भारत के साथ पूरी दुनिया में तेजी से बढ़ेगा इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर का ट्रेंड, जानें क्या है बड़ी वजह
Gaon Connection | Jan 10, 2026, 19:45 IST
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कृषि क्षेत्र में बिजली से चलने वाले ट्रैक्टरों का उपयोग अब तेजी से बढ़ रहा है। ये ट्रैक्टर न केवल पर्यावरण के अनुकूल हैं, बल्कि किसान भाईयों के लिए खर्च में भी कमी लाते हैं। 2023 में इस बाजार का मूल्य 1.5 बिलियन डॉलर था और 2030 तक इसके 4.5 से 10 बिलियन डॉलर तक पहुँचने की संभावना है।
<p>बिजली से चलने वाले ट्रैक्टरों का चलन तेज़ी से बढ़ रहा<br></p>
भारत एक कृषि प्रधान देश है और यहाँ के किसानों को अक्सर महंगे डीजल की मार झेलनी पड़ती है। इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर इस समस्या का समाधान दे सकते हैं। ये न केवल किसानों की आय बढ़ाएंगे बल्कि खेती को भी आधुनिक बनाएंगे। खेती में बिजली से चलने वाले ट्रैक्टरों का चलन तेज़ी से बढ़ रहा है। बिजली से चलने वाले ट्रैक्टर पर्यावरण के लिए अच्छे हैं और किसानों का ख़र्च भी कम करते हैं। Electric Tractor के बाज़ार का मूल्य 2023 में 1.5 बिलियन डॉलर था और 2030 तक यह 4.5 बिलियन डॉलर तक पहुँचने की उम्मीद है। यह वृद्धि किसानों के बीच इन ट्रैक्टरों की बढ़ती मांग और नई तकनीकों के विकास के कारण हो रही है।
बिजली से चलने वाले ट्रैक्टरों का इस्तेमाल खेती के कई कामों में होता है। इनसे जुताई, बुवाई और कटाई जैसे काम आसानी से किए जा सकते हैं। ये ट्रैक्टर शोर भी कम करते हैं और इनसे धुआं नहीं निकलता, जिससे हवा साफ रहती है। डाइमेंशन मार्केट रिसर्च की रिपोर्ट बताती है कि इलेक्ट्रिक ट्रैक्टरों का बाज़ार दुनिया भर में तेज़ी से बढ़ रहा है। 2023 में इसकी कीमत 1.5 बिलियन डॉलर थी। यह आंकड़ा बताता है कि किसान इन नए और पर्यावरण-अनुकूल मशीनों को अपना रहे हैं। यह बाज़ार 2030 तक 4.5 बिलियन डॉलर तक पहुँचने का अनुमान है। यह एक बड़ी छलांग होगी। इसका मतलब है कि आने वाले सालों में खेती में बिजली से चलने वाले ट्रैक्टरों का इस्तेमाल और भी ज़्यादा बढ़ जाएगा। यह किसानों के लिए एक अच्छी खबर है।
- नई तकनीकें इन ट्रैक्टरों को और भी बेहतर बना रही हैं। अब ये ट्रैक्टर ज़्यादा देर तक चल सकते हैं और ज़्यादा काम कर सकते हैं। इससे किसानों को अपनी खेती में और भी ज़्यादा फायदा होगा। यह खेती को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
- इलेक्ट्रिक स्प्रेयर और वीडर जैसे उपकरण भी इस बाज़ार को और बढ़ावा देंगे। ये पर्यावरण के अनुकूल उपकरण सटीक खेती की बढ़ती मांग को पूरा करते हैं और किसानों को टिकाऊ कृषि अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं। ये खाद और कीटनाशकों का सही मात्रा में इस्तेमाल करते हैं, जिससे बर्बादी कम होती है। ये उपकरण 'सटीक खेती' (precision farming) को बढ़ावा देते हैं।
- किसानों के लिए इलेक्ट्रिक ट्रैक्टरों का सबसे बड़ा फायदा है ईंधन की बचत। डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों के मुकाबले, बिजली से चलने वाले ट्रैक्टरों का खर्च काफी कम आता है। साथ ही, इन ट्रैक्टरों का रखरखाव भी आसान होता है क्योंकि इनमें डीजल इंजन की तरह कई पुर्जे नहीं होते। इससे मरम्मत का खर्च भी बचता है।
- डाइमेंशन मार्केट रिसर्च का यह आंकड़ा दिखाता है कि इलेक्ट्रिक ट्रैक्टरों का भविष्य कितना उज्ज्वल है। ये ट्रैक्टर किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे। इन ट्रैक्टरों को चार्ज करना भी आसान है। इन्हें घर पर या खेत पर भी चार्ज किया जा सकता है। यह किसानों को बार-बार पेट्रोल पंप जाने की झंझट से भी बचाता है।
कुल मिलाकर, इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर कृषि क्षेत्र में क्रांति लाने की क्षमता रखते हैं। ये पर्यावरण के अनुकूल हैं, किसानों का पैसा बचाते हैं और खेती को अधिक कुशल बनाते हैं। भारतीय किसानों के लिए यह एक सुनहरा अवसर है कि वे इस नई तकनीक को अपनाएं और अपनी आय बढ़ाएं।
किसानों का काम आसान करते Electric Tractor
नई तकनीकों से लैस Electric Tractor
- इलेक्ट्रिक स्प्रेयर और वीडर जैसे उपकरण भी इस बाज़ार को और बढ़ावा देंगे। ये पर्यावरण के अनुकूल उपकरण सटीक खेती की बढ़ती मांग को पूरा करते हैं और किसानों को टिकाऊ कृषि अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं। ये खाद और कीटनाशकों का सही मात्रा में इस्तेमाल करते हैं, जिससे बर्बादी कम होती है। ये उपकरण 'सटीक खेती' (precision farming) को बढ़ावा देते हैं।
इलेक्ट्रिक ट्रैक्टरों से होगी ईंधन की बचत
- डाइमेंशन मार्केट रिसर्च का यह आंकड़ा दिखाता है कि इलेक्ट्रिक ट्रैक्टरों का भविष्य कितना उज्ज्वल है। ये ट्रैक्टर किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे। इन ट्रैक्टरों को चार्ज करना भी आसान है। इन्हें घर पर या खेत पर भी चार्ज किया जा सकता है। यह किसानों को बार-बार पेट्रोल पंप जाने की झंझट से भी बचाता है।
कुल मिलाकर, इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर कृषि क्षेत्र में क्रांति लाने की क्षमता रखते हैं। ये पर्यावरण के अनुकूल हैं, किसानों का पैसा बचाते हैं और खेती को अधिक कुशल बनाते हैं। भारतीय किसानों के लिए यह एक सुनहरा अवसर है कि वे इस नई तकनीक को अपनाएं और अपनी आय बढ़ाएं।