₹298 करोड़ से हरियाणा में होंगे जंगल, सोलर और वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन के बड़े काम, लगाए जाएंगे 20 लाख पौधे
Gaon Connection | Apr 15, 2026, 16:59 IST
हरियाणा सरकार पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए एक बड़ी योजना लाई है। इसमें ₹298.43 करोड़ खर्च होंगे। 20 लाख से ज्यादा पेड़ लगाए जाएंगे। शहरी इलाकों में घने जंगल बनेंगे। सोलर पावर सिस्टम लगेंगे। वन्यजीवों की सुरक्षा बढ़ेगी। छात्रों के लिए जागरूकता अभियान चलेगा। यह योजना राज्य के पर्यावरण को मजबूत करेगी।
हरियाणा में हरित क्रांति की तैयारी
पर्यावरणीय स्थिरता और जलवायु के प्रति संवेदनशील शासन को बढ़ावा देने के लिए हरियाणा सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण, नवीकरणीय ऊर्जा अपनाने, वन्यजीव संरक्षण और सामुदायिक भागीदारी को जोड़ते हुए एक व्यापक योजना को मंजूरी दी है। राज्य के हरित क्षेत्र और पर्यावरणीय मजबूती को बढ़ाने के उद्देश्य से प्रतिपूरक वनीकरण प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण (CAMPA) के तहत ₹298.43 करोड़ की वार्षिक कार्ययोजना (APO) को मंजूरी दी गई है। यह फैसला मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई 10वीं स्टीयरिंग कमेटी की बैठक में लिया गया।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने कहा कि यह योजना केवल वित्तीय निवेश नहीं, बल्कि हरियाणा के पर्यावरणीय भविष्य में एक रणनीतिक निवेश है। उन्होंने इसके प्रभावी क्रियान्वयन, जवाबदेही और समयबद्ध परिणामों पर जोर दिया। CAMPA के सीईओ डॉ. नवदीप सिंह ने बताया कि इस योजना के तहत 1,882 हेक्टेयर क्षेत्र में 20 लाख से अधिक पौधे लगाए जाएंगे। साथ ही 4,518 हेक्टेयर क्षेत्र में पहले से लगे पौधों के रखरखाव का भी कार्य किया जाएगा, जिससे उनकी दीर्घकालिक सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
शहरी प्रदूषण और गर्मी को कम करने के लिए राज्य में 16 हेक्टेयर क्षेत्र में मियावाकी तकनीक (जापानी पद्धति) से घने शहरी जंगल विकसित किए जाएंगे। यह छोटे स्थानों में तेजी से बढ़ने वाले वन होंगे, जो वायु गुणवत्ता सुधारने में मदद करेंगे। हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए राज्य के 22 जिलों के वन कार्यालयों में 15 किलोवाट क्षमता के सोलर पावर सिस्टम लगाए जाएंगे। इससे पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम होगी, लागत घटेगी और कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी।
शिवालिक पहाड़ियों और अरावली क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए वहां कैचमेंट एरिया ट्रीटमेंट (CAT) कार्यों के लिए ₹33 करोड़ से अधिक की राशि मंजूर की गई है। इसके तहत मिट्टी संरक्षण, जल संचयन और खराब हो चुकी भूमि के पुनर्स्थापन पर काम किया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा। वन और वन्यजीव सुरक्षा को मजबूत करने के लिए 20 नए फॉरेस्ट चेक पोस्ट बनाए जाएंगे, 60 अतिरिक्त वनकर्मी तैनात किए जाएंगे और गश्ती वाहनों की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा घायल वन्यजीवों के लिए रेस्क्यू वाहन और वन कर्मचारियों के लिए आवास भी बनाए जाएंगे।
इस योजना में ‘हरितिमा: हरियाली का रंग, हरियाणा के संग’ नाम से एक जागरूकता अभियान भी शुरू किया जाएगा, जो कक्षा 6 से 10 तक के छात्रों को लक्षित करेगा। इसके तहत 70 इको-कैंप आयोजित किए जाएंगे, जहां छात्रों को जंगलों, वन्यजीव अभयारण्यों और इको-टूरिज्म स्थलों का अनुभव कराया जाएगा। योजना के पारदर्शी क्रियान्वयन के लिए थर्ड पार्टी मॉनिटरिंग और मूल्यांकन की व्यवस्था की गई है। साथ ही एक प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (PMU) बनाई जाएगी, जो भूमि चयन, कार्यान्वयन और विभागों के बीच समन्वय को सुनिश्चित करेगी।मयह योजना अब अंतिम मंजूरी के लिए राष्ट्रीय CAMPA को भेजी जाएगी, जिसके बाद राज्यभर में इसे लागू किया जाएगा।
20 लाख से अधिक पौधे लगाए जाएंगे
मियावाकी तकनीक से घने शहरी जंगल विकसित होंगे
20 नए फॉरेस्ट चेक पोस्ट बनाए जाएंगे
इस योजना में ‘हरितिमा: हरियाली का रंग, हरियाणा के संग’ नाम से एक जागरूकता अभियान भी शुरू किया जाएगा, जो कक्षा 6 से 10 तक के छात्रों को लक्षित करेगा। इसके तहत 70 इको-कैंप आयोजित किए जाएंगे, जहां छात्रों को जंगलों, वन्यजीव अभयारण्यों और इको-टूरिज्म स्थलों का अनुभव कराया जाएगा। योजना के पारदर्शी क्रियान्वयन के लिए थर्ड पार्टी मॉनिटरिंग और मूल्यांकन की व्यवस्था की गई है। साथ ही एक प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (PMU) बनाई जाएगी, जो भूमि चयन, कार्यान्वयन और विभागों के बीच समन्वय को सुनिश्चित करेगी।मयह योजना अब अंतिम मंजूरी के लिए राष्ट्रीय CAMPA को भेजी जाएगी, जिसके बाद राज्यभर में इसे लागू किया जाएगा।