Weather Today: फरवरी मौसम अपडेट, दिल्ली में साफ, दक्षिण में बारिश की संभावना, किसानों के लिए अलर्ट
Preeti Nahar | Feb 19, 2026, 09:34 IST
फरवरी का माह अपने अनोखे रंग में आ चुका है। 19 फरवरी को दिल्ली और उत्तरी भारत में मौसम एकदम साफ रहेगा, जबकि दक्षिणी और द्वीपीय क्षेत्रों में बौछारें और गरजती बूँदें मिलने की संभावना है। पहाड़ी राज्यों में मौसम सुखद रहेगा, लेकिन उत्तराखंड के ऊंचे क्षेत्रों में हल्की-बर्फबारी का मंजर देखने को मिल सकता है।
कई राज्यों में बदल रहा है मौमस, किसानों के लिए अलर्ट, फसलों का रखें ख्याल
फरवरी के महीने में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है, जिससे किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। मौसम विभाग के अनुसार, 19 फरवरी को देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का हाल बदला हुआ रहेगा। दिल्ली और उत्तर भारत में जहाँ मौसम साफ और सुखद रहने की उम्मीद है, वहीं दक्षिण और द्वीपीय इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है। इस बीच, किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
दिल्ली और उत्तर प्रदेश में 19 फरवरी को आसमान साफ रहेगा। दिल्ली में सुबह हल्की धुंध के बाद दिन में विजिबिलिटी बेहतर होगी और बारिश की कोई संभावना नहीं है। उत्तर प्रदेश में भी मौसम मुख्य रूप से साफ और धूप वाला रहेगा, हालांकि लखनऊ, नोएडा और प्रयागराज जैसे शहरों में सुबह हल्की धुंध छा सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। लखनऊ में तापमान में हल्की गिरावट आई है। 18 फरवरी की रात तेज हवाएँ भी देखी गईं।
पहाड़ी राज्यों की बात करें तो जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में मौसम शुष्क रहेगा। वहीं, उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बारिश या बर्फबारी की संभावना है। पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। दक्षिण भारत में भी मौसम सक्रिय रहेगा। तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल और माहे में 20 से 22 फरवरी के बीच गरज-चमक और बारिश की संभावना है। कुछ जगहों पर हल्की आंधी और बिजली गिरने की भी आशंका है।
उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में अगले 24 घंटों में तापमान 2-4 डिग्री गिर सकता है, जिसके बाद इसमें बढ़ोतरी होगी। मध्य भारत में अगले पांच दिनों तक तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा। गुजरात, महाराष्ट्र और गोवा में अगले दो दिनों तक तापमान स्थिर रहेगा, फिर धीरे-धीरे 2-3 डिग्री बढ़ सकता है।
राजस्थान में एक नए पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम बदल गया है। पिछले 24 घंटों में जयपुर सहित कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। सबसे ज्यादा 27 मिमी बारिश नरैना (जयपुर) में हुई। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ का सबसे ज्यादा असर बीकानेर, अजमेर, जयपुर, भरतपुर, कोटा संभाग और शेखावाटी क्षेत्र में दिखेगा। वहीं 19 फरवरी को हरियाणा, पंजाब और पूर्वी राजस्थान के कुछ इलाकों में हल्की बारिश की संभावना है।
हरियाणा, पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी मध्य-प्रदेश में फलों के बगीचों और सब्जियों के पौधों को नुकसान से बचाने के लिए हेलनेट या हेलकैप का प्रयोग करें।
जम्मू और कश्मीर के इंटरमीडिएट ज़ोन में गेहूँ और सरसों की फसलों में हल्की सिंचाई करें। सेब के बगीचों में उचित नमी बनाए रखें।
हिमाचल प्रदेश में गेहूं और जल्दी बोए गए सब्जियों में हल्की सिंचाई करें। शिमला मिर्च और टमाटर के लिए पॉलीहाउस में हवा आने-जाने की समुचित व्यवस्था बनाए रखें।
पंजाब में, सरसों, गोभी और आलू में सिंचाई करके मिट्टी में आवश्यक नमी बनाए रखें।
हरियाणा में, सरसों और चने में फूल आने और फली बनने के समय हल्की सिंचाई करें।
उत्तराखंड में गेहूं, मसूर, चना और सरसों में मौमस देखकर सिंचाई करें।
तापमान के रुझान की बात करें तो अगले 48 घंटों में उत्तर-पश्चिम भारत में न्यूनतम तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है, जिसके बाद पाँच दिनों तक इसमें खास बदलाव की उम्मीद नहीं है। पूर्वी भारत में अगले दो दिनों तक न्यूनतम तापमान स्थिर रहेगा और उसके बाद 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है। महाराष्ट्र और गुजरात में भी न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे 2-3 डिग्री की वृद्धि का अनुमान है। देश के बाकी हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य के आसपास रहने की संभावना है।
दिल्ली और उत्तर प्रदेश में मौसम
कहाँ होगी बर्फबारी?
अंडमान और निकोबार में बारिश का अलर्ट
कहाँ होगा तापमान में बदलाव?
राजस्थान में बदला रहा मौसम
किसानों के लिए खास सलाह
जम्मू और कश्मीर के इंटरमीडिएट ज़ोन में गेहूँ और सरसों की फसलों में हल्की सिंचाई करें। सेब के बगीचों में उचित नमी बनाए रखें।
हिमाचल प्रदेश में गेहूं और जल्दी बोए गए सब्जियों में हल्की सिंचाई करें। शिमला मिर्च और टमाटर के लिए पॉलीहाउस में हवा आने-जाने की समुचित व्यवस्था बनाए रखें।
पंजाब में, सरसों, गोभी और आलू में सिंचाई करके मिट्टी में आवश्यक नमी बनाए रखें।
हरियाणा में, सरसों और चने में फूल आने और फली बनने के समय हल्की सिंचाई करें।
उत्तराखंड में गेहूं, मसूर, चना और सरसों में मौमस देखकर सिंचाई करें।