E-Uparjan Portal: एमपी में सरकारी खरीद तक किसानों की सीधी पहुँच, जानिए किन फसलों का हो रहा है रजिस्ट्रेशन?

Preeti Nahar | Feb 09, 2026, 15:26 IST
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ई-उपार्जन पोर्टल मध्य प्रदेश सरकार की एक डिजिटल पहल है, जिसके ज़रिए किसान अपनी फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर सीधे सरकार को बेच सकते हैं। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, स्लॉट बुकिंग और सीधे बैंक खाते में भुगतान से यह व्यवस्था पारदर्शी और आसान बनी है। रबी 2025-26 (गेहूं, चना, सरसों आदि) के लिए पंजीकरण प्रक्रिया जारी है। किसान e-Uparjan Portal पर पंजीकरण कर सकते हैं। ई-उपार्जन पोर्टल ने सरकारी खरीद को तकनीक से जोड़ा है, लेकिन इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि गांव के छोटे और सीमांत किसानों को इसकी पूरी जानकारी, तकनीकी मदद और स्थानीय स्तर पर सहयोग मिल पा रहा है या नहीं। जानिए क्या है ये पोर्टल और किसानों के लिए कैसे लाभकारी।
किसानों के लिए क्यों जरूरी है ई-उपार्जन<br><br>
एक किसान की फसल जब तैयार हो जाती है, तो किसान के सामने सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि अब इसे कहाँ बेचना है और सही दाम कहाँ से मिलेगा? किसान अपनी फसल मंडी में बेचता है तो बिचौलिये, तौल में कटौती और समय पर भुगतान न मिलने की समस्या, किसान की समय पर फसल तैयार करने की मेहनत को ख़राब कर देता है। ऐसे में किसानों के लिए पोर्टल बनाया गया है जिसके जरिए किसान अपनी फसलों को सरकारी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेच सकता है। ये पोर्टल है "ई-उपार्जन", जो सरकार और किसानों के बीच एक डिजिटल सेतु की तरह काम करता है। जहाँ किसान घर बैठे फसल का पंजीकरण, खरीद की तारीख तय कर सकता है। साथ ही फसल बेचने के बाद पैसा सीधे अपने बैंक खाते में पा सकता है। इसलिए ई-उपार्जन को समझना और कैसे इस्तेमाल करना है ये जानना हर किसान के लिए जरूरी हो जाता है।

ई-उपार्जन पोर्टल क्या है?

ई-उपार्जन पोर्टल एक डिजिटल प्रोसेस है जिसका इस्तेमाल किसानों से सरकारी खरीद के लिए किया जाता है। ई-उपार्जन पोर्टल ये सुनिश्चित करता है कि किसान अपनी उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर बिना किसी बिचौलियों के समय पर बेंच सकें ताकि अनाज खरीदी की डिजिटल निगरानी की जा सके। हालांकि कई अन्य राज्यों जैसे बिहार, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में भी सरकारी खरीद के लिए अलग-अलग नाम से डिजिटल पोर्टल चल रहे हैं, लेकिन e-Uparjan नाम से यह योजना मध्यप्रदेश की पहल है। अन्य राज्यों फसलों की खरीद के लिए डिजिटल पोर्टल उपलब्ध हैं, लेकिन वे आमतौर पर अलग-अलग नामों से जाने जाते हैं (जैसे बिहार में "DBT Agriculture")।

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किसानों के लिए क्यों जरूरी है ई-उपार्जन ?

अगर आपको भी अपनी फसलों की खरीद के लिए सरकारी खरीद के लिए दफ्तरों के चक्कर लगान पड़ते हैं तो ई-उपार्जन पोर्टल का इस्तेमाल कर सकते हैं। क्योंकि इस पर पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होती है, खरीदी में पारदर्शिता रहती है, भगतान में देरी की समस्या दूर होती है। ई-उपार्जन पोर्टल से माध्यम से किसान कई तरह की फसलों की खरीदी कर सकता हैजैसे-गेहूं,धान, ज्वार, बाजरा, चना, मसूर, सरसों आदी।

कौन ले सकता है इसका लाभ ?

मध्य प्रदेश का कोई भी किसान, जो अपनी फसल MSP पर बेचना चाहता है, ई-उपार्जन योजना का लाभ ले सकता है। इसके लिए किसान को चाहिए होगा-

  1. आधार कार्ड
  2. - बैंक खाता (आधार से लिंक)
  3. - जमीन से जुड़े दस्तावेज

ई-उपार्जन पोर्टल का कैसे करें इस्तेमाल ?

  • ऑनलाइन - किसान घर बैठे मोबाइल या कंप्यूटर से MP e-Uparjan पोर्टल पर जाकर अपना फसल का पंजीकरण कर सकता है।
  • स्लॉट बुकिंग- पंजीकरण के बाद किसान खरीदी केंद्र और तारीख के लिए स्लॉट बुक करता है, जिससे भीड़ और इंतजार से बचा जा सके।
  • उपार्जन सेंटर पर खरीदी- तय तारीख पर किसान अपनी उपज खरीदी केंद्र पर लाता है, जहाँ वजन और गुणवत्ता की जांच होती है।
  • परिवहन- खरीदी के बाद अनाज का परिवहन तय व्यवस्था के तहत किया जाता है।
  • गोदाम में संग्रहण- परिवहन के बाद अनाज को सरकारी गोदामों में सुरक्षित रखा जाता है।
  • सीधे बैंक खाते में भुगतान- पूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद किसान को भुगतान की राशि सीधे आधार लिंक्ड बैंक खाते में भेज दी जाती है।
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ई-उपार्जन पोर्टल से किसानों को क्या फायदा?

पोर्टल से किसानों को MSP का सीधा लाभ मिलता है। साथ ही समय की बचत होती है ताकि किसान अपनी अगली फसल के लिए तैयारी कर सके। इसके साथ ही फसल की खरीद का ऑनलाइन रिकॉर्ड और पारदर्शिता बनी रहती है। छोटे या बड़े कोई किसान इसका लाभ ले सकते हैं। खरीद के बाद किसान को पर्ची दी जाती है, जिसमें फसल की मात्रा, खरीदी का सेंटर और भुगतान से जुड़ी जानकारी, सब एक ही जगह मिल जाती है।
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