम
Gaon Connection | Mar 13, 2026, 15:57 IST
नोटरी सेवाएँ अब डिजिटल युग में प्रवेश कर चुकी हैं। केंद्र सरकार ने एक नए नोटरी पोर्टल लॉन्च किया है, जो हर किसी को नोटरी बनने का सपना साकार करने में मदद करेगा। इस सुविधा से अब आप ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, प्रैक्टिस सर्टिफिकेट आसानी से प्राप्त कर सकते हैं और बिना किसी परेशानी के नवीनीकरण करवा सकते हैं।
अब नोटरी भी हुई डिजिटल
केंद्र सरकार ने नोटरी सेवाओं को डिजिटल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। नोटरी अधिनियम, 1952 और नोटरी नियमावली, 1956 के तहत होने वाले कामों को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए एक नया नोटरी पोर्टल लॉन्च किया गया है। इस पोर्टल के माध्यम से अब नोटरी बनने के लिए आवेदन करने से लेकर प्रैक्टिस सर्टिफिकेट जारी करने और उसके नवीनीकरण जैसी कई सुविधाएं ऑनलाइन उपलब्ध होंगी, जिससे पूरी प्रक्रिया कागजरहित, तेज और अधिक पारदर्शी हो जाएगी।
यह डिजिटल प्लेटफॉर्म नोटरी और सरकारी विभागों के बीच होने वाली प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करेगा। अब नोटरी बनने के इच्छुक लोग ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे, उनकी पात्रता की जाँच भी ऑनलाइन होगी। इसके अलावा, डिजिटल हस्ताक्षर वाला प्रैक्टिस सर्टिफिकेट जारी करना, सर्टिफिकेट का नवीनीकरण कराना, कार्यक्षेत्र में बदलाव करना और वार्षिक रिटर्न जमा करना भी इस पोर्टल के जरिए संभव होगा। फिलहाल, दस्तावेज सत्यापन और नए नोटरियों को डिजिटल साइन वाला प्रैक्टिस सर्टिफिकेट जारी करने की सुविधा शुरू कर दी गई है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 6 मार्च 2026 तक इस पोर्टल का उपयोग करके देश भर के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 36,269 नए नोटरियों को डिजिटल प्रैक्टिस सर्टिफिकेट जारी किए जा चुके हैं। पहले यह सर्टिफिकेट कागजों पर दिया जाता था, लेकिन अब यह डिजिटल हो गया है। यह जानकारी विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में दी।
सरल शब्दों में समझें तो नोटरी एक अधिकृत व्यक्ति होता है जो किसी भी दस्तावेज या हलफनामे को कानूनी रूप से प्रमाणित करता है। जब आप जमीन-जायदाद के कागज, शपथ पत्र, एग्रीमेंट या किसी दस्तावेज की कॉपी को असली साबित करवाना चाहते हैं, तो आपको नोटरी की जरूरत पड़ती है। नोटरी की मुहर और हस्ताक्षर लगने के बाद उस दस्तावेज को कानूनी मान्यता मिल जाती है और वह अदालतों या सरकारी दफ्तरों में स्वीकार किया जाता है।
सरकार का मानना है कि नोटरी सेवाओं के डिजिटल होने से यह पूरी प्रक्रिया पहले से कहीं ज्यादा तेज, आसान और पारदर्शी हो जाएगी। इससे नोटरियों को भी सरकारी कामों के लिए बार-बार दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, जिससे उनका समय और मेहनत दोनों बचेगी।
ऑनलाइन होंगे अब नोटरी संबंधित काम
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 6 मार्च 2026 तक इस पोर्टल का उपयोग करके देश भर के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 36,269 नए नोटरियों को डिजिटल प्रैक्टिस सर्टिफिकेट जारी किए जा चुके हैं। पहले यह सर्टिफिकेट कागजों पर दिया जाता था, लेकिन अब यह डिजिटल हो गया है। यह जानकारी विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में दी।
क्या होती है नोटरी?
सरकार का मानना है कि नोटरी सेवाओं के डिजिटल होने से यह पूरी प्रक्रिया पहले से कहीं ज्यादा तेज, आसान और पारदर्शी हो जाएगी। इससे नोटरियों को भी सरकारी कामों के लिए बार-बार दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, जिससे उनका समय और मेहनत दोनों बचेगी।