गौ-सेवा का महापर्व: गोधन समागम-2026 का भव्य आयोजन, 112 पशुपालकों को सम्मान

Gaon Connection | Feb 23, 2026, 11:28 IST
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उत्तर प्रदेश के पशुपालन एवं दुग्ध विकास विभाग द्वारा आज लखनऊ के इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान में 'गोधन समागम-2026' का आयोजन किया गया। समारोह में गोकुल और नन्द बाबा पुरस्कारों के जरिए बेहतरीन पशुपालकों और अधिकारियों को सम्मानित किया जाएगा। गौ-आधारित ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में व्यापक विचार-मंथन होगा।
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लखनऊ के गोमती नगर स्थित इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान में आज 23 फरवरी, 2026 को पशुपालन विभाग और दुग्ध विकास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में 'गोधन समागम-2026' का भव्य आयोजन हो रहा है। कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह ने सुबह 10:30 बजे इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस समागम का मूल उद्देश्य प्रदेश में गौ-वंश के संरक्षण और दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित करना है।

समारोह में वर्ष 2024-25 के लिए कुल 63 'गोकुल पुरस्कार' और 49 'नन्द बाबा पुरस्कार' प्रदान किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, प्रदेश की पांच सर्वश्रेष्ठ निराश्रित गौ-आश्रय स्थलों और गौशालाओं को विशेष सम्मान पत्र एवं पुरस्कार राशि से नवाजा जाएगा। ये पुरस्कार उन किसानों और गौ-पालकों की मेहनत का प्रतिफल हैं जो स्वदेशी नस्ल की गायों के संरक्षण में निरंतर लगे हुए हैं।

अधिकारी भी होंगे पुरस्कृत

पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. मेघपाल सिंह ने बताया कि इस बार गौ-पालकों के साथ-साथ उन जिलों के अधिकारियों को भी सम्मानित किया जाएगा जिन्होंने गौ-सेवा में उल्लेखनीय योगदान दिया है। चयनित जनपदों के जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को उनके समर्पण और नवाचारों के लिए पुरस्कृत किया जाएगा। इन जिलों का चयन कड़े मानकों और जमीनी परीक्षण के आधार पर हुआ है। इन जिलों के प्रशासन ने न केवल गौ-आश्रय स्थलों का बेहतर संचालन किया, बल्कि सरकारी बजट का शत-प्रतिशत और समयबद्ध उपयोग भी सुनिश्चित किया।

दो सत्रों में बंटा होगा आयोजन

दुग्ध आयुक्त धनलक्ष्मी के.जी. के अनुसार, कार्यक्रम के पहले सत्र में एक विशाल 'गोधन प्रदर्शनी' लगाई जाएगी जिसमें आधुनिक पशुपालन तकनीकों को प्रदर्शित किया जाएगा। दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की नवीनतम तकनीकों पर प्रस्तुतिकरण दिया जाएगा ताकि अन्य जिले भी इन सफल मॉडलों से प्रेरणा लेकर अपने यहां सुधार कर सकें। दूसरे सत्र में एक विशेष संगोष्ठी आयोजित की जाएगी जिसमें पशु आहार, हरे चारे की उपलब्धता और पशु पोषण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञ मार्गदर्शन देंगे। साथ ही यह भी बताया जाएगा कि किस तरह गौशालाओं को आत्मनिर्भर और उत्पादक इकाइयों के रूप में विकसित किया जा सकता है। वक्ता इस बात पर जोर देंगे कि गौ-पालन केवल दूध उत्पादन तक सीमित नहीं है गोबर, गोमूत्र और अन्य उत्पादों के जरिए किसान अपनी आमदनी कई गुना बढ़ा सकते हैं।

स्वदेशी नस्ल और ग्रामीण स्वावलंबन पर सरकार का जोर

योगी सरकार स्वदेशी नस्ल के पशुओं के पालन को विशेष प्रोत्साहन दे रही है। सरकार की मंशा है कि किसान पारंपरिक खेती के साथ-साथ पशुपालन, बकरी पालन, मुर्गी पालन और मछली पालन जैसे सहायक व्यवसायों को भी अपनाएं। इसके लिए कम ब्याज दर पर ऋण, सब्सिडी और उन्नत प्रशिक्षण की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। विभाग अब सीधे किसानों के दरवाजे तक पहुंचकर उन्हें इन योजनाओं से जोड़ रहा है ताकि हर पात्र लाभार्थी को बिना किसी बाधा के इनका फायदा मिल सके। गोधन समागम-2026 का यह आयोजन प्रदेश के जिलों के बीच सकारात्मक प्रतिस्पर्धा को जन्म देगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नई ऊर्जा प्रदान करेगा।
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