Eid की मिठास: देश के अलग-अलग राज्यों में बनने वाली सेवइयों के खास अंदाज़
Gaon Connection | Mar 21, 2026, 14:53 IST
ईद की सेवइयांँ सिर्फ एक मिठाई नहीं, बल्कि भारत की विविधता और परंपराओं का स्वाद हैं। हर राज्य में इसका अलग रूप और अलग स्वाद देखने को मिलता है, जो इस त्योहार को और खास बना देता है। चलिए जानते हैं कि देश में कहां पर बनती है कौन सी सेवई और साथ में जानते हैं उन्हें बनाने की विधि ...
हर राज्य में अलग अंदाज की सेवइयां
Sewai kaise banayein: पूरा रमज़ान रोज़ा, इबादत और सब्र के नाम रहता है। सेहरी और इफ्तार के बीच गुज़रता ये महीना जब ईद-उल-फित्र पर ख़त्म होता है, तो खुशियों का त्योहार दस्तक देता है। ईद की नमाज़ के बाद जब लोग गले मिलते हैं तो घरों में सबसे पहले जो खुशबू आती है, वह होती है मीठी सेवइयों की। भारत में सेवइयाँ सिर्फ एक डिश नहीं, बल्कि रमज़ान और ईद की रिवायत का अहम हिस्सा हैं। शायद ही कोई ऐसा हो जिसे ईद की सेवइयाँ पसंद न हों। इस दिन घर-घर में खुशियों की मिठास घुल जाती है और इस मिठास का सबसे खास हिस्सा होती हैं सेवइयाँ। लेकिन दिलचस्प बात यह है कि भारत के अलग-अलग हिस्सों में सेवइयाँ बनाने का तरीका भी अलग है और हर स्वाद की अपनी एक कहानी है।
आइए जानते हैं देश के अलग-अलग राज्यों में बनने वाली सेवइयों के खास अंदाज़ के बारे में।
ईद के मौके पर सेवइयों की कई किस्में बनाई जाती हैं, जिनमें शीर खुरमा, किमामी सेवई, शरबती सेवई और जर्दा सेवई खास हैं। हर क्षेत्र अपनी परंपरा और स्वाद के अनुसार इन्हें तैयार करता है, जिससे यह मिठाई सिर्फ एक डिश नहीं बल्कि सांस्कृतिक पहचान बन जाती है।
महाराष्ट्र में ईद के मौके पर सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है शीर खुरमा। यह दूध, सेवई और ढेर सारे सूखे मेवों से तैयार होता है। ‘शीर’ का मतलब दूध और ‘खुरमा’ का मतलब सूखे मेवे होता है। इसमें काजू, बादाम, किशमिश, छुहारे और नारियल डालकर इसे बेहद रिच और स्वादिष्ट बनाया जाता है। यह डिश खासतौर पर उन घरों में बनती है जहां पारंपरिक स्वाद को आज भी संजोकर रखा गया है।
शीर खुरमा बनाने की आसान विधि- शीर खुरमा बनाने के लिए सबसे पहले घी में सेवई को हल्का भून लिया जाता है। फिर अलग से सूखे मेवों को भूनकर रख लिया जाता है। इसके बाद दूध को उबालकर उसमें मेवे और सेवई डाली जाती है। कुछ मिनट पकाने के बाद इसमें कंडेंस्ड मिल्क और इलायची डालकर इसे गाढ़ा किया जाता है। तैयार शीर खुरमा खुशबू और स्वाद से भरपूर होता है।
उत्तर प्रदेश में किमामी सेवई का अलग ही जलवा है। यह सेवई एक तार की चाशनी में बनाई जाती है, जिससे इसका स्वाद गाढ़ा और बेहद लजीज हो जाता है। इसमें नारियल, मावा, मेवे और मखाने डाले जाते हैं, जो इसे एक शाही मिठाई बना देते हैं। पारंपरिक तौर पर इसे खास बर्तनों में परोसा जाता है, जिससे इसकी खुशबू और स्वाद दोनों और बढ़ जाते हैं।
