Weather Alert: पहाड़ों में बर्फबारी का अलर्ट, मैदानी राज्यों में हो सकती है हल्की बारिश, 2-3 डिग्री तापमान में होगी गिरावट
Preeti Nahar | Jan 27, 2026, 10:19 IST
पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर भारत में मौसम बदल रहा है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बर्फबारी और बारिश का अलर्ट है। मैदानी इलाकों में भी बारिश और तेज हवाएं चलेंगी। कई राज्यों में शीतलहर और घने कोहरे का अनुमान है। तापमान में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा।
Weather Alert: इस बार जनवरी का मौमस बार-बार बदल रहा है। पहाड़ी इलाकों में जहाँ बर्फबारी हो रही है वहीं मैदानी इलाकों में ठंड ने दोबारा दस्तक दे दी है। पश्चिमी विक्षोभ यानी वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। 27 जनवरी से पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश के साथ तेज हवाओं के चलने का अलर्ट है। बात करें 28 जनवरी की तो कई राज्यों में शीत लहर की चेतावनी भी मौसम विभाग ने जारी की है।
27-28 जनवरी को भारी बर्फबारी और तूफान आने का अलर्ट है। बाते करें किन राज्यों में ये अलर्ट होगा तो जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल-प्रदेश में 27 जनवरी को मौसम बिगड़ सकता है। वहीं, उत्तराखंड में 27 जनवरी और 28 जनवरी को बारिश के साथ बर्फबारी का अनुमान है। इन सभी पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश के भी आसार हैं। बात करें हवाओं के चलने की तो आज और कल 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे के हिसाब से तेज हवाएँ चल सकती हैं। 27 जनवरी को जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी संभावना है।
मैदानी राज्यो में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में बारिश के साथ तेज हवाएँ भी चल सकती है। आज 27 जनवरी को पश्चिमी उत्तर-प्रदेश और राजस्थान में और 28 जनवरी को पूर्वी उत्तर-प्रदेश में बिजली चमकने और 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाओं के साथ हल्की बारिश हो सकती है। मध्य-प्रदेश में 27 और 28 जनवरी को बिजली चमकने के साथ हल्की बारिश हो सकती है। वहीं छत्तीसगढ़ और बिहार में हल्की बारिश के साथ तेज हवाएँ भी चल सकती है।
मौसम विभाग ने बताया है कि उत्तर-पश्चिम भारत में अगले दो दिनों में तापमान 3 से 5 डिग्री सेल्सियस बढ़ेगा, लेकिन इसके बाद फिर से इतनी ही गिरावट आएगी, जिससे ठंड लौट आएगी। मध्य भारत में भी तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस गिर सकता है। 28 से 31 जनवरी के बीच पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में कड़ाके की शीतलहर चलने की संभावना है। इसके साथ ही, कई राज्यों में घना कोहरा भी लोगों की परेशानी बढ़ाएगा। उत्तराखंड में 27 जनवरी तक, उत्तर प्रदेश में 27, 29 और 30 जनवरी को, जबकि हिमाचल प्रदेश, राजस्थान और बिहार में भी घने कोहरे का अलर्ट जारी किया गया है।
शीतलहर के साथ ही, कई राज्यों में घना कोहरा (Dense Fog) भी परेशानी बढ़ाएगा। उत्तराखंड में 27 जनवरी तक, जबकि उत्तर प्रदेश में 27, 29 और 30 जनवरी को सुबह/रात के समय घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। इसके अलावा, हिमाचल प्रदेश (28 से 31 जनवरी), राजस्थान (28 से 30 जनवरी) और बिहार (29 से 31 जनवरी) में भी घने कोहरे का अलर्ट जारी किया गया है।
वेस्टर्न डिस्टरबेंस के चलते हरियाणा में सोमवार सुबह मौसम ने करवट बदल ली है। हरियाणा के अधिकतर जिलों में बारिश देखी गई, वहीं हिसार में बारिश के साथ जमकर ओलावृष्टि हुई। एक तरफ इस बारिश को गेहूं की फसल के लिए 'अमृत' माना जा रहा है, तो वहीं अचानक गिरे ओलों ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है क्योंकि इससे फसल को नुकसान की भी आशंका है। बता दें कि सक्रिय हुए वेस्टर्न डिस्टरबेंस के चलते मौसम विभाग ने हरियाणा के 18 जिलों में भारी बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है।
नारनौल में सुबह करीब साढ़े आठ बजे बारिश शुरू हुई। वहीं, कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हुई। मौसम विभाग ने 27 और 28 जनवरी को बारिश की संभावना जताई थी जिसके बाद बारिश शुरू हो गई। भिवानी में बारिश के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में ओलावृष्टि हुई जिससे किसानों की सरसों की फसल को नुकसान पहुंचा है। किसानों का कहना है कि इस समय सरसों की फसल में पीले फूल आ चुके हैं। ओलावृष्टि और तेज हवाओं की वजह से सरसों के फूल झड़े हैं, जिसका फसल उत्पादन पर भी असर पड़ेगा।
आज और कल का मौमस
मैदानी राज्यों का मौसम अपडेट
किन राज्यों में शीतलहर का अलर्ट
कई राज्यों में घना कोहरा छाया रहेगा
हरियाणा के कई राज्यों में बारिश के साथ गिरे ओले
नारनौल में सुबह करीब साढ़े आठ बजे बारिश शुरू हुई। वहीं, कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हुई। मौसम विभाग ने 27 और 28 जनवरी को बारिश की संभावना जताई थी जिसके बाद बारिश शुरू हो गई। भिवानी में बारिश के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में ओलावृष्टि हुई जिससे किसानों की सरसों की फसल को नुकसान पहुंचा है। किसानों का कहना है कि इस समय सरसों की फसल में पीले फूल आ चुके हैं। ओलावृष्टि और तेज हवाओं की वजह से सरसों के फूल झड़े हैं, जिसका फसल उत्पादन पर भी असर पड़ेगा।