महीनों की परेशानी खत्म: ग्राम रोजगार सहायकों को समय पर मिलेगा पैसा
Gaon Connection | Apr 15, 2026, 16:43 IST
ग्राम रोजगार सहायकों के लिए मध्य प्रदेश से एक सकारात्मक सूचना आई है। उनके मानदेय भुगतान हेतु एक विशेष बजट हेड खोला गया है और इससे मार्च 2026 से मई 2026 के लिए वित्तीय सहायता तय की गई है।
कर्मचारियों को मिलेगा बड़ा लाभ
मध्य प्रदेश में ग्राम रोजगार सहायकों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। पंचायत राज संचालनालय मध्यप्रदेश द्वारा जारी आदेश के अनुसार, प्रदेश के ग्राम रोजगार सहायकों के मानदेय भुगतान को सुनिश्चित करने के लिए अलग से बजट हेड खोला गया है। इसके तहत मार्च 2026 से मई 2026 तक के लिए आवश्यक राशि का आवंटन भी जारी कर दिया गया है, जिससे अब उनके वेतन का भुगतान समय पर किया जा सकेगा।
इस नई व्यवस्था के तहत मानदेय भुगतान के लिए अलग हेड बनाए जाने से फंड की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। पहले कई बार बजट की कमी या प्रक्रिया में देरी के कारण भुगतान में बाधा आती थी, लेकिन अब इस कदम से ऐसी समस्याओं को कम करने की कोशिश की गई है। सरकार का उद्देश्य है कि ग्राम रोजगार सहायकों को हर महीने नियमित और समय पर मानदेय मिल सके।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत मार्च, अप्रैल और मई 2026 के लिए बजट आवंटन जारी किया गया है। इस राशि का उपयोग केवल ग्राम रोजगार सहायकों के मानदेय भुगतान के लिए ही किया जाएगा। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सुनिश्चित करें कि इस फंड का उपयोग तय उद्देश्य के लिए ही हो।
संचालनालय ने यह भी निर्देश दिया है कि आवंटित राशि का उपयोग निर्धारित नियमों और शर्तों के अनुसार ही किया जाए। यदि किसी स्तर पर लापरवाही या गड़बड़ी पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही, समय-समय पर उपयोगिता प्रमाण पत्र (Utilization Certificate) भी भेजना अनिवार्य होगा।
इस फैसले से प्रदेश के हजारों ग्राम रोजगार सहायकों को सीधा लाभ मिलेगा, जो लंबे समय से समय पर मानदेय मिलने की समस्या से जूझ रहे थे। नियमित भुगतान से न केवल उनकी आर्थिक स्थिति सुधरेगी, बल्कि ग्रामीण स्तर पर योजनाओं के संचालन में भी मजबूती आएगी।
पिछले कुछ महीनों से पंचायत विभाग के कर्मचारियों खासतौर पर ग्राम रोजगार सहायकों और सचिवों को समय पर वेतन नहीं मिल पा रहा था। कई जगहों पर 3–4 महीने तक भुगतान अटका रहा, जबकि कुछ कर्मचारियों को इससे भी ज्यादा समय से मानदेय नहीं मिला। इस वजह से उनके परिवारों पर आर्थिक दबाव बढ़ गया और कामकाज भी प्रभावित होने लगा। लगातार बढ़ती शिकायतों और दबाव के बाद ही सरकार ने अलग बजट हेड बनाकर भुगतान सुनिश्चित करने का यह कदम उठाया है।
कुल मिलाकर, ग्राम रोजगार सहायकों के लिए अलग बजट हेड बनाना एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे मानदेय भुगतान की प्रक्रिया पारदर्शी और नियमित होगी, जिससे कर्मचारियों को राहत मिलेगी और ग्रामीण विकास कार्यों में भी तेजी आएगी।
अलग बजट हेड से होगा भुगतान
मार्च से मई 2026 तक का आवंटन जारी
मानदेय अब नियमित रूप से प्राप्त हो सकेगा
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत मार्च, अप्रैल और मई 2026 के लिए बजट आवंटन जारी किया गया है। इस राशि का उपयोग केवल ग्राम रोजगार सहायकों के मानदेय भुगतान के लिए ही किया जाएगा। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सुनिश्चित करें कि इस फंड का उपयोग तय उद्देश्य के लिए ही हो।
नियमों का पालन जरूरी
कर्मचारियों को मिलेगा बड़ा लाभ
क्यों लेना पड़ा ये फैसला
केंद्रीय मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने दी जानकारी
कुल मिलाकर, ग्राम रोजगार सहायकों के लिए अलग बजट हेड बनाना एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे मानदेय भुगतान की प्रक्रिया पारदर्शी और नियमित होगी, जिससे कर्मचारियों को राहत मिलेगी और ग्रामीण विकास कार्यों में भी तेजी आएगी।