किमामी सेवई बनाने का तरीका- किमामी सेवई में सबसे पहले चाशनी तैयार की जाती है, जो एक तार की होनी चाहिए। फिर घी में सेवई और मेवे भूनकर इस चाशनी में मिलाए जाते हैं। नारियल, मावा और मखाने डालकर इसे धीमी आंच पर पकाया जाता है। अंत में इलायची और रंग डालकर इसे सजाया जाता है।
उत्तर प्रदेश और बिहार में पहले शरबती सेवई का काफी चलन था। इसमें सेवई की तुलना में चीनी की मात्रा ज्यादा होती है, जिससे यह काफी मीठी और रसीली बनती है। हालांकि समय के साथ इसका चलन कम होता जा रहा है और अब ज्यादातर घरों में किमामी सेवई ही बनाई जाती है।
पश्चिम बंगाल के कुछ इलाकों में सूखी या जर्दा सेवई बनाई जाती है। इसमें सेवई को घी और चाशनी के साथ पकाया जाता है और ऊपर से मेवे डाले जाते हैं। इसे कई बार दूध के साथ परोसा जाता है, जिससे इसका स्वाद और बढ़ जाता है।
जर्दा सेवई बनाने की विधि- जर्दा सेवई बनाने के लिए सेवई को घी में भूनकर उसमें चाशनी मिलाई जाती है। इसके बाद मेवे, खोया और थोड़ा रंग डालकर कुछ मिनट पकाया जाता है। अंत में इलायची डालकर इसे सुगंधित बनाया जाता है।
ईद पर भले ही सेवइयों का खास महत्व हो, लेकिन इसके साथ अन्य मिठाइयां भी बनाई जाती हैं। शाही टुकड़ा, गुलाब जामुन और खीर जैसे पकवान भी इस त्योहार की मिठास को और बढ़ा देते हैं।
आइए जानते हैं देश के अलग-अलग राज्यों में बनने वाली सेवइयों के खास अंदाज़ के बारे में।
हर राज्य में अलग अंदाज की सेवइयाँ
महाराष्ट्र का शीर खुरमा: दूध और मेवों की मिठास
SHEER KHURMA: दूध से बनती है शीर खुरमा
शीर खुरमा बनाने की आसान विधि- शीर खुरमा बनाने के लिए सबसे पहले घी में सेवई को हल्का भून लिया जाता है। फिर अलग से सूखे मेवों को भूनकर रख लिया जाता है। इसके बाद दूध को उबालकर उसमें मेवे और सेवई डाली जाती है। कुछ मिनट पकाने के बाद इसमें कंडेंस्ड मिल्क और इलायची डालकर इसे गाढ़ा किया जाता है। तैयार शीर खुरमा खुशबू और स्वाद से भरपूर होता है।
उत्तर प्रदेश की किमामी सेवई: शाही स्वाद का एहसास
KIMAMI: एक तार की चाशनी से बनती किमामी सेवई
किमामी सेवई बनाने का तरीका- किमामी सेवई में सबसे पहले चाशनी तैयार की जाती है, जो एक तार की होनी चाहिए। फिर घी में सेवई और मेवे भूनकर इस चाशनी में मिलाए जाते हैं। नारियल, मावा और मखाने डालकर इसे धीमी आंच पर पकाया जाता है। अंत में इलायची और रंग डालकर इसे सजाया जाता है।
शरबती सेवई: बदलते समय में खोती परंपरा
SHARBATI: काफी मीठी और रसीली बनती है शरबती सेवई
बंगाल की जर्दा (सूखी) सेवई
ZARDA: घी और चाशनी के साथ पकती है जर्दा (सूखी) सेवई
जर्दा सेवई बनाने की विधि- जर्दा सेवई बनाने के लिए सेवई को घी में भूनकर उसमें चाशनी मिलाई जाती है। इसके बाद मेवे, खोया और थोड़ा रंग डालकर कुछ मिनट पकाया जाता है। अंत में इलायची डालकर इसे सुगंधित बनाया जाता है।