UP में डिजिटल क्रांति: 'प्रोजेक्ट गंगा' से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर, गाँव-गाँव पहुंचेगा हाई-स्पीड इंटरनेट
Gaon Connection | Mar 09, 2026, 18:17 IST
उत्तर प्रदेश ने डिजिटल युग में कदम रखा है। 'प्रोजेक्ट गंगा' के तहत आने वाले 2-3 वर्षों में 20 लाख से ज्यादा घरों में हाई-स्पीड इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इससे न केवल एक लाख नई नौकरियों का सृजन होगा, बल्कि गाँवों में डिजिटल सेवाओं का विस्तार होगा। जानिए क्या है पूरा प्रोजेक्ट किन लोगों को मिल सकता है नया रोजगार?
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार डिजिटल कनेक्टिविटी के साथ रोजगार सृजन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल कर रही है। उत्तर प्रदेश में डिजिटल क्रांति की ओर एक बड़ा कदम उठाया गया है।इसी क्रम में 'प्रोजेक्ट गंगा' के तहत, स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन और हिंदुजा ग्रुप की कंपनी वनओटीटी एंटरटेनमेंट लिमिटेड के बीच एक एमओयू (समझौता ज्ञापन) हुआ है। इसका मकसद अगले 2-3 सालों में 20 लाख से ज़्यादा घरों तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुँचाना है। इससे एक लाख से ज़्यादा नई नौकरियां भी पैदा होंगी। साथ ही, गाँव-गाँव में डिजिटल सेवाएं पहुंचेंगी, जिससे लोगों को ऑनलाइन व्यापार, पढ़ाई और इलाज में आसानी होगी।
यह एमओयू उत्तर प्रदेश सरकार की डिजिटल कनेक्टिविटी और रोजगार बढ़ाने की दिशा में एक अहम पहल है। 'प्रोजेक्ट गंगा' के तहत, 8,000 से 10,000 स्थानीय युवाओं को डिजिटल सेवा प्रदाता बनने का मौका मिलेगा। इनमें करीब 50% महिलाएं होंगी। इससे ग्रामीण इलाकों में डिजिटल सेवाओं का विस्तार होगा और स्थानीय स्तर पर रोज़गार के नए अवसर खुलेंगे।
वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा, "आज का यह एमओयू उत्तर प्रदेश में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के साथ बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।" उन्होंने आगे कहा, "प्रोजेक्ट गंगा (गवर्नमेंट असिस्टेड नेटवर्क फॉर ग्रोथ एंड एडवांसमेंट) के तहत लगभग 20 लाख घरों तक हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड पहुंचाने का लक्ष्य है, जिससे करीब एक करोड़ लोगों को लाभ मिलेगा।"
ग्रामीण इलाकों में हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचने से ऑनलाइन व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के नए रास्ते खुलेंगे। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि ब्रॉडबैंड की सुविधा हर गाँव तक पहुंचे और युवाओं को तकनीक से जुड़े रोज़गार मिलें। सरकार युवाओं को डिजिटल उद्यमिता के लिए आर्थिक मदद भी दे रही है। जनवरी 2024 से शुरू हुई योजना के तहत, युवाओं को ₹5 लाख तक का लोन बिना ब्याज और गारंटी के मिल रहा है, जिसका फायदा अब तक एक लाख से ज़्यादा लोग उठा चुके हैं।
स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के सीईओ मनोज कुमार सिंह ने बताया कि आज के समय में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का महत्व भौतिक एक्सप्रेसवे से भी ज़्यादा हो गया है। यह एमओयू डिजिटल खाई को पाटने में मदद करेगा। गांवों तक ब्रॉडबैंड पहुंचने से ग्रामीण युवाओं को यूट्यूब और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से कमाई करने के नए मौके मिलेंगे। टेलीमेडिसिन, ऑनलाइन शिक्षा, ई-कॉमर्स और डिजिटल स्किलिंग जैसे क्षेत्र भी तेज़ी से बढ़ेंगे।
हिंदुजा ग्लोबल सॉल्यूशन लि. के डायरेक्टर विंसले फर्नांडीज ने बताया कि इस पहल को 'प्रोजेक्ट गंगा' नाम इसलिए दिया गया है क्योंकि माँ गंगा की तरह यह भी करोड़ों लोगों के जीवन और रोज़गार का आधार बनेगी। इस परियोजना के दो मुख्य स्तंभ युवा और महिला सशक्तिकरण हैं। इसके तहत प्रदेश में लगभग एक लाख रोज़गार के अवसर पैदा करने का लक्ष्य है।
वनओटीटी एंटरटेनमेंट लिमिटेड के चीफ बिजनेस ऑफिसर सत्य प्रकाश सिंह ने कहा कि 'प्रोजेक्ट गंगा' का मकसद दूर-दराज के इलाकों तक डिजिटल कनेक्टिविटी पहुँचाना है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं का विस्तार होगा और रोज़गार के नए अवसर बनेंगे। हाई-स्पीड इंटरनेट से टेलीमेडिसिन, ऑनलाइन शिक्षा, डिजिटल स्किलिंग, ई-कॉमर्स और डिजिटल कंटेंट जैसे क्षेत्रों में नई संभावनाएं खुलेंगी।
प्रदेश के हजारों युवाओं को मिलगा नया रोजगार
20 लाख घरों तक हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड पहुंचाने का लक्ष्य
हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचने के फायदे
डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती जरूरत
क्या है 'प्रोजेक्ट गंगा' नाम का अर्थ?
वनओटीटी एंटरटेनमेंट लिमिटेड के चीफ बिजनेस ऑफिसर सत्य प्रकाश सिंह ने कहा कि 'प्रोजेक्ट गंगा' का मकसद दूर-दराज के इलाकों तक डिजिटल कनेक्टिविटी पहुँचाना है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं का विस्तार होगा और रोज़गार के नए अवसर बनेंगे। हाई-स्पीड इंटरनेट से टेलीमेडिसिन, ऑनलाइन शिक्षा, डिजिटल स्किलिंग, ई-कॉमर्स और डिजिटल कंटेंट जैसे क्षेत्रों में नई संभावनाएं खुलेंगी।