Animal Health: ICAR का नया 'मिनरल मिक्सचर' पशुओं के स्वास्थ्य और उत्पादन को बढ़ाएगा
Gaon Connection | Mar 24, 2026, 15:07 IST
मथुरा स्थित केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान ने विशेष रूप से पशुओं के लिए एक नया मिनरल मिक्सचर 'GMIN FORTE' विकसित किया है। यह उत्तर प्रदेश की विशेष मिट्टी, पानी और चारे की खनिज आवश्यकताओं को पूरा करता है। इसके उपयोग से पशुओं का संपूर्ण विकास, उनकी प्रजनन क्षमता और रोगों के प्रति प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि देखने को मिलेगी।
दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए करे ये उपाय
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के तहत काम करने वाले केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान, मथुरा ने पशुओं के स्वास्थ्य और उत्पादन को बेहतर बनाने के लिए एक खास मिनरल मिक्सचर "GMIN FORTE" विकसित किया है। यह मिश्रण उत्तर प्रदेश की मिट्टी, पानी और चारे में खनिजों की कमी को पूरा करने के लिए तैयार किया गया है। वैज्ञानिकों ने इन तत्वों का गहन अध्ययन करके यह मिश्रण बनाया है, जो पशुओं के विकास, प्रजनन क्षमता और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। इससे न केवल पशुओं का स्वास्थ्य सुधरता है, बल्कि दूध उत्पादन भी बढ़ता है, जिससे पशुपालकों की आय में वृद्धि होती है। यह नवाचार पशुपालन को अधिक लाभदायक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
पशुओं में खनिज तत्वों की कमी एक बड़ी समस्या है। यह उनके स्वास्थ्य पर बुरा असर डालती है, दूध उत्पादन कम कर देती है और प्रजनन में भी दिक्कतें पैदा करती है। इस समस्या से निपटने के लिए ही केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान, मथुरा ने "GMIN FORTE" नाम का यह खास मिनरल मिक्सचर बनाया है। यह मिश्रण उत्तर प्रदेश की खास परिस्थितियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। वैज्ञानिकों ने वहां की मिट्टी, पानी और चारे में मौजूद खनिजों की कमी का पता लगाया और उसी के अनुसार यह मिश्रण तैयार किया।
"GMIN FORTE" को पशुओं के चारे में मिलाकर देने से उनके शरीर का विकास तेजी से होता है। साथ ही, उनकी प्रजनन क्षमता भी बेहतर होती है। यह मिश्रण उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत करता है, जिससे वे बीमारियों से आसानी से लड़ पाते हैं। जब पशु स्वस्थ रहते हैं, तो उनका उत्पादन भी बढ़ता है। खासकर दूध उत्पादन में सुधार होता है, जिसका सीधा फायदा पशुपालकों को मिलता है और उनकी कमाई बढ़ती है।
ICAR के अनुसार, यह एक वैज्ञानिक तरीका है जिससे पशुओं को सही पोषण मिल सके। यह सिर्फ बकरियों के लिए ही नहीं, बल्कि अन्य मवेशियों के लिए भी फायदेमंद है। यह पशुपालन को और भी ज्यादा लाभकारी बनाने में मदद कर सकता है। यह नवाचार पशुपालकों के लिए एक अच्छी खबर है, जो अपने पशुओं को स्वस्थ और उत्पादक बनाना चाहते हैं।