IMD Weather Alert: अगले कुछ दिनों हिमालय से मैदानी इलाकों तक बदलेगा मौसम का मिज़ाज़
Gaon Connection | Jan 21, 2026, 13:34 IST
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ अगले हफ्ते हिमालयी क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी को बढ़ाएगा, जबकि मैदानी इलाकों में 22-24 जनवरी के बीच हल्की से मध्यम बारिश और तेज़ हवाओं की संभावना है।
अगले कुछ दिनों में कश्मीर से लेकर राजस्थान तक बदलेगा मौसम ।
आने वाले कुछ दिनों में पहाड़ों से लेकर मैदानी क्षेत्रों में मौसम बदलने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार कारण जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 22 से 26 जनवरी के बीच बारिश और बर्फबारी की संभावना है, जिसमें खास तौर पर कश्मीर घाटी और ऊँचे हिस्सों में 22 और 23 जनवरी को भारी बर्फबारी का सिलसिला देखने को मिल सकता है।
पश्चिमी विक्षोभ का असर सिर्फ पहाड़ों तक सीमित नहीं रहेगा। IMD का पूर्वानुमान बताता है कि 22 से 24 जनवरी के दौरान पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके साथ ही 22 और 23 जनवरी को इन इलाकों के अलावा राजस्थान, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में गरज-चमक और तेज़ हवाएँ (30-40 किमी/घंटा) की गतिविधियाँ भी देखने को मिल सकती हैं।
IMD ने पिछले दिनों भी मैदानी राज्यों में घने से बहुत घने कोहरे का अलर्ट जारी किया था, जो कि उत्तर भारत के कई हिस्सों में 22 जनवरी तक भी बना रहने की संभावना है। कोहरे के कारण दृश्यता काफी कम रह सकती है, जिससे सुबह-शाम की यात्रा जोखिमभरी बनी रहेगी। इससे सड़क हादसों और ट्रैफिक देरी की संभावना बढ़ जाती है, खासकर दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और बिहार जैसे इलाकों में पहले ही मौसम कड़ाके की ठंड के साथ धुंध का सामना कर रहे हैं।
IMD के आंकड़ों के अनुसार, पिछले कई दिनों से हिमालयी क्षेत्र में न्यूनतम तापमान लगभग 0 °C के आसपास या उससे नीचे रिकॉर्ड हो रहा है, जबकि मैदानी इलाकों में यह सामान्य से काफी कम बना हुआ है। ठंड और कोहरे के बीच पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तरी और मध्य भारत के तापमान में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है।
कोहरे, सर्दी और बारिश-बर्फबारी इन तीनों मौसमी रूपों के संयोजन का सीधा असर स्वास्थ्य और यातायात पर होता है। कोहरे और ठंड-भरे मौसम में सांस की बीमारियाँ, खांसी-जुकाम और अस्थमा जैसे लक्षण बढ़ सकते हैं, विशेषकर बुज़ुर्ग और छोटे बच्चों में। साथ ही कम दृश्यता और अनिश्चित मौसम के कारण सड़क, रेल और हवाई यात्रा में देरी और बाधा की संभावना भी बढ़ सकती है। IMD ने लोगों को मौसम अपडेट पर नजर रखने और आवश्यक सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
खड़ी रबी फसलों पर ठंड, कोहरा और बारिश का मिश्रित असर पड़ सकता है। IMD की चेतावनी के अनुसार किसानों को फसलों की सुरक्षा उपायों जैसे सिंचाई, मल्चिंग और पौधों को ढकने पर ध्यान देना चाहिए। खास तौर पर उन इलाकों में जहां 22-24 जनवरी के दौरान बारिश और बर्फबारी होने का अनुमान है, वहाँ खेतों में संतुलित जल प्रबंधन और फसल सुरक्षा रणनीति जरूरी होगी।
पश्चिमी विक्षोभ का असर सिर्फ पहाड़ों तक सीमित नहीं रहेगा। IMD का पूर्वानुमान बताता है कि 22 से 24 जनवरी के दौरान पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके साथ ही 22 और 23 जनवरी को इन इलाकों के अलावा राजस्थान, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में गरज-चमक और तेज़ हवाएँ (30-40 किमी/घंटा) की गतिविधियाँ भी देखने को मिल सकती हैं।
IMD ने पिछले दिनों भी मैदानी राज्यों में घने से बहुत घने कोहरे का अलर्ट जारी किया था, जो कि उत्तर भारत के कई हिस्सों में 22 जनवरी तक भी बना रहने की संभावना है। कोहरे के कारण दृश्यता काफी कम रह सकती है, जिससे सुबह-शाम की यात्रा जोखिमभरी बनी रहेगी। इससे सड़क हादसों और ट्रैफिक देरी की संभावना बढ़ जाती है, खासकर दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और बिहार जैसे इलाकों में पहले ही मौसम कड़ाके की ठंड के साथ धुंध का सामना कर रहे हैं।
ठंड और कोहरे के बीच पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तरी और मध्य भारत के तापमान में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है।
IMD के आंकड़ों के अनुसार, पिछले कई दिनों से हिमालयी क्षेत्र में न्यूनतम तापमान लगभग 0 °C के आसपास या उससे नीचे रिकॉर्ड हो रहा है, जबकि मैदानी इलाकों में यह सामान्य से काफी कम बना हुआ है। ठंड और कोहरे के बीच पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तरी और मध्य भारत के तापमान में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है।
कोहरे, सर्दी और बारिश-बर्फबारी इन तीनों मौसमी रूपों के संयोजन का सीधा असर स्वास्थ्य और यातायात पर होता है। कोहरे और ठंड-भरे मौसम में सांस की बीमारियाँ, खांसी-जुकाम और अस्थमा जैसे लक्षण बढ़ सकते हैं, विशेषकर बुज़ुर्ग और छोटे बच्चों में। साथ ही कम दृश्यता और अनिश्चित मौसम के कारण सड़क, रेल और हवाई यात्रा में देरी और बाधा की संभावना भी बढ़ सकती है। IMD ने लोगों को मौसम अपडेट पर नजर रखने और आवश्यक सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
खड़ी रबी फसलों पर ठंड, कोहरा और बारिश का मिश्रित असर पड़ सकता है। IMD की चेतावनी के अनुसार किसानों को फसलों की सुरक्षा उपायों जैसे सिंचाई, मल्चिंग और पौधों को ढकने पर ध्यान देना चाहिए। खास तौर पर उन इलाकों में जहां 22-24 जनवरी के दौरान बारिश और बर्फबारी होने का अनुमान है, वहाँ खेतों में संतुलित जल प्रबंधन और फसल सुरक्षा रणनीति जरूरी होगी।