Mental Health: 767 जिलों में लागू होगा जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम, टेली-मानसिक स्वास्थ्य सेवा भी शुरू
Gaon Connection | Mar 27, 2026, 18:16 IST
सरकार ने मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत और बेहतर बनाने के लिए टेली-मानस मोबाइल ऐप और वीडियो काउंसलिंग सुविधा शुरू की है, जिससे लोग घर बैठे ही विशेषज्ञों से जुड़ सकते हैं। यह जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम (DMHP) देशभर के 767 जिलों में चलाया जाएगा।
बदलती जीवन शैली में युवा का मानसिक स्वास्थ्य
देश में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत और आम लोगों तक पहुँचाने के लिए सरकार प्रयासरत है। केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने लोकसभा में बताया कि जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम (DMHP) अब 767 जिलों में चलाया जाएगा। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत राज्यों को वित्तीय और तकनीकी सहायता देकर लागू किया जा रहा है, ताकि हर जिले में मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें।
डीएमएचपी के तहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) स्तर पर व्यापक मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इनमें ओपीडी (बाह्य रोगी) सेवाएं, मरीजों का मूल्यांकन, परामर्श और मनोसामाजिक सहयोग, गंभीर मानसिक विकारों से पीड़ित मरीजों के लिए निरंतर देखभाल और फॉलो-अप, नशा मुक्ति सेवाएं, घर-घर पहुँचकर दी जाने वाली सेवाएं (आउटरीच) तथा एम्बुलेंस सुविधा शामिल हैं। इसके अलावा, जिला स्तर पर जरूरतमंद मरीजों के भर्ती इलाज के लिए 10 बिस्तरों वाली विशेष सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
सरकार ने प्राथमिक स्वास्थ्य स्तर पर भी बड़ा बदलाव किया है। देशभर में 17 लाख से अधिक उप-स्वास्थ्य केंद्रों और पीएचसी को आयुष्मान आरोग्य मंदिर में बदला गया है, जहाँ अब मानसिक स्वास्थ्य परामर्श, शुरुआती इलाज और नशा मुक्ति सेवाएं भी दी जा रही हैं। इससे खासतौर पर ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों की कमी दूर करने के लिए सरकार ने 25 उत्कृष्टता केंद्र (Centers of Excellence) को मंजूरी दी है, जहाँ मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी उच्च शिक्षा और प्रशिक्षण को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अलावा 19 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 47 पोस्टग्रेजुएट विभागों को भी मजबूत किया जा रहा है, ताकि अधिक संख्या में प्रशिक्षित मानसिक स्वास्थ्य पेशेवर तैयार हो सकें।
देश में मानसिक स्वास्थ्य देखभाल को और सुलभ बनाने के लिए राष्ट्रीय टेली मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम की शुरुआत 10 अक्टूबर 2022 को की गई थी। इस 24x7 सेवा के तहत लोग टोल-फ्री नंबर 14416 पर कॉल कर विशेषज्ञों से सलाह ले सकते हैं। यह सेवा अब 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 53 टेली-मानस केंद्रों के जरिए 20 भाषाओं में उपलब्ध है। 3 मार्च 2026 तक इस हेल्पलाइन पर 34.34 लाख से ज्यादा कॉल्स प्राप्त हो चुकी हैं, जो इसकी बढ़ती उपयोगिता को दर्शाती हैं।
सरकार ने इस सेवा को और बेहतर बनाने के लिए टेली-मानस मोबाइल ऐप और वीडियो काउंसलिंग सुविधा भी शुरू की है, जिससे लोग घर बैठे ही विशेषज्ञों से जुड़ सकते हैं। इसके अलावा, देश में 47 सरकारी मानसिक अस्पताल और तीन प्रमुख संस्थान-राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं तंत्रिका विज्ञान संस्थान, लोकप्रिया गोपीनाथ बोरदोलोई क्षेत्रीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थान और केंद्रीय मनोचिकित्सा संस्थान, उच्च स्तरीय उपचार सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। सभी अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में भी मानसिक स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध हैं।
क्या है जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम?
ग्रामीण स्तर पर होगा लाभ
विशेषज्ञों की कमी दूर करने के लिए सरकार ने 25 उत्कृष्टता केंद्र (Centers of Excellence) को मंजूरी दी है, जहाँ मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी उच्च शिक्षा और प्रशिक्षण को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अलावा 19 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 47 पोस्टग्रेजुएट विभागों को भी मजबूत किया जा रहा है, ताकि अधिक संख्या में प्रशिक्षित मानसिक स्वास्थ्य पेशेवर तैयार हो सकें।