JUTE MSP: जूट किसानों के लिए MSP में बड़ी बढ़ोतरी, 2026-27 के लिए ₹5,925 प्रति क्विंटल तय

Gaon Connection | Feb 25, 2026, 11:07 IST
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जूट उगाने वाले किसानों के लिए राहत भरी घोषणा आई है। केंद्र सरकार ने कच्चे जूट का MSP बढ़ाकर अब 5,925 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। नए दाम से न केवल किसानों की आमदनी में इजाफा होगा, बल्कि जूट की बुवाई और उत्पादन को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में जूट किसानों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। विपणन सत्र 2026-27 के लिए कच्चे जूट के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को बढ़ाकर 5,925 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है। सरकार का कहना है कि यह बढ़ोतरी जूट किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें बेहतर आर्थिक सुरक्षा को ध्यान में रखकर तय की गई है। सरकार का कहना है कि यह नया MSP उत्पादन लागत से 61.8 प्रतिशत अधिक रिटर्न सुनिश्चित करेगा, जिससे किसानों को अच्छा मुनाफा मिलने की उम्मीद है।

टीडी-3 ग्रेड के कच्चे जूट के लिए बढ़ी MSP

यह नया एमएसपी टीडी-3 ग्रेड के कच्चे जूट के लिए है और पिछले विपणन सत्र 2025-26 की तुलना में 275 रुपये प्रति क्विंटल अधिक है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, यह नया एमएसपी अखिल भारतीय औसत उत्पादन लागत से लगभग 61.8 प्रतिशत अधिक रिटर्न सुनिश्चित करेगा। इसका सीधा मतलब है कि जूट की खेती करने वाले किसानों को अब लागत निकालने के बाद भी अच्छा मुनाफा मिलने की उम्मीद है। इससे जूट उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और किसान इस फसल की ओर और अधिक आकर्षित होंगे।

लगभग ढ़ाई गुना बढ़ी MSP

अगर बीते वर्षों की तुलना करें तो वर्ष वर्ष 2014–15 में कच्चे जूट का MSP ₹2,400 प्रति क्विंटल था, जो अब बढ़कर ₹5,925 प्रति क्विंटल हो गया है। यानी करीब ₹3,525 प्रति क्विंटल (लगभग ढ़ाई गुना) की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह तुलना दिखाती है कि पिछले दशक में किसानों को एमएसपी के तहत काफी अधिक राशि का भुगतान किया गया है।

कहाँ होता है जूट का उत्पादन

जूट पूर्वी भारत के कई राज्यों, खासकर पश्चिम बंगाल, बिहार, असम और ओडिशा के किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण नकदी फसल है। एमएसपी में इस बढ़ोतरी से इन राज्यों के लाखों जूट किसानों को राहत मिलेगी। साथ ही, इससे जूट उद्योग को भी मजबूती मिलेगी और ग्रामीण इलाकों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

किसानों को MSP का मिले पूरा लाभ

भारतीय जूट निगम (जेसीआई) मूल्य समर्थन संचालन करने के लिए केंद्र सरकार की नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करना जारी रखेगी और ऐसे संचालन में होने वाले किसी भी नुकसान की भरपाई पूरी तरह से केंद्र सरकार की ओर से की जाएगी। यह सुनिश्चित करता है कि किसानों को एमएसपी का पूरा लाभ मिले।

पश्चिम बंगाल सबसे बड़ा जूट उत्पादन

भारत दुनिया का सबसे बड़ा कट्टा जूट उत्पादक देश है। इसका सबसे अधिक उत्पादन पश्चिम बंगाल, बिहार और असम जैसे राज्यों में होता है। पश्चिम बंगाल की जूट उत्पादन में हिस्सेदारी 80 प्रतिशत से अधिक है। आपको बता दें कि MSP का लागू करने की जिम्मेदारी भारतीय जूट निगम के पास रहेगी।

यदि खरीद के दौरान कोई नुकसान होता है तो उसकी भरपाई की जिम्मेदारी भी भी केंद्र सरकार की होगी। कुल मिलाकर, कच्चे जूट की एमएसपी में यह बढ़ोतरी किसानों की आमदनी बढ़ाने, आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भर कृषि की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। सरकार का यह फैसला जूट किसानों को न सिर्फ भरोसा देगा, बल्कि उन्हें भविष्य में खेती जारी रखने के लिए भी प्रोत्साहित करेगा।
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